देहरादून। भारतीय जनता पार्टी ने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी को एक और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की ओर से की गई संगठनात्मक नियुक्तियों में अनिल बलूनी को पार्टी के कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट यानी संवहन विभाग का कोऑर्डिनेटर बनाया गया है। इस विभाग में भाजपा का राष्ट्रीय मीडिया और सोशल मीडिया नेटवर्क शामिल है। नई जिम्मेदारी के साथ पार्टी के राष्ट्रीय स्तर पर संचार और मीडिया से जुड़े कामकाज में बलूनी की भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है।
भाजपा की ओर से बुधवार को एक साथ कई संगठनात्मक नियुक्तियों का ऐलान किया गया। इनमें विभिन्न राज्यों के प्रभारी और सह प्रभारियों में बदलाव के साथ पार्टी के कम्युनिकेशन सिस्टम में भी फेरबदल शामिल है। यह संगठनात्मक बदलाव ऐसे समय किया गया है, जब वर्ष 2027 में कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में पार्टी के संगठन और संचार तंत्र में किए गए बदलाव को आगामी राजनीतिक गतिविधियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अनिल बलूनी के पास अब कम्युनिकेशन विभाग की बड़ी जिम्मेदारी
अनिल बलूनी इससे पहले भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक के तौर पर काम कर रहे थे। अगस्त 2026 में घोषित भाजपा की राष्ट्रीय टीम में उन्हें राष्ट्रीय मीडिया संयोजक की जिम्मेदारी दी गई थी। उनके साथ मीडिया विभाग में सह संयोजकों की टीम भी बनाई गई थी।
अब पार्टी के ताजा संगठनात्मक बदलाव में बलूनी को पूरे कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट का कोऑर्डिनेटर बनाया गया है। इसके तहत राष्ट्रीय मीडिया और सोशल मीडिया से जुड़े विभागों के बीच समन्वय की जिम्मेदारी उनके पास रहेगी। वहीं आशीष उषा अग्रवाल को राष्ट्रीय मीडिया विभाग का संयोजक बनाया गया है। वह इससे पहले मीडिया विभाग में सह संयोजक की भूमिका में थे।
इस बदलाव के बाद भाजपा के राष्ट्रीय संचार तंत्र में जिम्मेदारियों का नया ढांचा सामने आया है। यानी मीडिया विभाग के दैनिक और संगठनात्मक कामकाज की जिम्मेदारी अलग स्तर पर रहेगी, जबकि बलूनी कम्युनिकेशन विभाग के व्यापक समन्वय की भूमिका निभाएंगे।
उत्तराखंड से राष्ट्रीय संगठन तक बलूनी की भूमिका
गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनिल बलूनी लंबे समय से भाजपा के राष्ट्रीय स्तर के मीडिया और संचार से जुड़े कामकाज में सक्रिय रहे हैं। उत्तराखंड से आने वाले नेता को लगातार संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलना राज्य की राजनीति और पार्टी संगठन के लिहाज से भी चर्चा का विषय है।
अब नई जिम्मेदारी के तहत उनका काम केवल मीडिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पार्टी के व्यापक कम्युनिकेशन सिस्टम के समन्वय से जुड़ा होगा। राष्ट्रीय मीडिया, सोशल मीडिया और पार्टी के संदेश को अलग-अलग माध्यमों तक पहुंचाने के लिए संगठनात्मक स्तर पर तालमेल उनकी भूमिका का अहम हिस्सा होगा।
उत्तराखंड बीजेपी में भी बड़ा फेरबदल
इसी दिन भाजपा हाईकमान ने उत्तराखंड संगठन के प्रभारी और सह प्रभारियों में भी बड़ा बदलाव किया है। पार्टी ने राम माधव को उत्तराखंड का नया प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया है। राम माधव के पास उत्तराखंड के साथ तमिलनाडु की जिम्मेदारी भी रहेगी। इससे पहले उत्तराखंड के प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी दुष्यंत गौतम संभाल रहे थे।
वहीं, उत्तराखंड के सह प्रभारी पद पर भी बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था में बांसुरी स्वराज और अरविंद मेनन को उत्तराखंड का सह प्रभारी बनाया गया है। इस तरह प्रदेश संगठन के प्रभारी स्तर पर भी भाजपा ने नई टीम तैयार की है।
पार्टी ने देश के सभी 28 राज्यों और आठ केंद्र शासित प्रदेशों के लिए प्रभारी और सह प्रभारी स्तर पर नियुक्तियों की घोषणा की है। यह व्यापक संगठनात्मक बदलाव भाजपा की राष्ट्रीय टीम में किए गए पुनर्गठन के बाद सामने आया है।
2027 के चुनाव से पहले संगठन पर फोकस
उत्तराखंड में वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में प्रदेश प्रभारी और सह प्रभारी की नई टीम की नियुक्ति को आगामी संगठनात्मक तैयारियों के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि इन नियुक्तियों का आधिकारिक उद्देश्य पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में जिम्मेदारियां तय करना है, लेकिन आने वाले महीनों में नई टीम को प्रदेश संगठन के साथ समन्वय करते हुए विभिन्न गतिविधियों को आगे बढ़ाना होगा।
दूसरी ओर, राष्ट्रीय स्तर पर कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट में अनिल बलूनी की भूमिका बढ़ने से पार्टी के मीडिया और डिजिटल संचार तंत्र में भी नया समन्वय देखने को मिलेगा। राष्ट्रीय मीडिया और सोशल मीडिया इकाइयों के बीच बेहतर तालमेल बनाना इस विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में शामिल रहेगा।
एक ही दिन उत्तराखंड से जुड़े दो बड़े फैसले
भाजपा के ताजा संगठनात्मक फैसलों में उत्तराखंड से जुड़े दो महत्वपूर्ण बदलाव सामने आए हैं। एक तरफ अनिल बलूनी को कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट का कोऑर्डिनेटर बनाया गया है, तो दूसरी तरफ राम माधव को उत्तराखंड का प्रभारी नियुक्त किया गया है।
इसके साथ बांसुरी स्वराज और अरविंद मेनन को सह प्रभारी की जिम्मेदारी मिलने से प्रदेश संगठन में भी नई टीम सामने आ गई है। अब आने वाले समय में इन नियुक्तियों के बाद भाजपा के राष्ट्रीय संचार तंत्र और उत्तराखंड संगठन के कामकाज में किस तरह का बदलाव दिखाई देता है, इस पर राजनीतिक और संगठनात्मक हलकों की नजर रहेगी।
कुल मिलाकर, भाजपा के ताजा संगठनात्मक फेरबदल में अनिल बलूनी की जिम्मेदारी का विस्तार और उत्तराखंड की प्रभारी टीम में बदलाव दोनों बड़े फैसले हैं। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले हुए इन संगठनात्मक परिवर्तनों के बाद भाजपा के राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के संगठन में नई जिम्मेदारियों के साथ कामकाज का नया चरण शुरू हो गया है।
