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देहरादून के पैनेसिया अस्पताल के ICU में लगी भीषण आग, एक मरीज की मौत की सूचना, जांच के आदेश

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में  सुबह एक बड़े हादसे ने अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। शहर के पैनेसिया अस्पताल के ICU (इंटेंसिव केयर यूनिट) में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक आग ICU में लगे एयर कंडीशनर (AC) से शुरू हुई और देखते ही देखते पूरे ICU क्षेत्र में फैल गई। घटना के समय ICU में छह मरीज भर्ती थे। राहत की बात यह रही कि सभी मरीजों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया, हालांकि एक गंभीर मरीज की मौत की सूचना सामने आई है। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।

जानकारी के अनुसार घटना सुबह करीब 9:30 बजे हुई। अस्पताल परिसर से धुआं उठता देख मरीजों के परिजन, अस्पताल स्टाफ और आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। आग की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। फायर ब्रिगेड की टीम ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ICU से अचानक तेज धुआं निकलने लगा, जिसके बाद अस्पताल में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। अस्पताल कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने मिलकर मरीजों को वार्डों से बाहर निकाला। कई मरीजों को ऑक्सीजन सपोर्ट पर एंबुलेंस के जरिए दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट किया गया। घटना के दौरान अस्पताल में मौजूद लोगों में डर और घबराहट का माहौल था।

घटना की सूचना मिलते ही गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे और IG गढ़वाल भी अस्पताल पहुंचे और हालात का जायजा लिया। कमिश्नर ने बताया कि यह अस्पताल पैनेसिया ग्रुप द्वारा लीज पर संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस ICU में आग लगी वहां छह मरीज भर्ती थे और सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इनमें से एक मरीज की हालत पहले से अत्यंत गंभीर थी, जिसे कैलाश अस्पताल रेफर किया गया था। बाद में उसकी मौत की सूचना मिली है, हालांकि प्रशासन ने अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है कि मौत आग की वजह से हुई या मरीज की पहले से गंभीर हालत के कारण।

गढ़वाल कमिश्नर ने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला AC में शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी से आग लगने का प्रतीत हो रहा है। हालांकि, वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल किसी प्रकार की लापरवाही को लेकर कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। विशेषज्ञ टीम पूरे मामले की तकनीकी जांच करेगी।

इस घटना के बाद अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर फिर बहस तेज हो गई है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या अस्पताल में फायर सेफ्टी के सभी मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। प्रशासन ने कहा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों ने भी अस्पतालों में नियमित फायर ऑडिट और सुरक्षा उपकरणों की जांच की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें पूरे मामले की जांच में जुटी हुई हैं।

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