अंबेडकरनगर में 194 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास, योगी बोले- सपा को विकास और गरीबों के हितों से कोई सरोकार नहीं; अनुपूरक बजट पर सदन न चलने देने का भी लगाया आरोप
अंबेडकरनगर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंबेडकरनगर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी पर जोरदार राजनीतिक हमला बोला। मुख्यमंत्री ने 706 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली 194 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करते हुए कहा कि सरकार विकास, रोजगार और जनकल्याण के मुद्दों पर लगातार काम कर रही है, लेकिन विपक्ष विधानसभा की कार्यवाही को बाधित कर विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा नहीं होने दे रहा है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सपा के पिछले शासनकाल को निशाने पर लेते हुए कानून व्यवस्था, परिवारवाद, युवाओं को रोजगार और कथित अवैध वसूली जैसे मुद्दों पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास करती है और विधानसभा में जनता से जुड़े विषयों पर सकारात्मक चर्चा चाहती है।
706 करोड़ की 194 परियोजनाओं से विकास को रफ्तार देने का दावा
अंबेडकरनगर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 194 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं की कुल लागत 706 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से जिले में बुनियादी सुविधाओं को मजबूती मिलेगी और विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि विकास केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रदेश के प्रत्येक जिले और गांव तक उसका लाभ पहुंचना जरूरी है। सरकार इसी सोच के साथ विभिन्न क्षेत्रों में योजनाओं को आगे बढ़ा रही है।
59 हजार करोड़ के अनुपूरक बजट पर सपा को घेरा
योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में 59 हजार करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट पर चर्चा नहीं होने को लेकर भी समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। मुख्यमंत्री के मुताबिक इस अनुपूरक बजट में युवाओं, किसानों, महिलाओं और गरीबों के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं का प्रावधान किया गया था।
उन्होंने कहा कि सरकार विधानसभा में बजट लेकर आई थी ताकि जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सके, लेकिन विपक्ष ने सदन की कार्यवाही को बाधित किया। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि इससे प्रदेश के विकास और जनता के हितों से जुड़े विषयों पर चर्चा प्रभावित हुई।
महापुरुषों के सम्मान से जुड़े कार्यों का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुपूरक बजट में सामाजिक न्याय और महापुरुषों के सम्मान से जुड़े कई कार्यों के लिए भी प्रावधान किए गए थे। उन्होंने विशेष रूप से महर्षि वाल्मीकि, संत रविदास, डॉ. भीमराव आंबेडकर और छत्रपति साहू जी महाराज से जुड़े स्मारकों, मूर्तियों, छतरियों और बाउंड्री वॉल के निर्माण का उल्लेख किया।
योगी ने कहा कि सरकार समाज के सभी वर्गों के सम्मान और विकास को लेकर काम कर रही है। उनके मुताबिक ऐसे कार्य केवल निर्माण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को सामाजिक सुधार और समानता के लिए संघर्ष करने वाले महापुरुषों के योगदान से परिचित कराने का माध्यम भी हैं।
‘सपा को विकास से कोई मतलब नहीं’
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की विकास में कोई वास्तविक रुचि नहीं है। उन्होंने कहा कि गरीबों, किसानों और युवाओं के हितों को लेकर उनकी सरकार लगातार योजनाएं चला रही है, जबकि सपा के शासनकाल में प्रदेश में विकास की गति प्रभावित रही।
योगी ने विशेष रूप से युवाओं के रोजगार का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि पिछली सरकार में योग्यता के बजाय प्रभाव, परिवारवाद और भाई-भतीजावाद को प्राथमिकता दी जाती थी। उन्होंने दावा किया कि इससे प्रदेश के योग्य युवाओं में निराशा पैदा हुई और उन्हें अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ा।
‘चाचा-भतीजे की जोड़ी’ पर सीधा हमला
अपने भाषण में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा नेतृत्व पर तीखा तंज कसते हुए ‘चाचा-भतीजे की जोड़ी’ का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार में सत्ता का इस्तेमाल जनता की सेवा के बजाय राजनीतिक प्रभाव और कथित वसूली के लिए किया जाता था।
योगी ने कहा कि उस समय प्रदेश में ऐसी स्थिति पैदा हो गई थी कि लोगों के बीच यह धारणा बन गई थी कि सपा का झंडा लगी गाड़ी में बैठा व्यक्ति अवैध वसूली कर सकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि थानों और तहसीलों तक में दबंग तत्वों का प्रभाव दिखाई देता था।
हालांकि, ये मुख्यमंत्री द्वारा विपक्ष पर लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं और इन्हें उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। समाजवादी पार्टी की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया आने पर राजनीतिक तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
कानून व्यवस्था को लेकर भी पिछली सरकार पर निशाना
योगी आदित्यनाथ ने सपा शासनकाल की कानून व्यवस्था को भी अपने हमले का प्रमुख मुद्दा बनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में प्रदेश के कई हिस्सों में अराजकता, दबंगई और दंगों का माहौल था।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार ने कानून व्यवस्था को लेकर सख्त नीति अपनाई है और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आम नागरिकों के मन में सुरक्षा की भावना पैदा करना सरकार की प्राथमिकता है।
योगी ने कानून व्यवस्था को विकास से भी जोड़ते हुए कहा कि जब प्रदेश में कानून का राज मजबूत होता है, तभी निवेश, उद्योग, रोजगार और बुनियादी ढांचे के विकास को गति मिलती है।
लोकतंत्र की तीन आधारशिलाओं पर भी बोले योगी
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में लोकतंत्र की विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका इन तीन महत्वपूर्ण संस्थाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक संस्था की अपनी जिम्मेदारी और सीमाएं हैं।
योगी के मुताबिक यदि तीनों संस्थाएं अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए बेहतर समन्वय के साथ काम करें तो विकास की प्रक्रिया को और गति मिल सकती है। उन्होंने लोकतांत्रिक संस्थाओं के सम्मान और संवैधानिक व्यवस्था के अनुरूप कार्य करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
विकास के साथ सियासी संदेश भी साफ
अंबेडकरनगर में आयोजित कार्यक्रम एक तरफ जहां करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास का मंच था, वहीं मुख्यमंत्री के भाषण ने इसे सियासी रूप से भी महत्वपूर्ण बना दिया। योगी ने विकास कार्यों के साथ-साथ पिछली सरकार के कामकाज, कानून व्यवस्था, परिवारवाद और कथित वसूली जैसे मुद्दों को उठाकर सपा को घेरा।
कुल मिलाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि उनकी सरकार का फोकस विकास, कानून व्यवस्था, गरीब कल्याण, रोजगार और सामाजिक न्याय पर है। वहीं विपक्ष पर विधानसभा की कार्यवाही बाधित करने और विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा से बचने का आरोप लगाते हुए उन्होंने सपा के पिछले शासनकाल को भी कठघरे में खड़ा किया।
अंबेडकरनगर में 706 करोड़ रुपये से अधिक की 194 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास जहां जिले के विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, वहीं मुख्यमंत्री के तीखे राजनीतिक बयानों ने उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर सपा बनाम भाजपा की बहस को तेज कर दिया है।
