By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: गोवा: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राष्ट्रीय सीमा शुल्क और जीएसटी संग्रहालय – ‘धरोहर’ को राष्ट्र को समर्पित किया
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > गोवा: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राष्ट्रीय सीमा शुल्क और जीएसटी संग्रहालय – ‘धरोहर’ को राष्ट्र को समर्पित किया
देशफीचर्ड

गोवा: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राष्ट्रीय सीमा शुल्क और जीएसटी संग्रहालय – ‘धरोहर’ को राष्ट्र को समर्पित किया

Rajesh Dabral
Last updated: September 15, 2022 4:31 pm
Rajesh Dabral
Published: June 11, 2022
Share
SHARE

केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने 6 से 12 जून तक मनाए जा रहे वित्त मंत्रालय के आजादी का अमृत महोत्सव प्रतिष्ठित सप्ताह के हिस्से के रूप में आज गोवा में राष्ट्रीय सीमा शुल्क और जीएसटी संग्रहालय- “धरोहर” को राष्ट्र को समर्पित किया। इस समर्पण समारोह एक अनोखे तरीके से संपन्न किया गया। वित्त मंत्री ने सदियों पुरानी विरासत भवन में स्थापित एकल रॉक कला से सुनहरी रेत को हटाकर इसी भवन में स्थित संग्रहालय को राष्ट्र को समर्पित किया। दो मंजिला ‘ब्लू बिल्डिंग’, जिसे पहले गोवा में पुर्तगाली शासन की अवधि के दौरान अल्फांडेगा के नाम से जाना जाता था, 400 से अधिक वर्षों से पणजी में मंडोवी नदी के तट पर स्थित है।

इस समर्पण समारोह में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री  पंकज चौधरी और गोवा सरकार में परिवहन, पर्यटन और पंचायत मंत्री मौविन गोडिन्हो उपस्थित थे।

धरोहर देश में अपनी तरह का एक अलग संग्रहालय है जो न केवल भारतीय सीमा शुल्क द्वारा जब्त की गई कलाकृतियों को प्रदर्शित करता है बल्कि देश की आर्थिक सीमाओं, इसकी विरासत, वनस्पतियों एवं जीवों और समाज की रक्षा करते हुए सीमा शुल्क विभाग द्वारा किए गए कार्यों के विभिन्न पहलुओं को भी दर्शाता है। .

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/Dharohar2.JPEG.jpg8R7L.png

‘धरोहर’ में 8 दीर्घाएं हैं जैसे: परिचयात्मक दीर्घा, कराधान इतिहास दीर्घा, हमारी आर्थिक सीमा संरक्षक दीर्घा, हमारी कला और विरासत के संरक्षक, वनस्पतियों और जीवों के संरक्षक, हमारे सामाजिक कल्याण के संरक्षक, अप्रत्यक्ष करों की यात्रा – नमक कर जीएसटी और जीएसटी दीर्घा।

धरोहर संग्रहालय का टूर डे फोर्स एक अद्वितीय ‘बैटल ऑफ विट’ दीर्घा है जो तस्करों और सीमा शुल्क अधिकारियों के बीच दिमागी लड़ाई को प्रदर्शित करता है। इसमें पुराने जमाने में बरामद किए गए प्राचीन सिक्के, मूर्तियां, लुप्तप्राय वन्यजीव, हथियार और नशीले पदार्थ हैं। यह संग्रहालय वर्षों से सीमा शुल्क विभाग के कामकाज को देखने का दुर्लभ अवसर प्रदान करता है। इससे उत्पन्न होने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव करने में मदद मिलती है और साथ ही साथ राष्ट्र की उल्लेखनीय सेवा की जाती है।

इसमें प्रदर्शित की गई वस्तुओं में रक्सौल में भारत-नेपाल सीमा पर भारतीय सीमा शुल्क द्वारा पृथक किए गए आइन-ए-अकबरी की पांडुलिपि, कौरक्षेत्र से अमीन स्तंभों की प्रतिकृति, मध्ययुगीन काल के खगोलीय उपकरण, धातु और पत्थर की जब्त कलाकृतियां, हाथी दांत की वस्तुएं और वन्यजीव वस्तुएं उल्लेखनीय हैं।

