By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: ‘मैं जीना चाहता हूं, लेकिन युवाओं के भविष्य की कीमत पर नहीं’ – सोनम वांगचुक का केंद्र सरकार को भावुक व कड़ा पत्र
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > ‘मैं जीना चाहता हूं, लेकिन युवाओं के भविष्य की कीमत पर नहीं’ – सोनम वांगचुक का केंद्र सरकार को भावुक व कड़ा पत्र
देशफीचर्ड

‘मैं जीना चाहता हूं, लेकिन युवाओं के भविष्य की कीमत पर नहीं’ – सोनम वांगचुक का केंद्र सरकार को भावुक व कड़ा पत्र

The Hill India News
Last updated: July 22, 2026 1:36 pm
The Hill India News
Published: July 22, 2026
Share
SHARE

नई दिल्ली: देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने की घटनाओं और भ्रष्ट परीक्षा तंत्र के खिलाफ राजधानी दिल्ली में अनशन पर बैठे प्रसिद्ध शिक्षाविद एवं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का आंदोलन अब एक बेहद संवेदनशील और निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। अस्पताल में भर्ती वांगचुक ने केंद्र सरकार को एक बेहद गंभीर, भावुक और रणनीतिक पत्र भेजा है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा को संबोधित इस पत्र में वांगचुक ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वे देश और शिक्षा जगत की सेवा के लिए जीना चाहते हैं, लेकिन वे उन लाखों युवाओं के भविष्य से समझौता करके अपना अनशन खत्म नहीं करेंगे, जिनकी उम्मीदों पर यह राष्ट्रव्यापी आंदोलन खड़ा हुआ है।

Contents
अस्पताल में हुई मुलाकात और केंद्रीय मंत्रियों का आभारसोनम वांगचुक की केंद्र से 4 प्रमुख मांगें‘चलो संसद’ मार्च: धैर्य और लोकतांत्रिक प्रतिबद्धता का उदाहरण65 से अधिक सांसदों की अपील और ‘जीने की प्रबल इच्छा’लिखित आश्वासन की शर्त: ‘आश्वासन मिला तो हटेगा अनशन’लोकतंत्र की कसौटी पर केंद्र सरकार

अस्पताल में हुई मुलाकात और केंद्रीय मंत्रियों का आभार

अपने पत्र की शुरुआत में सोनम वांगचुक ने बीती रात अस्पताल के आईसीयू/वॉर्ड में उनसे मिलने पहुंचे केंद्रीय मंत्रियों जे.पी. नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह का आभार जताया। वांगचुक ने लिखा कि मंत्रियों द्वारा व्यक्तिगत रूप से आकर उनका स्वास्थ्य हाल जानना और अनशन खत्म करने की मानवीय अपील करना उनके प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है।

उन्होंने लिखा, “हमारी बातचीत के दौरान आपने मुझे भरोसा दिलाया था कि सरकार छात्रों की चिंताओं और हमारी मांगों पर सकारात्मक व सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी। आपकी इस पहल ने सरकार और आंदोलनकारियों के बीच संवाद का एक सकारात्मक मार्ग प्रशस्त किया है, जिसके लिए मैं आपका धन्यवाद करता हूं।”

सोनम वांगचुक की केंद्र से 4 प्रमुख मांगें

सोनम वांगचुक ने सरकार से केवल मौखिक आश्वासन के बजाय ठोस और लिखित कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने पत्र में मुख्य रूप से चार प्रमुख मुद्दों पर केंद्र का ध्यान आकृष्ट किया है:

  1. पीड़ित परिवारों को सम्मानजनक मुआवज़ा: हाल के महीनों में पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने से उत्पन्न मानसिक तनाव व अवसाद के कारण आत्महत्या करने वाले असहाय प्रतियोगी छात्रों के परिवारों को केंद्र सरकार द्वारा उचित और सम्मानजनक वित्तीय सहायता व आर्थिक मुआवज़ा दिया जाए।

  2. संसद में जवाबदेही व शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर विचार: देश की भर्ती प्रक्रियाओं और शिक्षा प्रणाली में व्याप्त धांधली की संस्थागत जवाबदेही तय करने के लिए संसद के आगामी सत्र में सार्थक चर्चा कराई जाए। इस चर्चा में इस व्यापक विफलता को स्वीकार करते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर विचार करना भी शामिल हो।

