हल्द्वानी: हल्द्वानी में घर, दुकान या अन्य भवन बनाने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। भवन निर्माण से पहले नक्शा स्वीकृत कराने की प्रक्रिया को अब पहले के मुकाबले आसान और तेज बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। नैनीताल जिला विकास प्राधिकरण ने भवन मानचित्र स्वीकृति के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत अब आवेदकों को भवन मानचित्र के लिए जरूरी अलग-अलग विभागों की एनओसी लेने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। संबंधित विभागों से एनओसी लेने की प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से पूरी की जाएगी और विभाग अपनी रिपोर्ट सीधे जिला विकास प्राधिकरण को उपलब्ध कराएंगे।
इस नई व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि आवासीय भवनों के मामलों में यदि संबंधित विभाग सात दिन के भीतर एनओसी जारी नहीं करता है, तो उसे डीम्ड एनओसी माना जाएगा और आवासीय नक्शे को स्वीकृति देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। वहीं व्यावसायिक भवन मानचित्रों के लिए यह समयसीमा 15 दिन निर्धारित की गई है। यानी निर्धारित अवधि में एनओसी नहीं मिलने की स्थिति में उसे डीम्ड एनओसी मानते हुए व्यावसायिक मानचित्र की स्वीकृति की कार्रवाई की जाएगी।
अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं
भवन निर्माण के लिए नक्शा पास कराने की प्रक्रिया में अक्सर आवेदकों को कई विभागों से अनापत्ति प्रमाणपत्र यानी NOC लेना पड़ता है। भवन और जमीन की स्थिति के आधार पर पुलिस, अग्निशमन विभाग, वन विभाग, भू-तत्व एवं खनिकर्म विभाग, ऊर्जा निगम, जल संस्थान सहित अन्य संबंधित विभागों की एनओसी की आवश्यकता हो सकती है।
अब तक आवेदक को इन विभागों से संपर्क करना पड़ता था। दस्तावेज जमा करने, आवेदन की स्थिति जानने और एनओसी प्राप्त करने में समय लगने के कारण भवन मानचित्र स्वीकृति की पूरी प्रक्रिया लंबी हो जाती थी। कई बार अलग-अलग कार्यालयों में जाने के कारण आवेदकों को अतिरिक्त भागदौड़ भी करनी पड़ती थी।
सिंगल विंडो व्यवस्था लागू होने के बाद इस प्रक्रिया को एक ही सिस्टम से आगे बढ़ाने की कोशिश की गई है। आवेदक भवन मानचित्र के लिए अपना आवेदन जिला विकास प्राधिकरण की प्रक्रिया के तहत प्रस्तुत करेगा और जिन विभागों की एनओसी जरूरी होगी, उनके लिए प्राधिकरण की ओर से ऑनलाइन माध्यम से पत्र भेजा जाएगा।
ऑनलाइन पहुंचेगी NOC, आवेदक को मिलेगी राहत
नई व्यवस्था में संबंधित विभाग अपनी रिपोर्ट या एनओसी सीधे जिला विकास प्राधिकरण को उपलब्ध कराएंगे। इससे आवेदक और विभिन्न सरकारी विभागों के बीच होने वाली अनावश्यक भागदौड़ को कम किया जा सकेगा।
प्राधिकरण के स्तर से ही यह देखा जाएगा कि किसी भवन मानचित्र के लिए किन-किन विभागों की एनओसी आवश्यक है। इसके बाद संबंधित विभागों को ऑनलाइन माध्यम से जानकारी भेजी जाएगी। विभाग अपनी प्रक्रिया पूरी कर रिपोर्ट या एनओसी प्राधिकरण को भेजेंगे।
इस व्यवस्था से दस्तावेजी प्रक्रिया को भी अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही आवेदन की निगरानी और संबंधित विभागों से रिपोर्ट प्राप्त करने की प्रक्रिया में भी पारदर्शिता लाने का प्रयास किया गया है।
7 दिन में NOC नहीं तो आवासीय नक्शे पर डीम्ड NOC
सिंगल विंडो सिस्टम में सबसे अहम बदलाव निर्धारित समयसीमा को लेकर है। जिला विकास प्राधिकरण के सचिव मनीष सिंह के अनुसार, आवासीय प्रकरणों में यदि संबंधित विभाग सात दिन के भीतर एनओसी उपलब्ध नहीं कराता है, तो उसे डीम्ड एनओसी माना जाएगा।
इसका मतलब यह होगा कि केवल एनओसी लंबित रहने के कारण आवासीय भवन मानचित्र की प्रक्रिया अनिश्चित समय तक नहीं रुकेगी। निर्धारित सात दिन की अवधि पूरी होने के बाद नियमों के अनुसार आवासीय मैप को स्वीकृति देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
