By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: देहरादून नगर निगम में ‘टेंडर घोटाला’ उजागर: नगर आयुक्त ने सभी विकास कार्यों पर लगाई रोक, मेयर कोटे की सूची में मिलीं भारी अनियमितताएं
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देहरादून > देहरादून नगर निगम में ‘टेंडर घोटाला’ उजागर: नगर आयुक्त ने सभी विकास कार्यों पर लगाई रोक, मेयर कोटे की सूची में मिलीं भारी अनियमितताएं
देहरादूनफीचर्ड

देहरादून नगर निगम में ‘टेंडर घोटाला’ उजागर: नगर आयुक्त ने सभी विकास कार्यों पर लगाई रोक, मेयर कोटे की सूची में मिलीं भारी अनियमितताएं

The Hill India News
Last updated: January 6, 2026 1:10 pm
The Hill India News
Published: January 6, 2026
Share
नगर आयुक्त नमामि बंसल
SHARE

देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के नगर निगम (DMC) में विकास कार्यों के टेंडर को लेकर चल रहा विवाद अब एक बड़े घोटाले की पुष्टि में बदल गया है। टेंडर सूची में गंभीर गड़बड़ियों और विसंगतियों की पुष्टि होने के बाद, नगर आयुक्त नमामि बंसल ने एक कड़ा फैसला लेते हुए सभी विकास कार्यों के टेंडर पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। अब निगम प्रशासन हर प्रस्तावित कार्य का ‘ग्राउंड जीरो’ पर जाकर भौतिक सत्यापन (Physical Verification) कर रहा है।

Contents
कैसे खुला गड़बड़ियों का पिटारा?जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे: ‘पूरे हो चुके कार्यों के भी डाले टेंडर’नगर आयुक्त का कड़ा रुख: अब ‘जियो-टैगिंग’ से होगी निगरानीभ्रष्टाचार पर लगाम की कवायद (SEO Analysis)आगामी कदम: नई सिरे से बनेगी सूची

कैसे खुला गड़बड़ियों का पिटारा?

पूरा मामला पिछले हफ्ते तब शुरू हुआ जब नगर निगम के सभी 100 वार्डों के लिए महापौर (मेयर) कोटे से विकास कार्यों की एक व्यापक टेंडर सूची जारी की गई थी। सूची सार्वजनिक होते ही पार्षदों ने बजट के आवंटन में भारी असमानता का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।

पार्षदों का आरोप था कि जहां कुछ वार्डों को मात्र 20-22 लाख रुपये के कार्य दिए गए, वहीं कुछ ‘खास’ वार्डों में 70 से 80 लाख रुपये तक के कार्यों की स्वीकृति दे दी गई। इस विवाद के बाद मेयर सौरभ थपलियाल और नगर आयुक्त ने जांच के आदेश दिए थे, जिसकी रिपोर्ट ने सबको चौंका दिया।


जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे: ‘पूरे हो चुके कार्यों के भी डाले टेंडर’

जांच समिति की रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ है कि टेंडर सूची में जानबूझकर या लापरवाही से ऐसे कार्यों को शामिल किया गया था जो धरातल पर पहले ही अस्तित्व में हैं। मुख्य अनियमितताएं इस प्रकार रहीं:

  1. कार्यों का दोहराव (Repetition): कई ऐसे कार्य सूची में थे जो नगर निगम द्वारा पहले ही संपन्न कराए जा चुके हैं।

  2. अन्य विभागों की दखल: कुछ निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग (PWD) या अन्य संस्थाओं द्वारा पहले ही पूरे किए जा चुके थे, लेकिन निगम ने उनके लिए फिर से बजट जारी कर दिया।

  3. गलत प्रविष्टियां: सूची में बिना किसी जरूरत के भी सौंदर्यीकरण और निर्माण के नाम पर लाखों के टेंडर डाल दिए गए।

इन वार्डों के कार्यों में मिलीं सबसे ज्यादा विसंगतियां:

  • वार्ड 4: चालांक गांव में सीसी सड़क निर्माण (जो पहले से निर्मित बताई जा रही है)।

  • वार्ड 52: सरस्वती विहार पार्क की रंगाई-पुताई और मरम्मत।

  • वार्ड 90: मोहब्बेवाला में पाइप डालने और सड़क निर्माण का कार्य।

  • वार्ड 79: सुभाष नगर और कृष्णा विहार में नाली निर्माण।

  • वार्ड 68 और 83: मियांवाला और केदारपुर में पुलिया एवं सामुदायिक भवन निर्माण।


नगर आयुक्त का कड़ा रुख: अब ‘जियो-टैगिंग’ से होगी निगरानी

नगर आयुक्त नमामि बंसल ने इस मामले में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि अब बिना ठोस सबूत के एक भी रुपया खर्च नहीं किया जाएगा। उन्होंने मीडिया को बताया:

