रुद्रपुर/बाजपुर। उत्तराखंड में अपराधियों, गैंगस्टरों और नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को बड़ी सफलता मिली है। उत्तराखंड एसटीएफ, पंजाब पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) और ऊधम सिंह नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय हथियार और ड्रग्स तस्कर ईशानप्रीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से फरार था और गिरफ्तारी से बचने के लिए उत्तराखंड के बाजपुर क्षेत्र में नाम बदलकर छिपा हुआ था।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार ईशानप्रीत सिंह अवैध हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का महत्वपूर्ण सदस्य है। उसके खिलाफ पंजाब में एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि आरोपी का नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैला हुआ है और इसके तार पाकिस्तान से जुड़े तस्करी गिरोहों से भी जुड़े हो सकते हैं।
पंजाब में बीएसएफ की कार्रवाई के दौरान हुआ था फरार
जानकारी के मुताबिक 23 मई 2026 को पंजाब के अमृतसर में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) द्वारा संयुक्त तलाशी अभियान चलाया गया था। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को सूचना मिली थी कि ईशानप्रीत सिंह के घर में बड़ी मात्रा में अवैध हथियार और मादक पदार्थ छिपाकर रखे गए हैं।
जब संयुक्त टीम आरोपी के घर पहुंची तो ईशानप्रीत सिंह पुलिस को देखकर घबरा गया और मकान की छत से कूदकर फरार हो गया। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों ने उसके घर की तलाशी जारी रखी और वहां से अवैध हथियारों तथा ड्रग्स का बड़ा जखीरा बरामद किया। इस बरामदगी के बाद आरोपी की तलाश और तेज कर दी गई थी।
घर से मिला हथियारों और हेरोइन का जखीरा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार ईशानप्रीत सिंह के घर से 12 अवैध पिस्टल, 20 मैगजीन और लगभग 900 ग्राम हेरोइन बरामद की गई थी। बरामद हथियारों में तीन बरेटा पिस्टल, तीन जिगाना पिस्टल और छह मेड-इन-चाइना पिस्टल शामिल थीं।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में हथियार और मादक पदार्थ किसी सामान्य अपराधी के पास नहीं पाए जाते। इससे साफ संकेत मिलता है कि आरोपी एक संगठित तस्करी नेटवर्क का हिस्सा था और बड़े स्तर पर हथियारों तथा ड्रग्स की सप्लाई में शामिल था।
पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए पहुंचते थे हथियार और ड्रग्स
जांच के दौरान एक और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को पता चला कि आरोपी तक हथियार और मादक पदार्थ पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से पहुंचाए जाते थे। सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्रोन के जरिए तस्करी की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं, लेकिन इस मामले में बरामद हथियारों और हेरोइन की मात्रा ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
अधिकारियों का मानना है कि आरोपी सीमा पार बैठे तस्करों और स्थानीय नेटवर्क के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी का काम कर रहा था। इसी कारण केंद्रीय एजेंसियां भी इस मामले की निगरानी कर रही थीं और आरोपी की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही थी।
उत्तराखंड के बाजपुर में छिपा था तस्कर
पंजाब से फरार होने के बाद ईशानप्रीत सिंह उत्तराखंड पहुंच गया था। उसने अपनी पहचान छिपाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए नाम बदल लिया था। वह ऊधम सिंह नगर जिले के बाजपुर क्षेत्र में काफी समय से रह रहा था और सामान्य व्यक्ति की तरह जीवन बिताकर पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था।
हाल ही में उत्तराखंड एसटीएफ को खुफिया सूत्रों से विश्वसनीय सूचना मिली कि पंजाब का वांछित हथियार और ड्रग्स तस्कर बाजपुर के केशवनगर क्षेत्र में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही एसटीएफ ने पंजाब पुलिस और स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त रणनीति तैयार की।
संयुक्त अभियान में दबोचा गया आरोपी
सोमवार तड़के एसटीएफ, पंजाब पुलिस की एएनटीएफ और ऊधम सिंह नगर पुलिस की टीम ने केशवनगर क्षेत्र में घेराबंदी कर विशेष अभियान चलाया। पुलिस ने इलाके की निगरानी करने के बाद आरोपी को चारों तरफ से घेर लिया और बिना किसी बड़ी प्रतिरोध की स्थिति के उसे गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी से प्रारंभिक पूछताछ की गई, जिसमें कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने की संभावना जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के आधार पर उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक भी पहुंच बनाई जाएगी।
एसटीएफ इंचार्ज ने दी जानकारी
ऊधम सिंह नगर एसटीएफ इंचार्ज इंस्पेक्टर एमपी सिंह ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि पंजाब का वांछित हथियार और ड्रग्स तस्कर ईशानप्रीत सिंह बाजपुर में छिपा हुआ है। यह जानकारी तुरंत पंजाब पुलिस के साथ साझा की गई और संयुक्त अभियान की योजना बनाई गई।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड एसटीएफ, पंजाब पुलिस और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में आरोपी को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया गया। आवश्यक पूछताछ के बाद उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पंजाब पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसियां आरोपी के आर्थिक स्रोतों, संपर्कों और तस्करी नेटवर्क की गहन जांच कर रही हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हथियार और ड्रग्स की सप्लाई किन-किन राज्यों तक की जाती थी और इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं।
इसके अलावा ड्रोन के जरिए होने वाली तस्करी के संबंध में भी जांच जारी है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि सीमा पार से भेजे गए हथियार और मादक पदार्थ किन रास्तों से आरोपी तक पहुंचते थे और इस पूरे नेटवर्क का संचालन कौन कर रहा था।
ऑपरेशन प्रहार के तहत जारी रहेगी कार्रवाई
उत्तराखंड पुलिस का कहना है कि राज्य में अपराधियों, गैंगस्टरों, नशा तस्करों और संगठित अपराध से जुड़े लोगों के खिलाफ ‘ऑपरेशन प्रहार’ लगातार जारी रहेगा। इस अभियान के तहत अब तक कई वांछित अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
ईशानप्रीत सिंह की गिरफ्तारी को ऑपरेशन प्रहार की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से न केवल एक बड़े तस्करी नेटवर्क को झटका लगा है, बल्कि अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय अपराध से जुड़े तत्वों को भी कड़ा संदेश गया है कि कानून से बच पाना संभव नहीं है।
उत्तराखंड एसटीएफ, पंजाब पुलिस और स्थानीय पुलिस की इस संयुक्त कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और सटीक खुफिया जानकारी के दम पर बड़े से बड़े अपराधी को भी गिरफ्तार किया जा सकता है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि पूछताछ के दौरान आरोपी से और कौन-कौन से बड़े खुलासे सामने आते हैं।
