
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूड़ी उर्फ बीसी खंडूड़ी को आज पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी। उनका अंतिम संस्कार हरिद्वार के खड़खड़ी घाट पर दोपहर 12 बजे किया जाएगा। इससे पहले उनके पार्थिव शरीर को देहरादून स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा, जहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, कई मंत्री, सांसद, विधायक और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
बीसी खंडूड़ी का सोमवार 19 मई की सुबह देहरादून के मैक्स अस्पताल में निधन हो गया था। वे 91 वर्ष के थे और पिछले करीब एक महीने से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे उत्तराखंड में शोक की लहर दौड़ गई। राजनीति, सेना, सामाजिक संगठनों और आम जनता ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उनके निधन को राज्य की राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
उत्तराखंड सरकार ने उनके सम्मान में राज्य में तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। इस दौरान सभी सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। वहीं अंत्येष्टि वाले दिन प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों, सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। राज्य सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार आज पूरे प्रदेश में शोक का माहौल रहेगा।
मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे भाजपा प्रदेश मुख्यालय में उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद 11 बजे अंतिम यात्रा हरिद्वार के लिए रवाना होगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं इस अंतिम यात्रा में शामिल होंगे और खड़खड़ी घाट पर आयोजित अंतिम संस्कार में मौजूद रहेंगे। बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और आम लोग भी उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचेंगे।
बीसी खंडूड़ी उत्तराखंड की राजनीति का एक बड़ा चेहरा रहे हैं। वे अपनी ईमानदार छवि, सादगी और अनुशासनप्रिय व्यक्तित्व के लिए जाने जाते थे। उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में दो बार कार्य किया और राज्य में सड़क, शिक्षा और प्रशासनिक सुधारों को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। सेना की पृष्ठभूमि से आने वाले खंडूड़ी को लोग “सख्त लेकिन साफ छवि वाले नेता” के रूप में याद करते हैं।
उनके निधन पर राष्ट्रपति Droupadi Murmu, प्रधानमंत्री Narendra Modi, गृह मंत्री Amit Shah और भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया। प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें उत्तराखंड के विकास और राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित नेता बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने कहा कि बीसी खंडूड़ी का जीवन जनसेवा, ईमानदारी और राष्ट्रभक्ति की मिसाल था।
बीसी खंडूड़ी का राजनीतिक और सामाजिक जीवन हमेशा प्रेरणादायक माना गया। उन्होंने सेना में रहते हुए देश की सेवा की और राजनीति में आने के बाद भी जनता के हितों को सर्वोपरि रखा। उत्तराखंड के विकास में उनके योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा। आज जब उनकी अंतिम यात्रा निकलेगी तो पूरे प्रदेश की आंखें नम होंगी और लोग अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई देंगे।