  3. युवा प्रदर्शनकारियों को कानूनी उत्पीड़न से संरक्षण: 20 जुलाई 2026 को आयोजित हुए ‘चलो संसद’ मार्च में शामिल होने वाले किसी भी छात्र, युवा या नागरिक के खिलाफ कोई दंडात्मक, कानूनी या बदले की भावना से पुलिस कार्रवाई न की जाए।

  4. पुलिस बल प्रयोग पर पूर्ण रोक: अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे युवाओं और प्रदर्शनकारियों पर भविष्य में पुलिस द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग या दमनकारी नीतियां न अपनाई जाएं।

Photo: @Wangchuk66

‘चलो संसद’ मार्च: धैर्य और लोकतांत्रिक प्रतिबद्धता का उदाहरण

वांगचुक ने अपने पत्र में 20 जुलाई 2026 को आयोजित ‘चलो संसद’ मार्च का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा की गई भारी बाड़ाबंदी और कथित सख्त रवैये के बावजूद, देश के कोने-कोने से आए युवाओं ने अत्यधिक शांति और अनुशासित तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया।

“पूरे देश और दुनिया ने 20 जुलाई को हमारे युवाओं के अभूतपूर्व धैर्य, संयम और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को देखा है। मुझे पूरी उम्मीद है कि हमारे लोकतांत्रिक संस्थानों में युवाओं के इस भरोसे को किसी कानूनी मुकदमे, पुलिस उत्पीड़न या बदले की भावना से की गई कार्रवाई से कमजोर नहीं किया जाएगा।”

— सोनम वांगचुक

65 से अधिक सांसदों की अपील और ‘जीने की प्रबल इच्छा’

अस्पताल के बिस्तर से सोनम वांगचुक ने इस बात का भी खुलासा किया कि उनसे मिलने और पत्र लिखने वालों में केवल सत्ता पक्ष ही नहीं, बल्कि विभिन्न राजनीतिक दलों के लगभग 65 सांसद शामिल हैं। इन सभी जनप्रतिनिधियों ने वांगचुक के स्वास्थ्य पर चिंता व्यक्त करते हुए उनसे अपना अनशन तुरंत समाप्त करने का आग्रह किया है।

वांगचुक ने पत्र में भावुक होते हुए लिखा:

“विभिन्न दलों के लगभग 65 सांसदों ने मुझे पत्र लिखा है और याद दिलाया है कि मुझे अभी देश, समाज और शिक्षा की सेवा में बहुत काम करना है। मैं उनकी बात से पूरी तरह सहमत हूं। मैं जीना चाहता हूं। मैं अपने छात्रों, अपनी शोध प्रयोगशालाओं और उस शैक्षणिक कार्य में लौटना चाहता हूं जिसने मेरे जीवन को एक पहचान दी है। लेकिन मैं यह सब उन युवाओं की कीमत पर नहीं कर सकता जिनके अधिकारों और भविष्य के लिए यह आंदोलन शुरू हुआ था।”

लिखित आश्वासन की शर्त: ‘आश्वासन मिला तो हटेगा अनशन’

सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार के सामने अपना अनशन समाप्त करने का एक पारदर्शी और सीधा मार्ग रखा है। उन्होंने सरकार से एक स्पष्ट व आधिकारिक लिखित आश्वासन मांगा है कि इस पेपर लीक आंदोलन में भाग लेने वाले किसी भी युवा के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी, क्योंकि उनका एकमात्र “अपराध” एक निष्पक्ष, पारदर्शी और जवाबदेह शिक्षा प्रणाली के लिए आवाज उठाना रहा है।

वांगचुक ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए लिखा:

“अगर ऐसा आश्वासन दिया जाता है तो मैं इस भरोसे के साथ अपना अनशन खत्म करूंगा कि सरकार ने न केवल मेरी अपील सुनी है, बल्कि देश के लाखों युवा भारतीयों की उम्मीदों और दर्द को भी समझा है। हालांकि, ऐसे स्पष्ट आश्वासन के अभाव में, मैं गिरते स्वास्थ्य के बावजूद अनिश्चितकाल के लिए अपना अनशन जारी रखने के लिए मजबूर हो जाऊंगा।”

