UP IAS Transfer 2026: उत्तर प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 38 आईएएस अधिकारियों का तबादला; कई जिलों के डीएम बदले
लखनऊ: देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा से ठीक पहले, उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। राज्य में देर रात हुए एक बड़े तबादला अभियान के तहत 38 भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों के ट्रांसफर कर दिए गए हैं। इस फेरबदल में राज्य के कई महत्वपूर्ण जिलों के जिलाधिकारियों (DM) को बदल दिया गया है, जो कि आगामी प्रशासनिक और विकास कार्यों की गति को तेज करने के सरकार के प्रयासों का हिस्सा माना जा रहा है।
इन प्रमुख जिलों के बदले गए जिलाधिकारी
इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल के अंतर्गत मुरादाबाद, संभल, फिरोजाबाद और जौनपुर सहित कई जिलों के जिलाधिकारी (DM) बदल दिए गए हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, जिन अन्य जिलों में नए जिलाधिकारियों की तैनाती की गई है, उनमें महराजगंज, प्रतापगढ़, मऊ और देवरिया शामिल हैं। सरकार ने प्रशासनिक कसावट लाने के उद्देश्य से इन महत्वपूर्ण पदों पर नए और अनुभवी अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है, ताकि योजनाओं का सुचारू क्रियान्वयन हो सके।
रिंकू सिंह राही को जालौन का संयुक्त मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया
इस फेरबदल के बीच सबसे अधिक चर्चा का विषय रिंकू सिंह राही की नई नियुक्ति रही है। उन्हें जालौन का संयुक्त मजिस्ट्रेट बनाया गया है। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों रिंकू सिंह राही ने देश की महामहिम राष्ट्रपति को अपना तकनीकी इस्तीफा भेज दिया था। उन्होंने अपने इस्तीफे में यह आरोप लगाया था कि उन्हें स्वतंत्र रूप से काम करने का अवसर नहीं दिया जा रहा है। हालाँकि, बाद में उच्च स्तरीय बातचीत और परिस्थितियों के आकलन के बाद उन्होंने अपना इस्तीफा वापस ले लिया था और एक बार फिर अपनी प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालने के लिए तैयार हैं। उनकी यह नियुक्ति राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में खासी चर्चा का विषय बनी हुई है।
यूपी में लगातार प्रशासनिक फेरबदल का दौर
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हाल के दिनों में किए गए उत्तर प्रदेश आईएएस ट्रांसफर (Uttar Pradesh IAS Transfer) को बहुत ही रणनीतिक माना जा रहा है। यह प्रशासनिक फेरबदल किसी एक दिन में नहीं हुआ, बल्कि पिछले एक महीने के भीतर यह तीसरी बड़ी प्रशासनिक सर्जरी है, जो सरकार की चुस्त कार्यप्रणाली को दर्शाती है।
पिछले महीने हुआ था 40 अधिकारियों का बड़ा ट्रांसफर
इससे पहले 20 अप्रैल 2026 को रविवार देर रात योगी सरकार ने 40 आईएएस अधिकारियों का तबादला किया था, जिसमें 15 जिलों के जिलाधिकारी बदले गए थे। इस फेरबदल में कई महत्वपूर्ण जिले जैसे आगरा, सुल्तानपुर, बुलंदशहर, श्रावस्ती, शामली, सहारनपुर, अमरोहा और हमीरपुर शामिल थे।
इस सूची के अगले दिन, 21 अप्रैल के आसपास, 24 और आईएएस अधिकारियों के ट्रांसफर की सूची जारी की गई, जिसमें 10 और जिलों के डीएम बदले गए थे। इनमें अयोध्या और बाराबंकी जैसे प्रमुख जिले शामिल थे। यदि दोनों दिनों के आंकड़ों को मिलाया जाए, तो मात्र 18 घंटे के भीतर लगभग 64 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए गए थे। यह भारतीय प्रशासनिक इतिहास में काफी तेज गति से किए गए तबादलों में से एक माना गया।
29 मार्च को भी हुए थे 9 अधिकारियों के तबादले
इसके अलावा, 29 मार्च को भी 9 आईएएस अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया था। उस आदेश के तहत नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग में प्रमुख सचिव एस.एम. देवराज को उनके मौजूदा पद के साथ-साथ प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी के महानिदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था।
साथ ही, अनुराग यादव को समाज कल्याण एवं सैनिक कल्याण विभाग का प्रमुख सचिव नियुक्त किया गया था। आलोक कुमार-III को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था। इससे यह स्पष्ट होता है कि उत्तर प्रदेश सरकार प्रशासनिक स्तर पर निरंतर सुधार और जिम्मेदारी के बंटवारे को लेकर सक्रिय है।
प्रशासनिक और राजनीतिक निहितार्थ
इस उत्तर प्रदेश आईएएस ट्रांसफर के राजनीतिक निहितार्थ भी निकाले जा रहे हैं। पांच राज्यों के चुनावी नतीजों के आने से ठीक पहले उत्तर प्रदेश में इस तरह के बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल का होना राज्य के प्रशासनिक ढांचे को और अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनता के प्रति संवेदनशील बनाने का संकेत देता है।
सभी नए अधिकारियों को अपने-अपने जिलों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर समयबद्ध तरीके से उतारने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। आगामी कुछ दिनों में इन अधिकारियों के कामकाज से राज्य की प्रशासनिक तस्वीर और अधिक साफ हो सकेगी।