“मेयर निधि के कार्यों में कई शिकायतें मिली थीं। अब जांच समिति मौके पर जाकर ग्राउंड रिपोर्टिंग कर रही है। किसी भी कार्य के शुरू होने से पहले उसकी जियो-टैगिंग (Geo-Tagging) फोटो ली जाएगी। कार्य पूरा होने के बाद भी तस्वीर फाइल में लगानी अनिवार्य होगी। विसंगतियां पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।”


भ्रष्टाचार पर लगाम की कवायद (SEO Analysis)

देहरादून नगर निगम का यह मामला शहरी निकायों में व्याप्त भ्रष्टाचार की जड़ों की ओर इशारा करता है। जानकारों का मानना है कि यदि पार्षद सजग न होते, तो जनता की गाढ़ी कमाई के करोड़ों रुपये उन कार्यों पर खर्च दिखा दिए जाते जो पहले से ही पूरे हो चुके हैं। इस कार्रवाई से न केवल सरकारी धन की बचत होगी, बल्कि ठेकेदारों और अधिकारियों के बीच पनप रहे गठजोड़ पर भी चोट पहुंचेगी।

आगामी कदम: नई सिरे से बनेगी सूची

नगर आयुक्त के निर्देशानुसार, अब पूरी टेंडर सूची का नए सिरे से परीक्षण किया जा रहा है। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद केवल उन्हीं कार्यों को अनुमति दी जाएगी जो वास्तव में आवश्यक हैं और जहां पहले कोई काम नहीं हुआ है। इसके बाद ही टेंडर की आगामी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

You Might Also Like

गाजा में हालात हुए ‘अकाल’ जैसे, अब इजराइली सेना ने उठाया बड़ा कदम मिलेगी लोगों को राहत
भर्ती घोटाला: पूर्व ADG राकेश मित्तल को हाईकोर्ट से बड़ा झटका, दो अधिकारियों को आरोपी बनाने की मांग वाली याचिका खारिज
नई दिल्ली : शहीदों के परिवारों के साथ खड़े रहना हमारी राष्ट्रीय जिम्मेदारी है :राजनाथ सिंह
खनन क्षेत्र का विकास भारतीय अर्थव्यवस्था को सही गति देता है : प्रल्हाद जोशी
Jammu and Kashmir: राजौरी जिले में सेना का आतंकियों के साथ मुठभेड़, एक आतंकवादी ढेर
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
देशफीचर्ड

CM थलापति विजय की पार्टी TVK का केंद्र पर बड़ा हमला, NEET परीक्षा रद्द व मेडिकल शिक्षा को राज्य सूची में शामिल करने की माँग

The Hill India News
The Hill India News
July 22, 2026
जंतर-मंतर पर 32वें दिन भी डटे छात्र: JP नड्डा ने अस्पताल में वांगचुक से की मुलाकात, सड़क से संसद तक क्यों गरमाई नीट पेपर लीक पर सियासत?
दिल्ली में हाई-वोल्टेज ड्रामा: राहुल, प्रियंका और अखिलेश यादव पुलिस हिरासत में, पीएम आवास के बाहर धरना स्थल छावनी में तब्दील
हरिद्वार आम महोत्सव में मुख्यमंत्री धामी का बड़ा ऐलान: किसान उत्तराखंड की असली ताकत, एप्पल मिशन पर 80% सब्सिडी और ‘हिमालय ब्रांड’ से ग्लोबल पहचान
उत्तराखंड हाईकोर्ट की पुलिस को सख्त फटकार: प्रभात ध्यानी की ट्रेन से गिरफ्तारी पर पूछा- क्या नागरिकों की स्वतंत्रता छीन ली गई है?
राहुल गांधी का 7 लोक कल्याण मार्ग पर धरना: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और पेपर लीक पर संसद से सड़क तक संग्राम
बारिश का महाअलर्ट: दिल्ली से हिमाचल और यूपी-बिहार तक मौसम का कहर, 20 राज्यों में भारी वर्षा की चेतावनी; प्रशासन अलर्ट पर
छात्रों के समर्थन में सड़क पर उतरी कांग्रेस: राहुल, प्रियंका और खड़गे का पीएम आवास तक मार्च, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज
‘मेरी पीठ में खंजर घोंपा, सारे चोर भाजपा में चले गए’— ममता बनर्जी का बड़ा हमला, विपक्षी एकता की भी दोहराई अपील
मध्यप्रदेश में UCC को मिली विधानसभा की मंजूरी: हंगामे, ‘जय श्रीराम’ के नारों और तीखी बहस के बीच पास हुआ ऐतिहासिक विधेयक
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?