देहरादून। उत्तराखंड को ‘ड्रग्स फ्री देवभूमि’ बनाने के अभियान के तहत देहरादून पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। थाना रायपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक ऐसे तस्कर को गिरफ्तार किया है, जिसके कब्जे से करीब 30 लाख रुपये मूल्य की 48.55 ग्राम एमडीएमए (MDMA) और 40.75 ग्राम स्मैक बरामद की गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी इन मादक पदार्थों को सहारनपुर से लाकर देहरादून की हाई-प्रोफाइल पार्टियों में सप्लाई करने की तैयारी कर रहा था। पुलिस इस मामले को नशा तस्करी के बड़े नेटवर्क से जोड़कर जांच कर रही है और इससे जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
पुलिस के अनुसार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “ड्रग्स फ्री देवभूमि” विजन को साकार करने के लिए पूरे राज्य में नशा तस्करों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून के निर्देश पर ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत रायपुर थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि एक तस्कर भारी मात्रा में एमडीएमए लेकर देहरादून पहुंचा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने रायपुर क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान शुरू किया और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी।
21 जुलाई की देर रात अरण्य विहार क्षेत्र में एक खाली प्लॉट के पास पुलिस ने एक संदिग्ध युवक को रोककर उसकी तलाशी ली। जांच के दौरान उसके पास से 48.55 ग्राम एमडीएमए और 40.75 ग्राम स्मैक बरामद हुई। गिरफ्तार आरोपी की पहचान दानिश, निवासी ग्राम नागल, थाना नागल, जिला सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि बरामद मादक पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये आंकी गई है।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने यह मादक पदार्थ सहारनपुर के एक स्थानीय नशा तस्कर से खरीदे थे। उसका उद्देश्य इन्हें देहरादून की हाई-प्रोफाइल पार्टियों और चुनिंदा ग्राहकों तक पहुंचाकर भारी मुनाफा कमाना था। पुलिस को पूछताछ के दौरान नशा तस्करी से जुड़े कुछ अन्य लोगों के नाम और महत्वपूर्ण जानकारियां भी मिली हैं। इन सुरागों के आधार पर पुलिस अब पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में कार्रवाई कर रही है।
एसपी क्राइम जितेंद्र चौधरी ने बताया कि यह कार्रवाई केवल एक आरोपी की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे सक्रिय पूरे ड्रग्स सिंडिकेट की पहचान कर उसे खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपी पहले भी देहरादून या उत्तराखंड के अन्य शहरों में नशीले पदार्थों की सप्लाई कर चुका है या नहीं। साथ ही यह जांच भी की जा रही है कि हाई-प्रोफाइल पार्टियों के आयोजकों या अन्य लोगों की इस नेटवर्क में कोई भूमिका तो नहीं थी।
इस मामले में रायपुर थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21/22 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन और ड्रग्स सप्लाई चेन की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और पूरे नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उत्तराखंड पुलिस लगातार युवाओं को नशे के खतरे से बचाने और राज्य को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से अभियान चला रही है। हाल की इस कार्रवाई को उसी अभियान की एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस का मानना है कि समय रहते इस खेप को पकड़कर न केवल लाखों रुपये के मादक पदार्थों की सप्लाई रोकी गई, बल्कि अनेक युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से भी बचाया गया। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है, क्योंकि पुलिस पूरे नेटवर्क की परत-दर-परत जांच में जुटी हुई है।
