By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: खुद को प्रधानमंत्री मोदी का करीबी बताकर ठगी करने वाले मोहम्मद कासिफ को सुप्रीम कोर्ट से जमानत, 1.10 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस में राहत
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > खुद को प्रधानमंत्री मोदी का करीबी बताकर ठगी करने वाले मोहम्मद कासिफ को सुप्रीम कोर्ट से जमानत, 1.10 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस में राहत
देशफीचर्ड

खुद को प्रधानमंत्री मोदी का करीबी बताकर ठगी करने वाले मोहम्मद कासिफ को सुप्रीम कोर्ट से जमानत, 1.10 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस में राहत

The Hill India News
Last updated: May 18, 2026 9:56 am
The Hill India News
Published: May 18, 2026
Share
SHARE

मोहम्मद कासिफ से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी को जमानत दे दी है। आरोपी पर आरोप था कि वह खुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य केंद्रीय मंत्रियों का करीबी बताकर लोगों से ठगी करता था और सरकारी नौकरी, ठेके और अन्य प्रभावशाली काम दिलाने के नाम पर मोटी रकम वसूलता था। यह मामला करीब 1.10 करोड़ रुपये के कथित “प्रोसीड्स ऑफ क्राइम” से जुड़ा हुआ है।

यह फैसला सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की बेंच ने सुनाया। अदालत ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामले की परिस्थितियों, लंबी हिरासत और ट्रायल की स्थिति को देखते हुए आरोपी को जमानत दी जा सकती है।

सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी माना कि आरोपी लगभग तीन साल से जेल में बंद है। इस दौरान मामले में जांच और ट्रायल दोनों चल रहे हैं, लेकिन ट्रायल की गति धीमी रही है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि इतनी लंबी हिरासत में रखने का औचित्य नहीं बनता, खासकर तब जब मामला आर्थिक अपराध से जुड़ा हो और आरोपी पहले से ही लंबे समय से न्यायिक हिरासत में हो।

ईडी के अनुसार, आरोपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य वरिष्ठ मंत्रियों के साथ मॉर्फ्ड और एडिटेड तस्वीरें पोस्ट की थीं। इन तस्वीरों के जरिए वह यह दिखाने की कोशिश करता था कि उसके उच्चस्तरीय राजनीतिक संपर्क हैं। इसी कथित प्रभाव का इस्तेमाल कर वह लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने, सरकारी ठेकों में काम दिलाने और मंत्रालयों में पहुंच दिलाने का झांसा देकर पैसे वसूलता था।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने यह भी दावा किया कि आरोपी के ठिकानों से 1.10 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी और संपत्ति से जुड़ी रकम बरामद हुई है, जिसे कथित रूप से अपराध की आय माना जा रहा है। एजेंसी ने अप्रैल 2023 में इस मामले में ECIR दर्ज की थी और इसके बाद जांच शुरू की गई थी।

यह मामला गौतम बुद्ध नगर के सूरजपुर थाने में दर्ज एक FIR पर आधारित है, जिसमें धोखाधड़ी, जालसाजी और आईटी एक्ट से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए थे। जांच में सामने आया कि आरोपी ने लोगों को प्रभावशाली संपर्कों का झांसा देकर लगातार पैसे ऐंठे।

 प्रवर्तन निदेशालय ने अदालत को बताया कि आरोपी एक संगठित तरीके से लोगों को भ्रमित करता था और सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर अपनी छवि एक प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में पेश करता था। एजेंसी का कहना था कि यह केवल साधारण धोखाधड़ी नहीं, बल्कि एक सुनियोजित आर्थिक अपराध का मामला है।

हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देते समय यह भी स्पष्ट किया कि यदि आरोपी जमानत की शर्तों का उल्लंघन करता है या जांच एवं ट्रायल में सहयोग नहीं करता है, तो प्रवर्तन निदेशालय ट्रायल कोर्ट में उसकी जमानत रद्द कराने की अर्जी दाखिल कर सकता है।

