By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: पोस्टर-बैनर लगाने पर सख्ती: साइन बोर्ड ढकने पर जेल तक की चेतावनी, उत्तराखंड सरकार को सुप्रीम कोर्ट समिति का निर्देश
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > पोस्टर-बैनर लगाने पर सख्ती: साइन बोर्ड ढकने पर जेल तक की चेतावनी, उत्तराखंड सरकार को सुप्रीम कोर्ट समिति का निर्देश
उत्तराखंडफीचर्ड

पोस्टर-बैनर लगाने पर सख्ती: साइन बोर्ड ढकने पर जेल तक की चेतावनी, उत्तराखंड सरकार को सुप्रीम कोर्ट समिति का निर्देश

The Hill India News
Last updated: April 22, 2026 10:51 am
The Hill India News
Published: April 22, 2026
Share
SHARE

देहरादून: उत्तराखंड में सड़कों पर लगने वाले राजनीतिक पोस्टर और बैनर अब कार्यकर्ताओं और समर्थकों के लिए परेशानी का कारण बन सकते हैं। अब तक नेताओं के जन्मदिन, स्वागत, पदोन्नति या अन्य अवसरों पर जगह-जगह पोस्टर लगाने की परंपरा आम बात रही है, लेकिन अब इस पर सख्त कार्रवाई की तैयारी है। सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा से जुड़ी समिति ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सड़कों पर लगे ट्रैफिक साइन बोर्ड को ढकने वाले पोस्टर और बैनरों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएं।

समिति का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि आम जनता की जान के लिए भी खतरा बनती जा रही हैं। अक्सर देखा गया है कि राजनीतिक पोस्टर और बड़े-बड़े होर्डिंग्स ट्रैफिक संकेतकों के ऊपर या उनके सामने लगा दिए जाते हैं, जिससे उनकी दृश्यता प्रभावित होती है। इससे वाहन चालकों को समय पर जरूरी संकेत नहीं मिल पाते और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ट्रैफिक साइन बोर्ड किसी भी सड़क व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। ये संकेतक ड्राइवरों को गति सीमा, मोड़, खतरे, दिशा और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां देते हैं। खासकर पहाड़ी राज्यों जैसे उत्तराखंड में, जहां सड़कें संकरी और घुमावदार होती हैं, वहां इन संकेतकों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। ऐसे में यदि इन संकेतों को पोस्टर या बैनर से ढक दिया जाए, तो यह सीधे तौर पर दुर्घटनाओं को न्योता देने जैसा है।

सुप्रीम कोर्ट समिति के अध्यक्ष जस्टिस अभय मनोहर ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि यह मोटर व्हीकल एक्ट 1988 का उल्लंघन है। कानून के तहत यदि कोई व्यक्ति सड़क संकेतकों को बाधित करता है या उन्हें ढकता है, तो उसके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। इसमें छह महीने तक की जेल और आर्थिक जुर्माने का प्रावधान भी शामिल है। यह चेतावनी उन सभी लोगों के लिए है जो सार्वजनिक स्थानों पर बिना अनुमति पोस्टर और बैनर लगाते हैं।

समिति ने राज्य सरकार को यह भी निर्देश दिया है कि इस मामले में किसी भी तरह की ढिलाई न बरती जाए। मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को स्पष्ट निर्देश जारी करने के लिए कहा गया है ताकि इस नियम का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके। इसका सीधा मतलब है कि अब प्रशासन इस मुद्दे को नजरअंदाज नहीं करेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई तय है।

उत्तराखंड में सड़क हादसों के बढ़ते आंकड़े भी इस फैसले की एक बड़ी वजह हैं। साल 2026 की शुरुआत से अब तक राज्य में 68 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 234 लोग घायल हुए हैं और 4 लोग लापता बताए गए हैं। देहरादून, पिथौरागढ़, टिहरी और नैनीताल जैसे जिलों में दुर्घटनाओं की संख्या ज्यादा है, जो चिंता का विषय है। विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क सुरक्षा से जुड़े छोटे-छोटे नियमों की अनदेखी भी बड़े हादसों का कारण बन सकती है।

अक्सर यह देखा गया है कि राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के चलते कार्यकर्ता अधिक से अधिक पोस्टर लगाने की होड़ में लगे रहते हैं। कई बार बिना किसी योजना या अनुमति के ये पोस्टर लगाए जाते हैं, जिससे न केवल शहर की सुंदरता प्रभावित होती है, बल्कि सार्वजनिक व्यवस्था भी बाधित होती है। खासतौर पर ट्रैफिक सिग्नल, रोड साइन और सार्वजनिक सूचना बोर्डों को ढक देना एक गंभीर लापरवाही मानी जा रही है।

