पटना। ज्ञान बिंदु कोचिंग से जुड़े विवाद और प्रिंस यादव की मौत के मामले में जेल से बाहर आने के बाद रोशन आनंद ने मीडिया के सामने भावुक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अपने भाई प्रिंस यादव को याद करते हुए गहरा दुख जताया और कहा कि उन्होंने अपने जीवन का सबसे बड़ा सहारा खो दिया है। इस दौरान उन्होंने सनातन धर्म के सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके धर्म में सत्य, अहिंसा और सदाचार की शिक्षा दी जाती है, न कि किसी के प्रति हिंसा या द्वेष की।
रोशन आनंद ने कहा, “हम सनातनी हिंदू हैं। हमारे धर्म में सत्यता और साधुता का मार्ग दिखाया जाता है। हमें किसी को मारना या नुकसान पहुंचाना नहीं सिखाया जाता। हम सत्य और अहिंसा की राह पर चलने वाले लोग हैं और इसी रास्ते पर अपनी लड़ाई लड़ेंगे।” उनके इस बयान को मौजूद लोगों ने गंभीरता से सुना और कई समर्थकों ने उनका हौसला बढ़ाने की कोशिश की।
भाई की मौत का दर्द बयान करते हुए भावुक हुए रोशन आनंद
मीडिया से बातचीत के दौरान जब उनसे उनके भाई प्रिंस यादव के बारे में पूछा गया तो वह भावुक हो गए। रोशन आनंद ने कहा कि उन्होंने अपने “जिगर का टुकड़ा” खो दिया है। उन्होंने कहा कि जीवन में कुछ नुकसान ऐसे होते हैं जिन्हें कभी भरा नहीं जा सकता और उनके लिए यह घटना उसी तरह का एक गहरा आघात है।
उन्होंने कहा, “मैंने वह खोया है जिसे कोई वापस नहीं ला सकता। मेरा भाई मेरे लिए सिर्फ परिवार का सदस्य नहीं था, बल्कि मेरे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा था।” इतना कहते-कहते उनकी आंखें नम हो गईं और वह फूट-फूटकर रो पड़े। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें संभालने और सांत्वना देने का प्रयास किया।
फैजल खान पर लगाए गंभीर आरोप
रोशन आनंद ने इस मामले में फैजल खान पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उनके और उनके संस्थान की बढ़ती लोकप्रियता कुछ लोगों को पसंद नहीं आ रही थी। उन्होंने कहा कि उनके अनुसार यह पूरा मामला एक साजिश का हिस्सा हो सकता है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि “फैजल खान पढ़ाने से ज्यादा समय षड्यंत्र रचने में लगाते हैं। जब उन्हें लगा कि रोशन आनंद आगे बढ़ रहा है तो उसके खिलाफ माहौल बनाया गया।” हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा की जा रही है।
पुलिस जांच की मांग और सहयोग का भरोसा
रोशन आनंद ने कहा कि वह मामले की निष्पक्ष जांच चाहते हैं और इसके लिए पटना पुलिस को हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने आनी चाहिए ताकि लोगों के मन में जो भी सवाल हैं उनका जवाब मिल सके।
उनका कहना था कि यदि किसी भी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि न्यायिक प्रक्रिया पर उनका पूरा भरोसा है और वह चाहते हैं कि जांच तथ्यों के आधार पर आगे बढ़े।
विद्यार्थियों से भावनाओं में न बहने की अपील
अपने बयान के अंत में रोशन आनंद ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें किसी भी व्यक्ति या संस्था के प्रभाव में आकर भावनात्मक निर्णय नहीं लेना चाहिए। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे तथ्यों को समझें, शिक्षा पर ध्यान दें और किसी के बहकावे में न आएं।
उन्होंने कहा, “मैं विद्यार्थियों से निवेदन करता हूं कि वे भावनाओं में बहकर कोई निर्णय न लें। शिक्षा और अपने भविष्य पर ध्यान दें। किसी भी व्यक्ति द्वारा भावनात्मक रूप से प्रभावित होने के बजाय सही और गलत का फैसला तथ्यों के आधार पर करें।”
प्रिंस यादव की मौत और उससे जुड़े विवाद ने बिहार के शैक्षणिक जगत में बड़ी चर्चा पैदा कर दी है। फिलहाल सभी की नजरें जांच एजेंसियों और पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और उसके निष्कर्ष इस पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
