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तमिलनाडु में ‘थलापति’ युग का उदय: विजय कल लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ, चेन्नई में जुटेगा दिग्गजों का जमावड़ा

चेन्नई: दक्षिण भारतीय राजनीति में शनिवार का दिन एक नए अध्याय के रूप में दर्ज होने जा रहा है। तमिल सिनेमा के सुपरस्टार और ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) के प्रमुख विजय शनिवार सुबह 11 बजे तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। शुक्रवार को दिनभर चली तीव्र सियासी उठापटक और बैठकों के दौर के बाद, राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने आखिरकार विजय को सरकार बनाने का औपचारिक न्योता दे दिया है। द्रविड़ राजनीति के गढ़ में एक अभिनेता का इस तरह मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुँचना न केवल ऐतिहासिक है, बल्कि यह भविष्य की राजनीति के नए संकेत भी दे रहा है।

राजभवन में देर शाम बदली तस्वीर

शुक्रवार शाम करीब 6 बजे विजय ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल आर.वी. अर्लेकर से तीसरी बार मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने 121 विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपा, जो बहुमत के आंकड़े (118) से तीन अधिक है। सूत्रों के मुताबिक, विजय ने राज्यपाल को आश्वस्त किया है कि वे विधानसभा के पटल पर आसानी से अपना बहुमत सिद्ध कर देंगे। राजभवन से हरी झंडी मिलने के बाद चेन्नई स्थित विजय के आवास के बाहर समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा और पूरा इलाका ‘टीवीके-टीवीके’ के नारों से गूंज उठा।

जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में होगा भव्य राज्याभिषेक

विजय का शपथ ग्रहण समारोह चेन्नई के प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। इस समारोह को भव्य बनाने के लिए प्रशासन और पार्टी स्तर पर युद्धस्तर पर तैयारियां की गई हैं। जानकारी के अनुसार, इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनने के लिए राष्ट्रीय राजनीति के कई दिग्गज भी चेन्नई पहुंच रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हो सकते हैं, जिससे इस कार्यक्रम के सियासी मायने और बढ़ गए हैं।

पहली बार में ही 108 सीटों का करिश्मा

एक्टर से पॉलिटिशियन बने विजय के लिए यह सफर किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं रहा। उनकी पार्टी टीवीके ने पहली बार चुनावी मैदान में कदम रखा और सीधे 108 सीटों पर जीत दर्ज कर प्रदेश की राजनीति में बड़ा उलटफेर कर दिया। हालांकि, बहुमत के जादुई आंकड़े तक पहुँचने में शुरुआती कुछ अड़चनें आईं, लेकिन शुक्रवार को चली मैराथन वार्ताओं के बाद वीसीके (VCK), एएमएमके (AMMK) और एक आईयूएमएल (IUML) विधायक के समर्थन ने विजय की राह आसान कर दी।

सियासत की नई बिसात: ‘थलपति’ के सामने चुनौतियां

विजय के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही तमिलनाडु में लंबे समय से चले आ रहे डीएमके (DMK) और एआईएडीएमके (AIADMK) के द्विध्रुवीय वर्चस्व को कड़ी चुनौती मिली है। जानकारों का मानना है कि विजय के लिए असली परीक्षा शपथ ग्रहण के बाद शुरू होगी, जहाँ उन्हें चुनावी वादों को धरातल पर उतारने और गठबंधन के साथियों को साथ लेकर चलने की चुनौती का सामना करना होगा।

शुक्रवार की देर रात तक चेन्नई की सड़कों पर जश्न का माहौल रहा। समर्थकों को उम्मीद है कि जिस तरह विजय ने पर्दे पर ‘मसीहा’ की भूमिका निभाई है, उसी तरह वे वास्तविक जीवन में भी प्रदेश के विकास के लिए एक ‘गेम चेंजर’ साबित होंगे।

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