हाई कोर्ट ने पहले यह कहा था कि मामले में ट्रायल की प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ रही है और अभियोजन पक्ष की ओर से अनावश्यक देरी नहीं की गई है। कुछ देरी आरोपी द्वारा दाखिल याचिकाओं और कानूनी प्रक्रियाओं के कारण भी हुई थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने लंबी हिरासत को ध्यान में रखते हुए राहत देने का निर्णय लिया।

यह मामला एक बार फिर उन मामलों की ओर ध्यान खींचता है, जहां आरोपी सोशल मीडिया और फर्जी पहचान के जरिए खुद को प्रभावशाली व्यक्ति बताकर लोगों को ठगते हैं। अदालत ने संकेत दिया कि ऐसे मामलों में जांच और ट्रायल जारी रहना जरूरी है, लेकिन लंबे समय तक बिना दोष सिद्ध हुए जेल में रखना न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ हो सकता है।

You Might Also Like

उत्तराखंड: एक क्लिक में 7.5 लाख पेंशनर्स को राहत, सीएम धामी ने जारी किए 111 करोड़ से अधिक रुपये
पहलगाम हमले मे चलते चारधाम यात्रा में सख्त होगी सुरक्षा व्यवस्था
Uttarakhand: भारी बारिश के चलते केदारनाथ पैदल मार्ग पर फटा बादल, भीम बली में करीब 200 तीर्थयात्री फंसे
पश्चिम बंगाल चुनाव: स्ट्रॉन्ग रूम में EVM से छेड़छाड़ के आरोपों पर सियासी संग्राम, ममता बनर्जी ने दी कड़ी चेतावनी
नई दिल्ली: देशद्रोह कानून पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, पुनर्विचार तक नहीं दर्ज हो सकेंगे नए केस
TAGGED:Bail GrantedED Casefraud caseMohammad Kasifmoney launderingPM ModiSupreme Court
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
देशफीचर्ड

सुप्रीम कोर्ट में हाई वोल्टेज ड्रामा: याचिकाकर्ता ने खुद को बताया ‘सॉवरेन’, जजों को कहा ‘न्यायिक सेवक’; हवा में कागज़ उछालने पर पुलिस ने किया गिरफ्तार

The Hill India News
The Hill India News
July 10, 2026
देहरादून की सड़कों पर रेंगते ट्रैफिक से मिलेगी मुक्ति: डीएम डॉ. आशीष चौहान सख्त, जाम और पार्किंग के लिए बनेगा ‘माइक्रो लेवल प्लान’
ग्लोबल टूरिज्म मैप पर चमकेगी टिहरी झील: हाई पॉवर कमेटी की बैठक में ब्लूप्रिंट तैयार, दिखेंगे उत्तराखंड के लोक-रंग
हरिद्वार में हैवानियत: परीक्षा देकर लौट रही छात्रा को किया अगवा, भाभी ने रची देवर संग मिलकर घिनौनी साजिश
कैनबरा से मेलबर्न तक कूटनीति की नई इबारत: ऑस्ट्रेलिया में पीएम मोदी ने विपक्ष के नेता से की मुलाकात, द्विदलीय समर्थन ने दिखाई ‘रणनीतिक मजबूती’
Monsoon Weather Update 2026: दिल्ली-NCR सहित उत्तर भारत में भारी बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’, पूरे देश में सक्रिय हुआ बादलों का पहरा
यूपी में 20 IAS अफसरों का बड़ा फेरबदल, शुभा वर्मा श्रमायुक्त तो नेहा शर्मा को मिला अहम जिम्मा
TMC से बगावत करने वाले तीन दिग्गज बने BJP के राज्यसभा उम्मीदवार, समझिए बंगाल का नया ‘जीत का गणित’
मानवाधिकार बनाम कूड़े का पहाड़: देहरादून के कारगी चौक डंपिंग जोन पर NHRC का बड़ा प्रहार, 4 हफ्ते में मांगी रिपोर्ट
उत्तराखंड रेलवे कनेक्टिविटी को बड़ी सौगात, मुख्यमंत्री धामी ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के सामने रखे कई अहम प्रस्ताव
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?