सरकार और प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इन निर्देशों को जमीन पर कैसे लागू किया जाए। यदि सख्ती से नियम लागू किए जाते हैं, तो निश्चित रूप से इस समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है। इसके लिए स्थानीय निकायों, पुलिस और ट्रैफिक विभाग के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत होगी।

इसके साथ ही आम नागरिकों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की भी जिम्मेदारी बनती है कि वे नियमों का पालन करें। किसी भी नेता के प्रति समर्थन जताने का तरीका ऐसा नहीं होना चाहिए जिससे दूसरों की जान जोखिम में पड़े। सार्वजनिक स्थानों का उपयोग करते समय कानून और व्यवस्था का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

यह मामला भले ही पोस्टर और बैनर से जुड़ा हुआ दिखता हो, लेकिन इसका सीधा संबंध लोगों की सुरक्षा से है। सड़क पर चलने वाला हर व्यक्ति सुरक्षित रहे, यह सुनिश्चित करना सरकार के साथ-साथ समाज की भी जिम्मेदारी है। ऐसे में जरूरी है कि सभी लोग मिलकर इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाएं और नियमों का पालन करें, ताकि सड़क हादसों को कम किया जा सके।

You Might Also Like

‘योगी मॉडल’ की राह पर सुवेंदु अधिकारी? बंगाल की राजनीति में हिंदुत्व की नई पिच तैयार होने के संकेत
सपा में बड़ी टूट की भविष्यवाणी! ओपी राजभर का दावा- ‘पूरी समाजवादी पार्टी भाजपा में आने को तैयार’, अखिलेश का पलटवार
हरिद्वार में दो बाघों के शिकार के बाद देहरादून तक हाई अलर्ट, इंटरनेशनल पोचिंग सिंडिकेट की आशंका, जंगलों में सर्च ऑपरेशन तेज
प्रधानमंत्री मोदी ने की इजरायल के PM बेंजामिन नेतन्याहू से बात, कहा- दुनिया में आतंक की कोई जगह नहीं
ब्रिटेन और मालदीव की यात्रा पर रवाना हुए प्रधानमंत्री मोदी, व्यापार, रक्षा और क्षेत्रीय साझेदारी पर होगा फोकस
TAGGED:Banner RemovalClean City DriveIllegal HoardingsPoster BanPublic Property Protectionroad safetySupreme CourtUttarakhand
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
देशफीचर्ड

सरकार से बनी सहमति, आंदोलन समाप्त: सीजेपी ने वापस लिया विरोध, मंगलवार तक बाकी मांगें पूरी होने का भरोसा

The Hill India News
The Hill India News
July 25, 2026
कांवड़ यात्रा पर सीएम योगी का सख्त अल्टीमेटम: हुड़दंग, अफवाह और अव्यवस्था फैलाने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई, सुरक्षा से सुविधाओं तक व्यापक तैयारी
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से सियासत में हलचल: विपक्ष ने बताया युवाओं की जीत, शिक्षा सुधार की नई उम्मीद जगी
UTU पेपर लीक पर कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन: गणेश गोदियाल समेत कई नेता हिरासत में, सुद्धोवाला जेल भेजे गए
थार में बैठाकर पत्नी की हत्या, फिर नहर में फेंका शव! मुरादाबाद हत्याकांड ने उड़ाए होश, जांच में हो रहे चौंकाने वाले खुलासे
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर जश्न: अभिजीत दीपके बोले— “झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए”
NEET विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, युवाओं के नाम भावुक पत्र में बोले— ‘देश के किसी भी छात्र के भविष्य से नहीं होने दूंगा अन्याय’
देहरादून में नशे के कारोबार पर बड़ा प्रहार: हॉटस्पॉट क्षेत्रों में होगी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, युवाओं को बचाने के लिए प्रशासन का व्यापक अभियान
कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को नमन: सीएम धामी ने ‘रन फॉर कारगिल हीरोज’ मैराथन को दिखाई हरी झंडी, युवाओं से राष्ट्र सेवा का किया आह्वान
CJP प्रदर्शन पर सख्ती: हत्या के प्रयास की धारा वाली FIR से बढ़ा विवाद, जंतर-मंतर बना सुरक्षा छावनी
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?