By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: घर खरीदारों को राहत, बिल्डर भी चुकाेंगे 18% ब्याज
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: घर खरीदारों को राहत, बिल्डर भी चुकाेंगे 18% ब्याज
देशफीचर्ड

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: घर खरीदारों को राहत, बिल्डर भी चुकाेंगे 18% ब्याज

The Hill India News
Last updated: September 26, 2025 2:10 am
The Hill India News
Published: September 26, 2025
Share
File Photo
SHARE

नई दिल्ली: रियल एस्टेट सेक्टर में घर खरीदारों और बिल्डरों के बीच विवाद अब आम हो चुके हैं। लंबे इंतजार, कब्जे में देरी और अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन के मामलों में उपभोक्ता आयोग से लेकर अदालत तक लगातार सुनवाई होती रहती है। ऐसे ही एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है, जिसने हजारों घर खरीदारों को बड़ी राहत दी है।

Contents
12 साल तक इंतजार करता रहा खरीदारएनसीडीआरसी का आदेश और खरीदार की नाराज़गीसुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणीखरीदारों के हक में ऐतिहासिक फैसलादो महीने की मोहलत, 18% ब्याज के साथ राशि लौटानी होगीरियल एस्टेट सेक्टर पर असरखरीदारों के लिए राहत, बिल्डरों के लिए सबक

सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि अगर कोई बिल्डर खरीदार से भुगतान में देरी होने पर 18 प्रतिशत ब्याज वसूल सकता है, तो उसे भी उतना ही ब्याज देना होगा अगर वह समय पर मकान या प्लॉट का कब्जा देने में विफल रहता है। कोर्ट ने दो टूक कहा कि ऐसा कोई कानूनी सिद्धांत नहीं है जिसके तहत बिल्डर द्वारा वसूला गया ब्याज खरीदार को वापस नहीं दिया जा सकता।


12 साल तक इंतजार करता रहा खरीदार

यह मामला वर्ष 2006 से जुड़ा है। अपीलकर्ता ने एक प्रतिष्ठित बिल्डर से प्लॉट बुक किया था और इसके लिए उसने 28 लाख रुपये से ज्यादा की राशि भी अदा कर दी थी। खरीदार को भरोसा था कि कुछ ही वर्षों में उसे अपने सपनों का प्लॉट मिल जाएगा।

लेकिन हकीकत बिल्कुल उलट रही। मई 2018 तक भी बिल्डर प्लॉट का कब्जा देने में असफल रहा। यानी, खरीदार को 12 साल तक इंतजार करना पड़ा। इतने लंबे इंतजार के बाद खरीदार ने थककर राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) का दरवाजा खटखटाया और जमा राशि के साथ ब्याज वापसी की मांग की।


एनसीडीआरसी का आदेश और खरीदार की नाराज़गी

मामले की सुनवाई करते हुए एनसीडीआरसी ने खरीदार के पक्ष में फैसला सुनाया और बिल्डर को जमा राशि लौटाने के साथ 9 प्रतिशत सालाना ब्याज देने का आदेश दिया।

लेकिन खरीदार ने इस फैसले को अपर्याप्त माना। उसका कहना था कि बिल्डर ने वर्षों तक उसके पैसों का इस्तेमाल किया, मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न झेलना पड़ा, ऐसे में 9 प्रतिशत ब्याज पर्याप्त नहीं है। मामला आखिरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।


सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट की बेंच, जिसमें जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ए.जी. मसीह शामिल थे, ने एनसीडीआरसी के आदेश की समीक्षा की। बेंच ने कहा कि इतने लंबे इंतजार के बाद केवल 9 प्रतिशत ब्याज देना न्यायसंगत नहीं है।

कोर्ट ने टिप्पणी की:

“अगर बिल्डर भुगतान में देरी होने पर खरीदार से 18 प्रतिशत ब्याज वसूल सकता है, तो उसे भी वही ब्याज चुकाना होगा जब वह खुद समय पर कब्जा देने में नाकाम होता है। कानून के समक्ष समानता का यही तकाजा है।”


खरीदारों के हक में ऐतिहासिक फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को विशेष परिस्थितियों में न्याय और समानता के आधार पर देखा। बेंच ने माना कि अगर इस तरह के मामलों में खरीदार को कम ब्याज दिया जाए तो यह न केवल अन्याय होगा बल्कि बिल्डरों को गलत सौदों को बढ़ावा देने का लाइसेंस भी मिल जाएगा।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह नियम हर मामले पर लागू नहीं होगा। लेकिन जहां बिल्डर खरीदार से अनुचित शर्तों पर ब्याज वसूलते हैं और खुद डिफॉल्ट करते हैं, वहां उन्हें भी वैसा ही ब्याज चुकाना होगा।


दो महीने की मोहलत, 18% ब्याज के साथ राशि लौटानी होगी

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि बिल्डर को खरीदार द्वारा जमा की गई पूरी राशि 18 प्रतिशत सालाना ब्याज के साथ लौटानी होगी। कोर्ट ने बिल्डर को इसके लिए दो महीने की मोहलत दी।