हालांकि, इसका उद्देश्य आवश्यक विभागीय जांच को खत्म करना नहीं, बल्कि एनओसी की प्रक्रिया को समयबद्ध बनाना है। संबंधित विभागों को निर्धारित अवधि में अपनी रिपोर्ट उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी होगी।
व्यावसायिक भवनों के लिए 15 दिन की समयसीमा
व्यावसायिक भवन मानचित्रों के लिए अलग समयसीमा तय की गई है। ऐसे मामलों में संबंधित विभागों को एनओसी या अपनी रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है।
यदि 15 दिन के भीतर संबंधित विभाग की ओर से एनओसी उपलब्ध नहीं कराई जाती है, तो उसे डीम्ड एनओसी मानते हुए व्यावसायिक मानचित्र की स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का प्रावधान बताया गया है।
इससे दुकान, कार्यालय, व्यावसायिक प्रतिष्ठान या अन्य अनुमत व्यावसायिक निर्माण के लिए नक्शा स्वीकृति की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी कम होने की उम्मीद है।
शासन और मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद व्यवस्था में बदलाव
जिला विकास प्राधिकरण के सचिव मनीष सिंह ने बताया कि भवन मानचित्रों की स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए शासन और मुख्यमंत्री स्तर से निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में पहले से उपलब्ध ऑनलाइन व्यवस्था को और प्रभावी करते हुए एनओसी की प्रक्रिया को भी ऑनलाइन माध्यम से जोड़ने की कार्रवाई की गई है।
उनके अनुसार, नई व्यवस्था का उद्देश्य भवन मानचित्र स्वीकृति को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है। एनओसी के लिए आवेदक को अलग-अलग सरकारी कार्यालयों में जाने की आवश्यकता न हो, इसके लिए संबंधित विभागों से सीधे ऑनलाइन माध्यम से समन्वय किया जाएगा।
हल्द्वानी में बढ़ते निर्माण के बीच अहम पहल
हल्द्वानी नैनीताल जिले का प्रमुख शहरी और व्यावसायिक केंद्र है। शहर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार आवासीय तथा व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ रही हैं। ऐसे में भवन मानचित्र स्वीकृति से जुड़ी प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाना आम नागरिकों तथा निर्माण से जुड़े लोगों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
नई व्यवस्था के लागू होने के बाद अब आवेदकों को अलग-अलग विभागों से एनओसी लेने की प्रक्रिया में होने वाली भागदौड़ से राहत मिलने की उम्मीद है। ऑनलाइन माध्यम से आवेदन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और निर्धारित समयसीमा में एनओसी उपलब्ध कराने की व्यवस्था से पूरी प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित हो सकती है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आवासीय मामलों में सात दिन और व्यावसायिक मामलों में 15 दिन की समयसीमा तय किए जाने से एनओसी प्रक्रिया में अनिश्चित देरी पर रोक लगाने की कोशिश की गई है। हालांकि, किसी भी भवन मानचित्र की स्वीकृति संबंधित नियमों, मानकों और आवश्यक तकनीकी जांच के अनुरूप ही होगी।
कुल मिलाकर, हल्द्वानी में लागू किया गया सिंगल विंडो सिस्टम भवन मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया को एक जगह से संचालित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव है। अब आवेदक को अलग-अलग विभागों के कार्यालयों में जाकर एनओसी जुटाने के बजाय प्राधिकरण के माध्यम से ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने की सुविधा मिलेगी। इससे समय और श्रम की बचत के साथ-साथ भवन मानचित्र स्वीकृति व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की उम्मीद है।
