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The Hill India > Blog > उत्तराखंड > दिव्यांग बच्चों के बीच सीएम धामी ने काटा जन्मदिन का केक, बच्चों का गीत सुन भावुक हुए मुख्यमंत्री; बोले- सहानुभूति नहीं, सशक्तिकरण जरूरी
उत्तराखंडफीचर्ड

दिव्यांग बच्चों के बीच सीएम धामी ने काटा जन्मदिन का केक, बच्चों का गीत सुन भावुक हुए मुख्यमंत्री; बोले- सहानुभूति नहीं, सशक्तिकरण जरूरी

The Hill India News
Last updated: September 16, 2026 8:07 am
The Hill India News
Published: September 16, 2026
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देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने जन्मदिन को इस बार एक अलग और संवेदनशील अंदाज में मनाया। 16 सितंबर को अपने जन्मदिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री देहरादून स्थित राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (NIEPVD) पहुंचे और वहां अध्ययनरत दृष्टि दिव्यांग बच्चों के बीच केक काटकर अपना जन्मदिन मनाया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर संस्थान के बच्चे भी बेहद उत्साहित और खुश नजर आए। इस दौरान बच्चों ने मुख्यमंत्री के जन्मदिन पर उनके लिए गीत गाया, जिसे सुनकर मुख्यमंत्री धामी भावुक दिखाई दिए।

Contents
बच्चों के साथ बिताया समय बना जन्मदिन की खास याद‘सिर्फ सहानुभूति नहीं, दिव्यांग बच्चों को सक्षम बनाना जरूरी’NIEPVD में दिव्यांग बच्चों के लिए शिक्षा और सुविधाएंप्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों का भी किया उल्लेख‘युवा संकल्प दिवस’ के रूप में मनाने की बात

मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ काफी समय बिताया और उनसे बातचीत कर उनकी पढ़ाई, रुचियों तथा भविष्य के लक्ष्यों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बच्चों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, आत्मविश्वास, दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास सबसे महत्वपूर्ण हैं। मुख्यमंत्री ने बच्चों को भरोसा दिलाया कि समाज में प्रत्येक व्यक्ति को अपनी प्रतिभा और क्षमता के अनुसार आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि बच्चों के बीच बिताया गया समय उन्हें नई ऊर्जा और प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे के भीतर अपार प्रतिभा और संभावनाएं मौजूद हैं। आवश्यकता इस बात की है कि उन्हें आगे बढ़ने के लिए उचित अवसर, प्रोत्साहन और विश्वास दिया जाए। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन का सशक्तिकरण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि समाज में हर व्यक्ति को समान अवसर, सम्मान और आगे बढ़ने के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना हम सभी का दायित्व है। मुख्यमंत्री के अनुसार, बच्चों का स्नेह और उनके चेहरों पर दिखाई देने वाली खुशी उनके जन्मदिन का सबसे विशेष और यादगार उपहार है।

बच्चों के साथ बिताया समय बना जन्मदिन की खास याद

जन्मदिन के मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वह अपने जन्मदिवस को केवल औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित रखने के बजाय बच्चों के बीच जाकर मनाना पसंद करते हैं। उन्होंने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि मनुष्य जब रात को सोने के बाद सुबह उठता है तो वह उसके लिए एक नए जीवन और नए दिन की शुरुआत होती है। इसी भाव के साथ वह अपने जन्मदिन के अवसर पर बच्चों के बीच पहुंचकर उनके साथ कुछ समय बिताने का प्रयास करते हैं।

मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ केक काटा और उन्हें अपने हाथों से केक खिलाया। इस दौरान बच्चों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। मुख्यमंत्री ने भी बच्चों के साथ सहजता से बातचीत की और उनके साथ समय बिताया। बच्चों ने मुख्यमंत्री के जन्मदिन पर गीत प्रस्तुत किया। बच्चों की इस प्रस्तुति ने माहौल को भावुक बना दिया और मुख्यमंत्री धामी भी इस दौरान भावुक नजर आए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन बच्चों की प्रतिभा और आत्मविश्वास समाज के लिए प्रेरणा का विषय है। उन्होंने बच्चों को अपने सपनों को पूरा करने के लिए लगातार मेहनत करने और किसी भी चुनौती से घबराए बिना आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

‘सिर्फ सहानुभूति नहीं, दिव्यांग बच्चों को सक्षम बनाना जरूरी’

