By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: अल्मोड़ा-हल्द्वानी मार्ग पर दर्दनाक हादसा: शिप्रा नदी में कार गिरने से तीन शिक्षकों की मौत, एक घायल—रातभर चला रेस्क्यू अभियान
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > अल्मोड़ा-हल्द्वानी मार्ग पर दर्दनाक हादसा: शिप्रा नदी में कार गिरने से तीन शिक्षकों की मौत, एक घायल—रातभर चला रेस्क्यू अभियान
उत्तराखंडफीचर्ड

अल्मोड़ा-हल्द्वानी मार्ग पर दर्दनाक हादसा: शिप्रा नदी में कार गिरने से तीन शिक्षकों की मौत, एक घायल—रातभर चला रेस्क्यू अभियान

The Hill India News
Last updated: November 23, 2025 2:02 am
The Hill India News
Published: November 23, 2025
Share
SHARE

अल्मोड़ा/हल्द्वानी: उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले से एक बेहद दर्दनाक सड़क दुर्घटना की खबर सामने आई है। देर रात अल्मोड़ा से हल्द्वानी जा रही एक कार अनियंत्रित होकर शिप्रा नदी में गिर गई, जिसमें तीन शिक्षकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक शिक्षक गंभीर रूप से घायल है। हादसे की सूचना मिलते ही खैरना थाना पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। अंधेरा, दुर्गम स्थल और नदी के तेज बहाव के बावजूद बचाव दल ने कुछ ही घंटों में सभी को बाहर निकाला।

Contents
कैसे हुआ हादसा: बैक करते समय कार खाई में गिरीमौके पर ही तीन की मौत, एक घायल को हल्द्वानी रेफरअंधेरी रात में चला रेस्क्यू, SDRF ने निकाले शवस्थानीय लोगों ने उठाए सवाल—‘सड़क पर न गार्ड रेल, न लाइटें’पुलिस ने शुरू की जांच, वाहन के तकनीकी पहलुओं की भी पड़तालशिक्षक समुदाय में शोक की लहर, स्कूलों में शोक संदेशइस मार्ग पर पहले भी हो चुके हैं कई हादसेपरिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, प्रशासन पर लापरवाही का आरोपदर्दनाक हादसा और एक परिवार की उजड़ी खुशियाँसड़क सुरक्षा पर बड़ी बहस की जरूरत

हादसा उन शिक्षकों के साथ हुआ जो अल्मोड़ा से हल्द्वानी एक पारिवारिक विवाह समारोह में शामिल होने के लिए निकले थे, लेकिन बीच रास्ते उनका सफर हमेशा के लिए थम गया।


कैसे हुआ हादसा: बैक करते समय कार खाई में गिरी

पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच और घायल शिक्षक के बयान से पता चला है कि दुर्घटना कार बैक करते समय हुई। गरमपानी के पास स्थित एक मोड़ पर चालक ने वाहन को थोड़ी देर रिवर्स लिया। अंधेरा होने और सड़क की सीमित चौड़ाई के चलते कार अनियंत्रित होकर सीधे खाई में जा गिरी और तेज गति से नीचे बहती शिप्रा नदी में जा समाई।

स्थानीय लोगों ने तेज आवाज सुनकर राहत कार्य शुरू किया और तुरंत पुलिस को सूचना दी। बताया गया कि जिस स्थान पर दुर्घटना हुई, वहाँ रोड किनारे गार्ड रेल भी नहीं था, जिससे हादसे की भयावहता और बढ़ गई।


मौके पर ही तीन की मौत, एक घायल को हल्द्वानी रेफर

कार में कुल चार लोग सवार थे, जो सभी पेशे से शिक्षक थे। इनमें से तीन की मौत घटनास्थल पर ही हो गई। मृतकों की पहचान निम्नानुसार हुई है—

  • पुष्कर सिंह भैसोड़ा (50 वर्ष)
  • सुरेंद्र भंडारी (45 वर्ष)
  • संजय बिष्ट (51 वर्ष)

जबकि मनोज कुमार (43 वर्ष) गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले। उन्हें सबसे पहले स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए हल्द्वानी के अस्पताल में रेफर कर दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार, उनकी हालत अभी भी नाज़ुक बनी हुई है।