लोकतंत्र की कसौटी पर केंद्र सरकार

सोनम वांगचुक ने अपने पत्र का अंत लोकतंत्र के एक बुनियादी सिद्धांत की याद दिलाते हुए किया। उन्होंने लिखा कि किसी भी जीवंत लोकतंत्र का भविष्य इस बात पर निर्भर नहीं करता कि वह सत्ता से सहमत होने वालों के साथ कैसा व्यवहार करता है, बल्कि इस बात से तय होता है कि वह अपने उन युवा नागरिकों के साथ कैसा व्यवहार करता है जो साहस, उम्मीद और पक्के इरादे के साथ अपनी बात रखने की हिम्मत जुटाते हैं।

अब गेंद पूरी तरह से केंद्र सरकार के पाले में है। देश भर के करोड़ों छात्र, अभिभावक और नागरिक इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि क्या केंद्र सरकार सोनम वांगचुक की इन मांगों पर सकारात्मक लिखित आश्वासन देकर इस गतिरोध को खत्म करती है या छात्रों का यह आंदोलन और उग्र रूप धारण करता है।

You Might Also Like

‘आयकर नोटिस’ के मामले में कांग्रेस को फिलहाल ‘राहत’, लोकसभा चुनाव तक नहीं होगी कार्रवाई
यूपी बना निवेश का ‘ग्लोबल डेस्टिनेशन’: सीएम योगी ने लॉन्च किया ‘निवेश मित्र 3.0’, उद्योगों के लिए खुला ₹2,781 करोड़ का पिटारा
आपदा प्रबंधन पर पूर्व सीएम हरीश रावत के तीखे प्रहार: उत्तरकाशी से देहरादून तक सरकार को घेरा
देहरादून में भू-माफियाओं पर ‘बुलडोजर’ एक्शन: गल्ज्वाड़ी में सरकारी नाले पर अवैध कब्जा ध्वस्त, 77 बीघा में चल रही प्लाटिंग पर प्रशासन का कड़ा प्रहार
ABVP की महिला कार्यकर्ता को बाल पकड़कर घसीटा, तेलंगाना पुलिस की बर्बरता वीडियो हुआ वायरल
TAGGED:Chalo Sansad MarchEducation System Reform IndiaPaper Leak Protest 2026Sonam Wangchuk Hunger StrikeSonam Wangchuk Letter To Union Ministers
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
देशफीचर्ड

नई साड़ी नहीं लाने पर पत्नी ने कुकर के ढक्कन से हमला कर ली पति की जान, बेनकाब हुई खौफनाक साजिश

The Hill India News
The Hill India News
July 22, 2026
‘मैं जीना चाहता हूं, लेकिन युवाओं के भविष्य की कीमत पर नहीं’ – सोनम वांगचुक का केंद्र सरकार को भावुक व कड़ा पत्र
देहरादून में ड्रग्स तस्करी पर बड़ा प्रहार: 30 लाख की MDMA और स्मैक बरामद, हाई-प्रोफाइल पार्टियों तक पहुंचने से पहले आरोपी गिरफ्तार
‘152 पेपर लीक, 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित’: शिक्षा व्यवस्था पर राहुल गांधी का बड़ा हमला, सरकार से मांगे जवाब और कार्रवाई
उत्तराखंड की एकल महिलाओं को आत्मनिर्भरता की नई उड़ान: मुख्यमंत्री धामी ने स्वरोजगार योजना के द्वितीय चरण में 488 महिलाओं को सौंपी ₹2.76 करोड़ से अधिक की सहायता राशि
ट्विशा शर्मा केस में नया मोड़: दो महिला जजों ने सुनवाई से किया इनकार, गिरीबाला की जमानत याचिका CBI कोर्ट ट्रांसफर
CJP प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज मामले में दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, केंद्र और दिल्ली पुलिस को नोटिस; सबूत सुरक्षित रखने के दिए निर्देश
INS मालवन से बढ़ी भारतीय नौसेना की ताकत, समुद्र में दुश्मनों पर रखेगा पैनी नजर; आत्मनिर्भर भारत को मिला नया सुरक्षा कवच
उत्तराखंड के स्कूलों में मिड-डे मील की होगी रियल टाइम निगरानी, हर विद्यालय का सोशल ऑडिट अनिवार्य; शिक्षा, स्वास्थ्य और सुविधाओं पर सरकार का बड़ा फोकस
लोकसभा में बड़ा एक्शन: महिला सांसदों पर कथित अभद्र टिप्पणी के बाद TMC सांसद कल्याण बनर्जी निलंबित, संसद में मचा सियासी तूफान
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?