
हरिद्वार में एक अत्यंत भावुक और धार्मिक वातावरण के बीच उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के छोटे पुत्र और दिवंगत प्रतीक यादव की अस्थियां पूरे विधि-विधान के साथ गंगा नदी में विसर्जित की गईं। यह धार्मिक अनुष्ठान हरिद्वार के वीआईपी घाट पर सम्पन्न हुआ, जहां परिवार के सदस्य, करीबी रिश्तेदार और कई राजनीतिक एवं सामाजिक हस्तियां उपस्थित रहीं। पूरे समय वातावरण गंभीर, शांत और शोक से भरा हुआ रहा।
दिवंगत प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव, दोनों बेटियां और परिवार के अन्य सदस्य इस अवसर पर मौजूद रहे। अस्थि विसर्जन के समय अपर्णा यादव बेहद भावुक नजर आईं और कई बार उनकी आंखें नम हो गईं। परिवार के लिए यह क्षण अत्यंत कठिन था, क्योंकि वे अपने प्रियजन को अंतिम विदाई दे रहे थे। गंगा तट पर उपस्थित सभी लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
इस धार्मिक अनुष्ठान में समाजवादी पार्टी प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के परिवार से जुड़े कई सदस्य भी उपस्थित रहे। पूर्व सांसद तेज प्रताप यादव और सांसद आदित्य यादव ने भी इस अस्थि विसर्जन में भाग लिया। जानकारी के अनुसार, अस्थि कलश को हरिद्वार लाने और पूरे कर्मकांड की व्यवस्था आदित्य यादव ने ही संभाली और विधि-विधान के अनुसार अस्थि विसर्जन सम्पन्न कराया गया।
पूरे कार्यक्रम का संचालन वैदिक परंपराओं और धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार किया गया। तीर्थ पुरोहित पंडित शैलेश मोहन ने मंत्रोच्चारण के बीच सभी धार्मिक कर्मकांड सम्पन्न कराए। उन्होंने बताया कि परिवार ने गंगा मैया से दिवंगत आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना की। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के धार्मिक अनुष्ठान आत्मा की शांति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
इस अवसर पर योग गुरु स्वामी रामदेव भी उपस्थित रहे। उन्होंने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि प्रतीक यादव का असमय निधन पूरे परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि वे एक सरल, मिलनसार और सकारात्मक व्यक्तित्व के धनी थे, जो गौ सेवा और सनातन धर्म में गहरी आस्था रखते थे।
स्वामी रामदेव ने आगे कहा कि आधुनिक जीवनशैली में लोगों को योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि केवल जिम या शारीरिक व्यायाम ही नहीं, बल्कि योग भी आवश्यक है, क्योंकि यह शरीर और मन दोनों को संतुलित रखता है। उन्होंने यह भी कहा कि जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन हमें अपने मार्ग से नहीं भटकना चाहिए।
पंडित शैलेश मोहन ने बताया कि अस्थि कलश लेकर परिवार के सदस्य हरिद्वार पहुंचे थे और पूरी प्रक्रिया पारंपरिक विधि से सम्पन्न की गई। उन्होंने कहा कि पूरे अनुष्ठान के दौरान परिवार गहरे शोक में डूबा हुआ था। गंगा तट पर उपस्थित लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए सामूहिक प्रार्थना की और परिवार को इस कठिन समय को सहन करने की शक्ति देने की कामना की।
गौरतलब है कि प्रतीक यादव का निधन 13 मई को लखनऊ में हुआ था। तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। उनका निधन परिवार और राजनीतिक हलकों के लिए गहरा आघात साबित हुआ।
वे उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और देश के पूर्व रक्षा मंत्री मुलायम सिंह यादव के छोटे पुत्र थे। हालांकि वे सक्रिय राजनीति में नहीं थे, लेकिन वे अपने व्यवसाय और सामाजिक जीवन में सक्रिय रहते थे। उन्हें फिटनेस और बॉडीबिल्डिंग का विशेष शौक था और वे एक अनुशासित जीवन शैली के लिए जाने जाते थे।
उनकी पत्नी अपर्णा यादव वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी से जुड़ी हुई हैं और उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। इस पूरे कार्यक्रम में उनका भावुक रूप लगातार देखने को मिला, जो परिवार के गहरे दुख को दर्शाता है।
हरिद्वार का वीआईपी घाट इस अवसर पर श्रद्धा, शोक और धार्मिक परंपरा के संगम का साक्षी बना। अंतिम विदाई के इस क्षण में उपस्थित सभी लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और परिवार को इस अपार दुख को सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।



