
नई दिल्ली: देश की राजधानी में सार्वजनिक परिवहन की लाइफलाइन कही जाने वाली दिल्ली मेट्रो (DMRC) अपने अगले बड़े विस्तार के लिए तैयार है। दिल्ली मेट्रो फेज-4 के तहत चल रहे निर्माण कार्यों की गति को देखते हुए यह स्पष्ट है कि 2026 के अंत तक दिल्ली का कोना-कोना मेट्रो के जाल से जुड़ जाएगा। गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा और गाजियाबाद जैसे एनसीआर शहरों से आने वाले यात्रियों के लिए अब दिल्ली के किसी भी हिस्से में पहुंचना पहले से कहीं अधिक सुगम और समय की बचत करने वाला होगा।
वर्तमान में फेज-4 के तीन प्रायोरिटी कॉरिडोर पर काम अंतिम चरणों में है, जिनका करीब 70 से 80 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
1. मैजेंटा लाइन एक्सटेंशन (जनकपुरी वेस्ट-आरके आश्रम)
यह फेज-4 का सबसे लंबा और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कॉरिडोर है। लगभग 28.92 किमी लंबे इस रूट पर कुल 22 स्टेशन होंगे।
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वर्तमान स्थिति: कृष्णा पार्क एक्सटेंशन तक का हिस्सा पहले ही परिचालन में आ चुका है।
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कनेक्टिविटी: यह लाइन पीरागढ़ी, मंगोलपुरी, और आजादपुर जैसे घने इलाकों को सीधे आरके आश्रम से जोड़ेगी।
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डेडलाइन: जून-जुलाई 2026 तक इसे चरणबद्ध तरीके से पूरी तरह खोलने का लक्ष्य है।
2. दिल्ली की पहली ‘रिंग मेट्रो’ (मजलिस पार्क-मौजपुर)
पिंक लाइन का यह विस्तार दिल्ली मेट्रो के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा। मौजपुर से मजलिस पार्क के बीच का गैप भरते ही यह Circular Route (रिंग मेट्रो) बन जाएगी।
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खासियत: भजनपुरा और यमुना विहार के बीच मेट्रो का पहला डबल-डेकर वायाडक्ट तैयार किया गया है, जहाँ नीचे फ्लाईओवर पर गाड़ियां चलेंगी और ऊपर मेट्रो।
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प्रगति: इसका 85% काम पूरा हो चुका है और 2026 के शुरुआती महीनों में इसके चालू होने की प्रबल संभावना है।
3. गोल्डन लाइन (एरोसिटी-तुगलकाबाद)
पूर्व में सिल्वर लाइन के नाम से जानी जाने वाली गोल्डन लाइन दक्षिण दिल्ली के निवासियों के लिए आईजीआई एयरपोर्ट तक का सफर बेहद आसान कर देगी।
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प्रमुख स्टेशन: छतरपुर, साकेत जी-ब्लॉक, खानपुर और संगम विहार।
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अपडेट: तुगलकाबाद और वसंत कुंज में टनलिंग का काम पूरा हो चुका है। 24 किमी की यह लाइन मार्च 2026 तक पटरी पर उतर सकती है।
नए स्वीकृत कॉरिडोर: हरियाणा और यूपी तक विस्तार
केंद्र सरकार ने मार्च 2024 के बाद तीन और नई लाइनों को मंजूरी दी है, जो दिल्ली की सीमाओं को पार करेंगी:
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रिठाला-नरेला-कुंडली (Red Line Extension): यह कॉरिडोर दिल्ली को हरियाणा के सोनीपत से जोड़ेगा।
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इंदरलोक-इंद्रप्रस्थ (Green Line Extension): पुरानी और मध्य दिल्ली के बीच कनेक्टिविटी को नया आयाम देगा।
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लाजपत नगर-साकेत जी ब्लॉक: दक्षिण दिल्ली के कमर्शियल हब को आपस में जोड़ेगा।
दिल्ली मेट्रो फेज-4 की 4 बड़ी विशेषताएं
“फेज-4 के पूरा होने के बाद दिल्ली मेट्रो में इंटरचेंज स्टेशनों की संख्या 29 से बढ़कर 40 से अधिक हो जाएगी। इसका सीधा मतलब है कि यात्रियों को रूट बदलने के लिए अब लंबा चक्कर नहीं काटना पड़ेगा।”
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ड्राइवरलेस तकनीक: मैजेंटा और पिंक लाइन की तरह नए कॉरिडोर पर भी मेट्रो बिना ड्राइवर के ‘ड्राइवरलेस’ मोड में चलेगी, जो सुरक्षा और सटीकता का वैश्विक मानक है।
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बेहतर ट्रांजिट हब: आजादपुर, जनकपुरी पश्चिम और साकेत जैसे स्टेशन बड़े ट्रांजिट हब के रूप में विकसित होंगे, जहाँ बस, मेट्रो और अन्य परिवहन साधन एक जगह मिलेंगे।
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पर्यावरण और स्पेस की बचत: उत्तर-पूर्वी दिल्ली में बनाए जा रहे डबल-डेकर पिलर से जमीन की बचत होगी और ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी।
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मल्टी-मॉडल एकीकरण: फेज-4 के स्टेशनों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वे रेलवे स्टेशनों और अंतर्राज्यीय बस अड्डों (ISBT) के साथ आसानी से कनेक्ट हो सकें।
दिल्ली मेट्रो फेज-4 का काम पूरा होते ही दिल्ली दुनिया के उन चुनिंदा शहरों में शामिल हो जाएगी जिनके पास सबसे सघन और आधुनिक मेट्रो नेटवर्क है। 2026 का अंत दिल्ली-एनसीआर के करोड़ों यात्रियों के लिए एक नई सुबह लेकर आएगा, जहाँ सफर सिर्फ तेज नहीं, बल्कि स्मार्ट भी होगा।



