दिल्लीफीचर्ड

मालवीय नगर अग्निकांड में बड़ा खुलासा: कुक केशव नेगी गिरफ्तार, लापरवाही ने छीनी 21 लोगों की जान

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टेज बेड एंड ब्रेकफास्ट (बी एंड बी) होटल में हुए भीषण अग्निकांड मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए होटल के कुक केशव नेगी को गिरफ्तार कर लिया है। इस दर्दनाक हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। पुलिस का दावा है कि प्रारंभिक जांच में आग फैलने के पीछे केशव नेगी की गंभीर लापरवाही सामने आई है।

इससे पहले पुलिस होटल के मालिक लवकेश बजाज को भी गिरफ्तार कर चुकी है। अब जांच एजेंसियां होटल प्रबंधन, स्टाफ और संपत्ति से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी बारीकी से पड़ताल कर रही हैं। पुलिस ने कुछ अन्य व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और घटना से जुड़े हर पहलू की जांच की जा रही है।

जांच के दौरान सामने आया है कि हादसे वाले दिन होटल के किचन में इलेक्ट्रिक चूल्हे का इस्तेमाल किया जा रहा था। इसी दौरान अचानक तेज धमाके जैसी आवाज हुई और कुछ ही पलों में आग ने पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। शुरुआत में केशव नेगी ने दावा किया था कि आग लगने के बाद वह किसी तरह अपनी जान बचाकर बाहर निकलने में सफल रहा था और आग बहुत तेजी से फैल गई थी।

हालांकि, पुलिस जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उन्होंने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। अधिकारियों के अनुसार, इलेक्ट्रिक चूल्हे में आग लगने के बाद केशव नेगी ने घबराहट में मुख्य बिजली स्विच बंद कर दिया। जांचकर्ताओं का कहना है कि मुख्य बिजली सप्लाई बंद होते ही होटल के इलेक्ट्रॉनिक लॉक सिस्टम वाले दरवाजे निष्क्रिय हो गए और कई कमरों में फंसे लोग बाहर नहीं निकल पाए।

सबसे दुखद पहलू यह रहा कि एक पति-पत्नी बाथरूम में फंस गए और समय रहते बाहर नहीं निकल सके, जिसके कारण उनकी मौत हो गई। इसके अलावा कई अन्य मेहमान भी होटल के विभिन्न हिस्सों में फंस गए थे। पुलिस का मानना है कि यदि मुख्य स्विच बंद नहीं किया जाता और आपातकालीन सुरक्षा उपाय सही तरीके से लागू होते, तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी।

दिल्ली पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम होटल के सुरक्षा मानकों, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और आपातकालीन निकासी व्यवस्था की भी जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि होटल में आग से सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि होटल के इलेक्ट्रॉनिक लॉक सिस्टम के लिए कोई वैकल्पिक आपातकालीन व्यवस्था मौजूद थी या नहीं।

इस हादसे ने राजधानी में होटलों और गेस्ट हाउसों की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन होना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोका जा सके।

फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस अग्निकांड से जुड़े और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। मृतकों के परिजनों को न्याय दिलाने और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की दिशा में जांच जारी है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button