अंधेरी रात में चला रेस्क्यू, SDRF ने निकाले शव

दुर्घटना देर रात हुई और आसपास का इलाका बेहद सुनसान था। सड़क से नदी की गहराई काफी है, जिसके कारण रेस्क्यू में चुनौतियाँ बढ़ गईं। एसडीआरएफ टीम को गहरी खाई में उतरकर तलाशी अभियान चलाना पड़ा।
रेस्क्यू टीम ने रस्सों और हेडलाइट्स की मदद से तेज धारा के बीच कार तक पहुंचकर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला। मृतकों के शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे गए हैं।

स्थानीय स्तर पर लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में सड़क सुरक्षा इंतज़ाम बेहद कमजोर हैं और रात के समय वाहनों को चलाना हमेशा जोखिम भरा रहता है।


स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल—‘सड़क पर न गार्ड रेल, न लाइटें’

घटना स्थल पर मौजूद ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों ने सड़क की हालत को हादसे की बड़ी वजह बताया। स्थानीय लोगों का कहना है कि—

  • कई स्थानों पर सड़क किनारे गार्ड रेल या बैरियर नहीं हैं,
  • रात में स्ट्रीट लाइट नहीं,
  • मोड़ बेहद खतरनाक और फिसलन भरे हैं,
  • बारिश के बाद कई जगह सड़क धंस चुकी है।

लोगों का कहना है कि प्रशासन को इस मार्ग पर ट्रैफिक सुरक्षा के इंतज़ाम मजबूत करने चाहिए, क्योंकि पहाड़ों में छोटी सी गलती भी बड़े हादसे में बदल जाती है।


पुलिस ने शुरू की जांच, वाहन के तकनीकी पहलुओं की भी पड़ताल

खैरना थाना पुलिस ने दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है।
जांच के मुख्य बिंदु निम्न हो सकते हैं—

  1. क्या कार में तकनीकी खराबी थी?
  2. क्या सड़क की स्थिति दुर्घटना का कारण बनी?
  3. क्या चालक ने पीछे करते समय दूरी का सही अनुमान नहीं लगाया?
  4. क्या इलाके में पर्याप्त सुरक्षा इंतज़ाम थे?

पुलिस ने बताया कि घायल शिक्षक का बयान महत्वपूर्ण है और उसके स्थिर होने के बाद विस्तृत बयान लिया जाएगा।


शिक्षक समुदाय में शोक की लहर, स्कूलों में शोक संदेश

देर रात जैसे ही दुर्घटना की जानकारी अल्मोड़ा और हल्द्वानी में पहुंची, शिक्षकों व परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक लंबे समय से शिक्षा विभाग में सेवाएं दे रहे थे और स्थानीय समुदाय में उनकी अच्छी छवि थी।
स्कूलों में आज सुबह मौन रखकर दिवंगत शिक्षकों को श्रद्धांजलि दी गई। कई स्थानों पर सोशल मीडिया पर भी शिक्षकों की याद में संदेश साझा किए जा रहे हैं।


इस मार्ग पर पहले भी हो चुके हैं कई हादसे

अल्मोड़ा–हल्द्वानी मार्ग पर गरमपानी के आसपास दुर्घटनाओं का इतिहास रहा है। पहाड़ी मोड़, संकरे रास्ते और कई जगहों पर टूटे किनारे इस पूरी स्टेच को जोखिमपूर्ण बनाते हैं। गत वर्षों में भी कई वाहन यहाँ खाई में गिर चुके हैं, जिनमें कई लोगों की जान गई है।

स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि लंबे समय से सड़क चौड़ीकरण, गार्ड रेल लगाने और स्ट्रीट लाइट की मांग करते आ रहे हैं। लेकिन अभी तक कोई बड़ा सुधार नहीं हुआ है।


परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, प्रशासन पर लापरवाही का आरोप

मृतकों के परिजनों ने प्रशासन से इस हादसे की पूरी जांच और रोड सुरक्षा में सुधार की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सड़क किनारे सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होती तो यह दुर्घटना टल सकती थी।

