हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार में जिला अस्पताल परिसर में देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब दो पक्षों के बीच चल रहा विवाद मेडिकल कराने के दौरान एक बार फिर भड़क गया। देखते ही देखते एक पक्ष के कई लोग जिला अस्पताल परिसर में पहुंच गए और दूसरे पक्ष पर हमला करने का प्रयास किया। हमलावरों के हाथों में ईंट-पत्थर और धारदार हथियार दिखाई दिए। घटना के दौरान अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर जमकर हंगामा हुआ और पत्थरबाजी के कारण इमरजेंसी कक्ष के शीशे भी क्षतिग्रस्त हो गए।
पूरी घटना अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मेडिकल कराने पहुंचे थे दोनों पक्ष
जानकारी के मुताबिक, देर रात किसी विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच मारपीट हुई थी। विवाद के बाद दोनों पक्ष मेडिकल जांच कराने के लिए मेला अस्पताल परिसर स्थित जिला अस्पताल पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि रात करीब 12 बजे अस्पताल परिसर में एक बार फिर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई।
इसी दौरान एक पक्ष के कई लोग अचानक जिला अस्पताल पहुंच गए। हमलावरों के हाथों में ईंट-पत्थर और धारदार हथियार बताए जा रहे हैं। हमले की आशंका को देखते हुए दूसरे पक्ष के कुछ लोग भागकर अस्पताल की इमरजेंसी के अंदर चले गए। इसके बाद अस्पताल कर्मचारियों ने तत्काल इमरजेंसी का गेट बंद कर दिया, जिससे हमलावर अंदर प्रवेश नहीं कर सके।
ईंट-पत्थरों से इमरजेंसी के शीशे तोड़े
वायरल सीसीटीवी फुटेज में कई लोग अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर दिखाई दे रहे हैं। कुछ लोग इमरजेंसी के गेट की ओर पत्थर फेंकते नजर आ रहे हैं। फुटेज में एक व्यक्ति के हाथ में धारदार लोहे का हथियार भी दिखाई दे रहा है। हेलमेट पहने यह व्यक्ति हथियार लहराते हुए इमरजेंसी के गेट तक पहुंचता है और गेट खोलने का प्रयास करता दिखाई देता है।
अचानक हुए इस हंगामे के कारण अस्पताल परिसर में मौजूद मरीजों और उनके तीमारदारों में भी दहशत का माहौल बन गया। इमरजेंसी के बाहर हुए पथराव में कक्ष के शीशे क्षतिग्रस्त हो गए। इस दौरान अस्पताल में तैनात कर्मचारियों ने सूझबूझ दिखाते हुए गेट बंद कर दिया, जिससे हमलावर इमरजेंसी के अंदर प्रवेश नहीं कर सके।
अस्पताल प्रशासन ने तुरंत पुलिस को दी सूचना
मेला अस्पताल के सीएमएस डॉ. शशिकांत ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि सीसीटीवी फुटेज में बड़ी संख्या में लोग अस्पताल की ओर आते हुए दिखाई दे रहे हैं। कई लोगों के हाथों में ईंट-पत्थर और लोहे के धारदार हथियार नजर आ रहे हैं। भीड़ द्वारा इमरजेंसी कक्ष के शीशे पर ईंट-पत्थर मारे गए और अस्पताल के अंदर प्रवेश करने का प्रयास किया गया।
उन्होंने बताया कि ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने तत्काल गेट बंद कर दिया, जिससे हमलावर इमरजेंसी के भीतर नहीं पहुंच सके। इससे अस्पताल में भर्ती मरीजों, चिकित्सकों और अन्य कर्मचारियों की सुरक्षा बनी रही। अस्पताल प्रशासन की ओर से घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई और सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
पुलिस ने शुरू की आरोपियों की पहचान
घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने भी मामले को गंभीरता से लिया है। सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया कि वायरल वीडियो का संज्ञान लिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि यह मामला महिला पर फायरिंग से संबंधित घटना से जुड़ा है, तो उस मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। साथ ही अस्पताल में मारपीट और हंगामा करने वाले लोगों की भी पहचान कराई जा रही है।
पुलिस सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अस्पताल परिसर में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और मरीजों व अस्पताल कर्मचारियों की सुरक्षा को खतरे में डालने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल
जिला अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर देर रात इस तरह बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने और हथियार लहराने की घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल में हर समय गंभीर मरीजों के साथ चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारी मौजूद रहते हैं। ऐसे में किसी विवाद के बाद भीड़ का अस्पताल परिसर तक पहुंच जाना गंभीर स्थिति पैदा कर सकता था।
हालांकि, समय रहते इमरजेंसी का गेट बंद कर दिए जाने के कारण हमलावर अंदर प्रवेश नहीं कर सके और अस्पताल के भीतर मौजूद मरीजों एवं कर्मचारियों को किसी बड़े खतरे से बचाया जा सका। अब पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई थी और अस्पताल परिसर में हंगामा करने वाले लोगों में कौन-कौन शामिल था।
फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज, वायरल वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। आरोपियों की पहचान के बाद उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन और पुलिस दोनों की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सतर्कता बढ़ाई गई है।