न्यायालय ने माना कि खरीदार को एक दशक से ज्यादा इंतजार करना पड़ा, जिससे उसे मानसिक परेशानी, आर्थिक नुकसान और असुरक्षा झेलनी पड़ी। ऐसे हालात में केवल 9 प्रतिशत ब्याज न्यायपूर्ण नहीं था।


रियल एस्टेट सेक्टर पर असर

इस फैसले के बाद बिल्डरों के सामने बड़ा संदेश गया है। अब वे अनुबंध की शर्तों का पालन करने के लिए और अधिक जिम्मेदार होंगे। अगर वे खरीदार को समय पर कब्जा नहीं देते, तो उन्हें भी भारी आर्थिक दंड झेलना पड़ेगा।

यह फैसला रियल एस्टेट सेक्टर में नैतिकता और पारदर्शिता को बढ़ावा देगा। साथ ही, उन हजारों घर खरीदारों के लिए मिसाल बनेगा, जो वर्षों से अपने मकान और प्लॉट के कब्जे का इंतजार कर रहे हैं।


खरीदारों के लिए राहत, बिल्डरों के लिए सबक

सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश न केवल एक मामले का निपटारा है बल्कि पूरे देश के लिए कानूनी दृष्टांत (legal precedent) भी है। यह दिखाता है कि अदालतें अब केवल बिल्डरों के दावों पर निर्भर नहीं रहेंगी, बल्कि खरीदारों के साथ बराबरी का व्यवहार करेंगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला आने वाले समय में उपभोक्ता आयोग और अन्य अदालतों के लिए भी मार्गदर्शक बनेगा।


कुल मिलाकर, यह फैसला घर खरीदारों के लिए गौरव और जीत का पल है। यह उन्हें विश्वास दिलाता है कि लंबे इंतजार और उत्पीड़न के बाद भी न्याय संभव है। वहीं, बिल्डरों के लिए यह एक सख्त चेतावनी है कि अगर उन्होंने अनुबंध का पालन नहीं किया, तो उन्हें भी खरीदारों की तरह कठोर ब्याज चुकाना होगा।

You Might Also Like

Health News: 06 साल के मासूम की हार्ट अटैक से मौत, क्लास 1 का था छात्र
उत्तराखंड: आपदा के समय जीवनरेखा बनी हेली सेवाएं, चारधाम यात्रा से पहले उत्तराखंड में व्यापक मॉक ड्रिल
कर्पूरी ठाकुर, चौधरी चरण सिंह और नरसिम्हा राव समेत इन 5 हस्तियां, आज होंगी भारत रत्न से सम्मानित
उत्तराखंड: पिथौरागढ़ में मेडिकल वेस्ट प्रबंधन पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से 4 हफ्ते में मांगी रिपोर्ट
उत्तराखंड की रजत जयंती पर बोले प्रधानमंत्री मोदी — “जनभागीदारी ही विकसित उत्तराखंड की आधारशिला”
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
देशफीचर्डराजनीति

मांजलपुर उपचुनाव में BJP की शानदार जीत: सतीश पटेल ने 30 हजार से अधिक वोटों से कांग्रेस को हराया, गुजरात में कमल फिर खिला

The Hill India News
The Hill India News
August 3, 2026
ITR Refund का इंतजार खत्म कब होगा? जानिए इनकम टैक्स रिफंड की पूरी प्रक्रिया, कितने दिनों में मिलेगा पैसा और किन वजहों से हो सकती है देरी
पप्पू यादव के भगवा प्रदर्शन पर INDIA गठबंधन में दरार! सपा ने किया किनारा, राम मंदिर मुद्दे पर विपक्ष के अलग-अलग सुर आए सामने
NEET पेपर लीक आंदोलन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: ‘छात्रों को मिलेगा न्याय, लेकिन अपराधियों को नहीं मिलेगी कोई राहत’; FIR, पुलिस कार्रवाई और जांच पर कोर्ट की बड़ी टिप्पणी
JPSC परीक्षा विवाद ने पकड़ा तूल: हजारों अभ्यर्थी सड़कों पर, परीक्षा रद्द करने से लेकर CBI जांच तक उठीं बड़ी मांगें
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट गंभीर: क्या बदलेगा विरोध प्रदर्शन का केंद्र? केंद्र सरकार से मांगा जवाब
बृज भूषण शरण सिंह को बड़ी राहत: कोर्ट से बरी होने के बाद बोले— “अगर एक भी आरोप साबित होता तो खुद फांसी पर लटक जाता”
ऐतिहासिक फैसला! राष्ट्रपति मुर्मू ने एंटी-पेपर लीक कानून को दी मंजूरी, अब 2 महीने में जांच, 3 महीने में फैसला और 10 साल तक की जेल
गलत नंबर पर हो गया मोबाइल रिचार्ज? घबराएं नहीं! Airtel और Jio यूजर्स ऐसे वापस पा सकते हैं अपने पैसे, जानिए पूरा प्रोसेस
संसद के ‘भगवा प्रदर्शन’ पर कानूनी शिकंजा: राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ केस दर्ज, धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?