मुख्यमंत्री धामी ने दिव्यांग बच्चों के सशक्तिकरण को लेकर कहा कि इन बच्चों को केवल हमारी सहानुभूति की आवश्यकता नहीं है। उनके लिए ऐसा वातावरण तैयार करना जरूरी है, जिसमें वे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें और समाज के हर क्षेत्र में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकें।

उन्होंने कहा कि दिव्यांग बच्चों में से जिनको आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है, वे शिक्षा, खेल, कला, तकनीक और अन्य क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में समाज की जिम्मेदारी है कि उनकी क्षमताओं को पहचाना जाए और उन्हें आवश्यक संसाधन तथा अवसर उपलब्ध कराए जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास और लगातार प्रयास के माध्यम से जीवन की बड़ी से बड़ी चुनौती को पार किया जा सकता है। उन्होंने बच्चों को अपने लक्ष्य की ओर पूरे विश्वास और उत्साह के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

NIEPVD में दिव्यांग बच्चों के लिए शिक्षा और सुविधाएं

देहरादून स्थित राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान दृष्टिबाधित लोगों और बच्चों के सशक्तिकरण से जुड़े कार्यों के लिए महत्वपूर्ण संस्थानों में शामिल है। केंद्र सरकार के अनुसार, संस्थान दृष्टिबाधित बच्चों के लिए सीबीएसई से संबद्ध मॉडल स्कूल संचालित करता है, जहां नर्सरी से कक्षा 12वीं तक शिक्षा की व्यवस्था है। संस्थान की ओर से ब्रेल, ऑडियो, ई-पब और बड़े प्रिंट जैसे सुलभ प्रारूपों में अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जाती है।

यही वजह है कि मुख्यमंत्री का बच्चों के बीच पहुंचना उनके लिए भी विशेष अवसर रहा। मुख्यमंत्री ने बच्चों से बातचीत के दौरान उनकी उपलब्धियों और रुचियों को जानने का प्रयास किया तथा उन्हें भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।

प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों का भी किया उल्लेख

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि दृष्टि दिव्यांग बच्चों को आगे बढ़ाने और उन्हें सक्षम बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भी विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिव्यांग बच्चों को शिक्षा, प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि दिव्यांगता किसी व्यक्ति की प्रतिभा और क्षमता की सीमा निर्धारित नहीं करती। यदि उचित अवसर, संसाधन और सहयोग मिले तो दिव्यांग बच्चे भी समाज के हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने भीतर की क्षमता पर विश्वास रखें और जीवन में निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहें। उन्होंने बच्चों से कहा कि किसी भी चुनौती को अपनी कमजोरी न मानें, बल्कि उसे आगे बढ़ने की प्रेरणा बनाएं।

‘युवा संकल्प दिवस’ के रूप में मनाने की बात

मुख्यमंत्री धामी ने अपने जन्मदिवस के अवसर पर प्रदेश के युवाओं द्वारा इस दिन को ‘युवा संकल्प दिवस’ के रूप में मनाए जाने का भी उल्लेख किया। उन्होंने युवाओं से सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने और समाज तथा प्रदेश के विकास में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि युवाओं के भीतर ऊर्जा, प्रतिभा और नए विचारों की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता केवल उन्हें सही दिशा और अवसर देने की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा अपनी क्षमताओं का उपयोग समाजहित और प्रदेशहित में करें तो उत्तराखंड को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री के जन्मदिन का यह कार्यक्रम केवल केक काटने और शुभकामनाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दिव्यांग बच्चों के साथ बिताए गए समय ने इसे एक भावनात्मक अवसर बना दिया। बच्चों के गीत, उनके साथ संवाद और मुख्यमंत्री का सहज व्यवहार कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा।

मुख्यमंत्री ने अंत में बच्चों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि समाज का वास्तविक विकास तभी संभव है, जब हर व्यक्ति को समान अवसर, सम्मान और आगे बढ़ने का अधिकार मिले। उन्होंने कहा कि दिव्यांग बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना सामूहिक जिम्मेदारी है।

इस तरह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने जन्मदिन के अवसर पर दिव्यांग बच्चों के बीच पहुंचकर उनके साथ खुशियां साझा कीं। बच्चों की मुस्कान और स्नेह के बीच मनाया गया यह जन्मदिन मुख्यमंत्री के लिए भी एक यादगार अवसर बना।

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