
चेन्नई: दक्षिण भारतीय सिनेमा के ‘थलापति’ और अब तमिलनाडु की राजनीति के नए केंद्र बिंदु, सी. जोसेफ विजय (C. Joseph Vijay) आज एक नया इतिहास रचने जा रहे हैं। अपनी पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) के शानदार प्रदर्शन के बाद, विजय आज सुबह 10 बजे चेन्नई के प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में तमिलनाडु के 9वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। परदे पर अपनी अदाकारी से करोड़ों दिलों को जीतने वाले विजय अब वास्तविक जीवन में प्रदेश की कमान संभालकर ‘नायक’ की भूमिका निभाने को तैयार हैं।
राजभवन में शक्ति प्रदर्शन: 121 विधायकों का साथ
विजय के मुख्यमंत्री बनने का औपचारिक रास्ता शनिवार को उस समय साफ हुआ जब उन्होंने राजभवन (लोकभवन) में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात की। इस दौरान विजय ने 121 विधायकों के समर्थन का पत्र राज्यपाल को सौंपा। बता दें कि तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए 118 विधायकों की आवश्यकता थी।
विजय के इस आंकड़े में उनकी अपनी पार्टी TVK के 108 विधायक, कांग्रेस के 5, सीपीआई (CPI) के 2 और सीपीआई-एम (CPI-M) के 2 विधायक शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, विदुथलाई चिरुथाईगल कात्ची (VCK) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने भी अपने 2-2 विधायकों का समर्थन टीवीके को देकर गठबंधन को मजबूती प्रदान की है। राज्यपाल ने इस समर्थन पत्र को स्वीकार करते हुए विजय को सरकार बनाने का न्योता दिया।
5 दिनों का हाईवोल्टेज सियासी ड्रामा
भले ही आज विजय शपथ ले रहे हैं, लेकिन 4 मई को चुनाव नतीजे आने के बाद से यहां तक पहुंचने की राह कांटों भरी रही है। पिछले 5 दिनों में तमिलनाडु ने जबरदस्त राजनीतिक उठापटक देखी है:
-
6 मई: विजय कांग्रेस के 5 विधायकों के समर्थन के साथ पहली बार राज्यपाल से मिले, लेकिन बहुमत से 5 कदम दूर होने के कारण उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा।
-
7 मई: लेफ्ट पार्टियों (CPI, CPI-M) के 4 विधायकों के साथ दूसरी बार राजभवन पहुंचे, लेकिन राज्यपाल ने ‘स्पष्ट बहुमत’ का आंकड़ा दिखाने को कहा।
-
8 मई: वीसीके (VCK) से समर्थन मिलने के दावों के बीच विजय तीसरी बार राज्यपाल से मिले, लेकिन वीसीके की ओर से आधिकारिक पुष्टि न होने के कारण मामला फिर लटक गया।
-
9 मई: अंततः IUML और VCK की आधिकारिक पुष्टि के बाद संख्या बल 121 पहुंच गया, जिसके बाद राज्यपाल ने मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगाई।
स्टेडियम बना ‘सियासी मंदिर’, समर्थकों का हुजूम
चेन्नई का जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम आज किसी उत्सव के केंद्र जैसा नजर आ रहा है। सुबह से ही पूरे प्रदेश से समर्थकों का रेला उमड़ पड़ा है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और स्टेडियम के अंदर और बाहर बड़े-बड़े स्क्रीन लगाए गए हैं। समर्थकों के लिए यह महज एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उनके पसंदीदा सितारे के एक जननायक के रूप में उदय का क्षण है। विजय के परिवार में भी खुशी का माहौल है, जो उनके फिल्मी करियर से लेकर इस राजनीतिक शिखर तक के साक्षी रहे हैं।
चुनौतियों भरा होगा ‘नायक’ का कार्यकाल
विजय एक ऐसे समय में सत्ता संभाल रहे हैं जब तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा खालीपन और बदलाव की मांग देखी जा रही है। गठबंधन की सरकार को चलाना और चुनावी वादों को पूरा करना उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी। हालांकि, जिस तरह से उन्होंने कांग्रेस, वामदलों और क्षेत्रीय दलों को एक छतरी के नीचे लाने में सफलता पाई है, वह उनके परिपक्व राजनीतिक कौशल की ओर इशारा करता है।
विपक्ष की नजरें और जनता की उम्मीदें
राष्ट्रीय स्तर के राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय मुख्यमंत्री शपथ ग्रहण समारोह केवल एक व्यक्ति का राज्याभिषेक नहीं है, बल्कि यह द्रविड़ राजनीति के एक नए युग की शुरुआत है। जहां एक ओर विपक्ष उनके प्रशासनिक अनुभव पर सवाल उठा रहा है, वहीं दूसरी ओर युवा और ग्रामीण आबादी विजय को एक ऐसे विकल्प के रूप में देख रही है जो भ्रष्टाचार मुक्त और जन-केंद्रित शासन दे सकता है।
आज के कार्यक्रम का शेड्यूल
-
सुबह 09:30 बजे: विजय का स्टेडियम पहुंचना।
-
सुबह 10:00 बजे: राज्यपाल द्वारा शपथ ग्रहण प्रक्रिया का प्रारंभ।
-
सुबह 10:45 बजे: कैबिनेट के अन्य संभावित मंत्रियों का शपथ ग्रहण।
-
दोपहर 12:00 बजे: मुख्यमंत्री के रूप में विजय का पहला संबोधन और कैबिनेट की पहली बैठक।
तमिलनाडु की सत्ता के गलियारों में अब ‘थलापति’ की गूंज सुनाई देगी। विजय के शपथ ग्रहण से जुड़ी हर छोटी-बड़ी अपडेट के लिए हमारे साथ बने रहें।



