By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: ट्विशा शर्मा मौत मामला: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ड्रग्स का जिक्र नहीं, भोपाल पुलिस कमिश्नर ने ससुराल पक्ष के दावों पर उठाए सवाल
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > ट्विशा शर्मा मौत मामला: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ड्रग्स का जिक्र नहीं, भोपाल पुलिस कमिश्नर ने ससुराल पक्ष के दावों पर उठाए सवाल
देशफीचर्ड

ट्विशा शर्मा मौत मामला: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ड्रग्स का जिक्र नहीं, भोपाल पुलिस कमिश्नर ने ससुराल पक्ष के दावों पर उठाए सवाल

The Hill India News
Last updated: May 20, 2026 4:34 am
The Hill India News
Published: May 20, 2026
Share
SHARE

भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। यह मामला अब सिर्फ एक संदिग्ध आत्महत्या या हत्या की जांच तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसमें पुलिस कार्रवाई, पोस्टमार्टम प्रक्रिया और ससुराल पक्ष के दावों को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस बीच भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने NDTV से बातचीत में कई अहम खुलासे किए हैं, जिनसे मामले ने नया मोड़ ले लिया है।

Contents
आत्महत्या या हत्या? जांच अभी जारीदहेज प्रताड़ना के आरोपों की भी जांचदूसरे पोस्टमार्टम की मांग पर क्या बोली पुलिस?बेल्ट को लेकर पुलिस ने मानी चूकड्रग्स लेने के दावे को पुलिस ने नकारामामला बना हाई-प्रोफाइल

पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट कहा है कि अब तक की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया है जिससे यह साबित हो कि ट्विशा शर्मा ड्रग्स लेती थीं। यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि ट्विशा की सास और सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला सिंह ने दावा किया था कि ट्विशा नशे की आदी थीं और मानसिक बीमारी की दवाइयां ले रही थीं। अब पुलिस कमिश्नर के बयान ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आत्महत्या या हत्या? जांच अभी जारी

ट्विशा शर्मा की मौत के बाद से ही परिवार और ससुराल पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। ट्विशा के मायके पक्ष का आरोप है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या का मामला है। वहीं पुलिस की प्रारंभिक जांच इसे आत्महत्या की दिशा में देख रही है।

भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और शुरुआती जांच के आधार पर मामला फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला है जिससे हत्या की पुष्टि हो सके। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है और हर पहलू को गंभीरता से परखा जा रहा है।

पुलिस कमिश्नर के अनुसार, “पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ चुकी है और हमारी टीम लगातार कई लोगों से पूछताछ कर रही है। अभी तक के तथ्यों के आधार पर मामला आत्महत्या का लग रहा है, लेकिन हम सभी एंगल से जांच कर रहे हैं। दहेज प्रताड़ना के आरोपों की भी गंभीरता से जांच की जा रही है।”

दहेज प्रताड़ना के आरोपों की भी जांच

ट्विशा शर्मा के परिवार ने ससुराल वालों पर दहेज प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि ट्विशा को मानसिक रूप से परेशान किया जाता था और इसी कारण उसकी मौत हुई। पुलिस कमिश्नर ने माना कि दहेज से जुड़े मामलों की जांच में समय लगता है क्योंकि इसमें कई परिस्थितियों और सबूतों को विस्तार से जांचना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि पुलिस पर जांच में देरी करने के आरोप लगाए जा रहे हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। पुलिस कानूनी प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ रही है और जल्दबाजी में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। अधिकारियों के मुताबिक, मोबाइल रिकॉर्ड, परिवार के बयान, कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।

दूसरे पोस्टमार्टम की मांग पर क्या बोली पुलिस?

ट्विशा शर्मा का परिवार लगातार दूसरे पोस्टमार्टम की मांग कर रहा है। परिवार का कहना है कि पहले पोस्टमार्टम में कई महत्वपूर्ण पहलुओं को नजरअंदाज किया गया है। इस पर भोपाल पुलिस कमिश्नर ने कहा कि पुलिस स्वयं दूसरे पोस्टमार्टम की अनुमति नहीं दे सकती।

उन्होंने स्पष्ट किया कि दूसरा पोस्टमार्टम कराने की अनुमति केवल अदालत दे सकती है। अगर अदालत अनुमति देती है तो पुलिस को इस पर कोई आपत्ति नहीं होगी। संजय कुमार ने कहा, “यदि परिवार दूसरा पोस्टमार्टम चाहता है तो वह अदालत का रुख कर सकता है। कोर्ट अनुमति देता है तो निश्चित रूप से दोबारा पोस्टमार्टम कराया जाएगा।”

इस बयान के बाद यह साफ हो गया है कि अब मामले में अदालत की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। परिवार जल्द ही कोर्ट में याचिका दायर कर सकता है।

बेल्ट को लेकर पुलिस ने मानी चूक

मामले में सबसे बड़ा सवाल उस बेल्ट को लेकर उठ रहा है जिससे कथित तौर पर ट्विशा ने फांसी लगाई थी। आरोप है कि पोस्टमार्टम के दौरान वह बेल्ट अस्पताल में मौजूद नहीं थी। इस पर पुलिस कमिश्नर ने माना कि यह पुलिस टीम की बड़ी लापरवाही थी।