कुछ लोगों ने स्थानीय प्रशासन पर भी सवाल उठाए कि इतनी दुर्घटनाओं के बाद भी यहाँ मजबूत बैरियर नहीं लगाए गए।


दर्दनाक हादसा और एक परिवार की उजड़ी खुशियाँ

शादी में शामिल होने के लिए निकले चार शिक्षक कभी अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सके। परिवारों के लिए यह हादसा किसी सदमे से कम नहीं।
जहाँ तीन परिवारों ने अपने घर के कमाऊ सदस्य को हमेशा के लिए खो दिया, वहीं एक शिक्षक जीवन और मृत्यु के बीच जूझ रहा है।


सड़क सुरक्षा पर बड़ी बहस की जरूरत

उत्तराखंड के पहाड़ी मार्गों पर हर साल सैकड़ों दुर्घटनाएँ होती हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि—सड़क की चौड़ाई, सुरक्षा बैरियर, उचित संकेतक और सड़क किनारे लाइटिंग जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं की कमी इन हादसों को बढ़ावा देती है। यह दुर्घटना फिर से याद दिलाती है कि सड़क सुरक्षा केवल कागज़ों में नहीं, बल्कि जमीन पर लागू होनी चाहिए।

You Might Also Like

सीमाओं पर रोशनी और देशभक्ति का संगम: जैसलमेर से एलओसी तक जवानों ने दीयों और जयघोषों से मनाई दिवाली
बच्चों-महिलाओं की न्यूड फोटो लेने और वीडियो बनाने के आरोपी, भारतीय चिकित्सक गिरफ्तार
Uttrakhand : कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने की महत्वपूर्ण बैठक, अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा निर्देश
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने संविदा फार्मासिस्टों की नई याचिका को किया खारिज, ‘रेजुडिकाटा’ के सिद्धांत का दिया हवाला
उत्तराखंड में IAS कैडर पर आज होगा बड़ा फैसला: UPSC में DPC की बैठक; इन 7 अधिकारियों के भाग्य का होगा फैसला
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तराखंडफीचर्ड

मुख्यमंत्री आवास घेराव के बाद कांग्रेस पर कार्रवाई से सियासत गरमाई, मुकदमों और वाहन जब्ती के आरोप पर कांग्रेस का बड़ा ऐलान—“अन्याय के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे”

The Hill India News
The Hill India News
September 5, 2026
450 साल पुराने वर्ल्ड मैप को बदलने की तैयारी, UN में ‘Correct the Map’ प्रस्ताव पास; अब नक्शे पर असली आकार में दिखेगा अफ्रीका
हल्द्वानी के कथित ‘शुद्धिकरण’ पर बेंगलुरु में जीरो एफआईआर, खड़गे के आरोपों से गरमाई सियासत; राहुल गांधी पर भी दर्ज है मामला
श्रीकृष्ण के रंग में रंगा उत्तराखंड, मंदिरों में गूंजे जयकारे और शंखनाद; लक्सर से नैनीताल और टिहरी तक दिखी आस्था की अद्भुत छटा
नौ साल से खाली लोकायुक्त का पद, कांग्रेस ने भाजपा सरकार को घेरा; बीजेपी बोली- भ्रष्टाचार के खिलाफ धामी सरकार की कार्रवाई जारी
सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर कार्रवाई से मचा सियासी घमासान, इकरा हसन को रोका गया; भारी पुलिस फोर्स तैनात
पेंशन लाभार्थियों के लिए बड़ी राहत! CM धामी ने एक क्लिक में जारी किए ₹147 करोड़, करीब 10 लाख लोगों के खातों में पहुंची अगस्त की पेंशन
देश की पहली ऑल-इन-वन किसान एप ‘मनोरमा कृषि रक्षक’ का उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया शुभारंभ
क्या बदल जाएगा दुनिया का नक्शा? संयुक्त राष्ट्र में आज ऐतिहासिक वोटिंग, अफ्रीका के असली आकार को लेकर उठी बड़ी बहस
रानीपोखरी में गूंजी मातृशक्ति की आवाज, कांग्रेस के संवाद कार्यक्रम में महिलाओं ने खुलकर उठाए सामाजिक, आर्थिक और सुरक्षा के मुद्दे
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?