जीएसटी दीर्घा धरोहर संग्रहालय का बिल्कुल नया हिस्सा है। देश में अपनी तरह की पहली पहल यह जीएसटी दीर्घा हमें दो दशकों में जीएसटी की लंबी और कठिन यात्रा से परिचय कराती है। 2000 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार द्वारा जीएसटी पर चर्चा की शुरूआत से इस दीर्घा में जीएसटी के विभिन्न चरणों और प्रक्रियाओं का वर्णन है, जिन्होंने 1 जुलाई 2017 को जीएसटी के रूप में एकीकृत अप्रत्यक्ष कराधान में सुधार का मार्ग प्रशस्त किया।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/WhatsAppImage2022-06-11at5.27.08PMEU2X.jpeg

संग्रहालय के ई-कैटलॉग में प्रासंगिक जानकारी के साथ संग्रहालय में प्रदर्शित विभिन्न वस्तुओं के बेहतरीन चित्र होते हैं। यह ई-कैटलॉग क्यूआर कोड का उपयोग करके डाउनलोड करने योग्य है। यह न केवल आगंतुकों के लिए बल्कि पुरातत्व और प्राचीन इतिहास के विद्वानों के लिए भी जानकारी के तैयार साधन (रेडी रेकनर) के रूप में काम करेगा।

 

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/Dharohar.JPEGH6PZ.jpg

‘धरोहर’ भारत के पर्यटन मानचित्र के लिए एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और गोवा में इस आकर्षण को अवश्य देखना चाहिए।

You Might Also Like

दिल्ली पुलिस कमिश्नर बने सतीश गोलचा, 1992 बैच के IPS अधिकारी
देहरादून में दर्दनाक हादसा: 11 हजार वोल्ट की लाइन से छू गया बिजली का खंभा, एक कर्मचारी की मौत, चार गंभीर रूप से झुलसे
कर्नाटक : ‘तुमकुरु औद्योगिक टाउनशिप’ की एचएएल हेलीकॉप्टर फैक्ट्री को राष्ट्र को समर्पित
आपदा प्रबंधन से लेकर जनसुविधाओं तक: CM धामी ने अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश
ED की 9 घंटे लंबी पूछताछ के घेरे में पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत, खुद बताया राजनीतिक साजिश
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तराखंडफीचर्ड

उत्तराखंड में उच्च शिक्षा का नया सवेरा: सिर्फ डिग्री नहीं, अब रोजगार और शोध पर फोकस; हर यूनिवर्सिटी गोद लेगी 5 गांव, बनेगा स्पेशल ऑनलाइन पोर्टल

The Hill India News
The Hill India News
July 19, 2026
PNB Q1 Results: पंजाब नेशनल बैंक का मुनाफा तीन गुना से ज्यादा बढ़ा, जून तिमाही में कमाया ₹5,253 करोड़ का बंपर प्रॉफिट; सुधरा एसेट क्वालिटी
मिडिल-ईस्ट में महायुद्ध: जॉर्डन में अमेरिकी एयरबेस पर ईरान का भीषण मिसाइल हमला, 2 सैनिकों की मौत; कुवैत में भी भारी तबाही
IMD Weather Update: देश के 5 राज्यों में मानसून की भारी तबाही, अमरनाथ और वैष्णो देवी यात्राएं रुकीं; कई जिलों में रेड अलर्ट
राहुल गांधी के हस्तक्षेप के बाद सात मोड़ पर प्रस्तावित पेड़ों के कटान पर लगी रोक, पर्यावरण प्रेमियों के संघर्ष को मिली बड़ी सफलता : मोहित उनियाल
लोकसभा में ‘38+4’ का गणित क्यों बना एनडीए की सबसे बड़ी चुनौती? महिला आरक्षण, वन नेशन-वन इलेक्शन और यूसीसी जैसे अहम विधेयकों पर टिकी नजर
भारत में आएंगे प्लास्टिक के नोट! RBI की नई तैयारी से बदलेगी करेंसी की तस्वीर, जानिए क्या होंगे फायदे और क्यों नहीं बंद होगी कागजी मुद्रा
“प्रकृति को बचाकर ही होगा सच्चा विकास” : देहरादून–ऋषिकेश मार्ग पर वृक्ष कटान के बीच पद्मश्री एवं पद्मभूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी का बड़ा संदेश
पाकिस्तान-कुवैत रक्षा समझौते की तैयारी: सऊदी मॉडल पर बढ़ती रणनीतिक साझेदारी, ईरान संकट के बीच बदलेगा पश्चिम एशिया का शक्ति संतुलन?
गाजीपुर-बलिया-मांझीघाट एक्सप्रेसवे बनेगा पूर्वी भारत की नई लाइफलाइन, दिल्ली-NCR से बिहार तक हाईस्पीड कनेक्टिविटी का खुलेगा नया दौर
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?