उन्होंने कहा कि बेल्ट को फॉरेंसिक साइंस लैब यानी एफएसएल टीम ने जब्त कर लिया था, लेकिन उसे पोस्टमार्टम के समय अस्पताल नहीं भेजा गया। पुलिस कमिश्नर ने स्वीकार किया कि यह एक महत्वपूर्ण सबूत था जिसे पोस्टमार्टम के दौरान मौजूद होना चाहिए था।

संजय कुमार ने कहा, “हम इसे अपनी टीम की चूक मानते हैं। यह बेहद महत्वपूर्ण सबूत था। इसे पोस्टमार्टम के समय भेजा जाना चाहिए था। ऐसा क्यों नहीं हुआ, इसकी भी जांच की जा रही है।”

पुलिस की इस स्वीकारोक्ति के बाद जांच प्रक्रिया पर सवाल और तेज हो गए हैं। सोशल मीडिया पर भी लोग इस मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं।

ड्रग्स लेने के दावे को पुलिस ने नकारा

ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह ने दावा किया था कि ट्विशा मानसिक बीमारी से पीड़ित थीं और नशा भी करती थीं। लेकिन पुलिस कमिश्नर ने इन दावों को फिलहाल खारिज कर दिया है।

उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नशीले पदार्थों के सेवन का कोई जिक्र नहीं है। पुलिस जांच में भी ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया है जिससे यह साबित हो सके कि ट्विशा ड्रग्स लेती थीं।

यह बयान इसलिए बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि अब तक ससुराल पक्ष लगातार ट्विशा की मानसिक स्थिति और कथित नशे की आदतों को मौत की वजह बताने की कोशिश कर रहा था। पुलिस के बयान ने इस नैरेटिव को कमजोर कर दिया है।

मामला बना हाई-प्रोफाइल

ट्विशा शर्मा मौत मामला अब भोपाल का हाई-प्रोफाइल केस बन चुका है। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक और कानूनी हलकों तक इस मामले की चर्चा हो रही है। एक ओर परिवार न्याय की मांग कर रहा है तो दूसरी ओर पुलिस पर निष्पक्ष जांच का दबाव बढ़ता जा रहा है।

अब सभी की नजर आगे आने वाली फॉरेंसिक रिपोर्ट, अदालत की संभावित सुनवाई और पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। यह मामला आने वाले दिनों में और अधिक संवेदनशील और चर्चित हो सकता है, क्योंकि हर नए खुलासे के साथ सवाल भी लगातार बढ़ते जा रहे हैं।

You Might Also Like

दिल्ली में साइबर अपराधियों का खौफनाक खेल: बुजुर्ग डॉक्टर दंपति 15 दिनों तक रहे ‘डिजिटल अरेस्ट’, ठग लिए 14 करोड़ रुपये
UP: फर्जी वोटर कार्ड के साथ संभल में 130 लोग गिरफ्तार, पुलिस जांच में जुटी
Uttarakhand: ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर, चुनाव आयोग के निर्देश पर एडीएम राम शरण निलंबित
कैंची धाम में उमड़ा आस्था का महाकुंभ: हनुमान जयंती पर 25 हजार भक्तों ने टेका बाबा नीम करौली के दर पर मत्था
Health: अगर ब्रेस्ट में हो रहे है बदलाव तो तुरंत करवाएं मेडिकल चेकअप, हो सकता है ब्रेस्ट कैंसर
TAGGED:BhopalBhopal PoliceDowry HarassmentPostmortem Reportsuicide caseTwisha Sharma Case
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तराखंडफीचर्ड

Uttarakhand News: जब सिस्टम सो गया तो ग्रामीणों ने सड़क के गड्ढों को ही मान लिया ‘भगवान’; उत्तरकाशी में मोरी प्रखंड का अनोखा प्रदर्शन

The Hill India News
The Hill India News
July 6, 2026
Ram Mandir Trust Meeting: अयोध्या में आज महामंथन; चढ़ावा चोरी विवाद के बीच चंपत राय के इस्तीफे और SIT रिपोर्ट पर ट्रस्ट लेगा बड़ा फैसला
Uttarakhand News: कुमाऊं-गढ़वाल के बीच सफर का नया युग; सीएम धामी ने किया धनगढ़ी पुल का लोकार्पण, बरसात के खौफ से मिली परमानेंट मुक्ति
Monsoon Update: देश में मानसून का महासंकट; मुंबई में ‘रेड अलर्ट’ से थमी उड़ानें, दिल्ली-केरल समेत कई राज्यों में मौसम विभाग की बड़ी चेतावनी
‘बम-बम भोले’ के जयघोष के बीच अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना हुआ चौथा जत्था, प्रशासन ने जारी की अहम गाइडलाइन
Uttarakhand: नीट पेपर लीक विवाद के बीच देहरादून की होनहार रिया थापा की मौत, सड़कों पर उतरा कांग्रेस का जनआक्रोश
दिल्ली दंगा मामला 2020: उमर खालिद और शरजील इमाम को कड़कड़डूमा कोर्ट से बड़ा झटका, दूसरी बार जमानत याचिका खारिज
इतिहास रच गया बालक: 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने किया डेब्यू, तोड़ डाला महान सचिन तेंदुलकर का 37 साल पुराना ‘विराट’ रिकॉर्ड
सेवा, सुशासन और समर्पण का महाकुंभ बना ‘सेवा पखवाड़ा’; ऋषिकेश में उमड़ा 20 हजार लोगों का सैलाब, युवाओं को मिला जापान का टिकट
बदरीनाथ धाम में कथित चोरी और वित्तीय अनियमितता पर BKTC सख्त; 4 सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित, हड़कंप
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?