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The Hill India > Blog > देश > सुप्रीम कोर्ट से टीएमसी को बड़ा झटका: मतगणना प्रक्रिया में दखल देने से इनकार, याचिका खारिज
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सुप्रीम कोर्ट से टीएमसी को बड़ा झटका: मतगणना प्रक्रिया में दखल देने से इनकार, याचिका खारिज

The Hill India News
Last updated: May 2, 2026 1:38 pm
The Hill India News
Published: May 2, 2026
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नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों से ऐन पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने मतगणना प्रक्रिया में पर्यवेक्षकों की नियुक्ति से जुड़े मामले में टीएमसी की याचिका को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि वह चुनाव आयोग के कामकाज और एडिशनल सीईओ के फैसले में किसी भी प्रकार का दखल नहीं देगा।

Contents
कपिल सिब्बल ने रखी टीएमसी की दलीलसुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणीचुनाव आयोग ने दिया स्पष्टीकरण4 मई को आने हैं चुनाव के नतीजे

4 मई 2026 को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आने हैं, ऐसे में टीएमसी की इस याचिका के खारिज होने से चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर मुहर लग गई है।


कपिल सिब्बल ने रखी टीएमसी की दलील

सुप्रीम कोर्ट में तृणमूल कांग्रेस का पक्ष रखते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने मतगणना प्रक्रिया और एडिशनल सीईओ (ACEO) के आदेश पर गंभीर सवाल उठाए। सिब्बल ने अदालत में दलील दी कि चुनाव आयोग एकतरफा फैसले नहीं ले सकता। उन्होंने कहा, “हमें आशंका है कि ACEO के इस आदेश के कारण मतगणना (Counting) में गड़बड़ी हो सकती है।“

टीएमसी ने अपनी याचिका में यह भी सवाल उठाया कि मतगणना सुपरवाइजर के तौर पर राज्य कर्मचारियों की नियुक्ति क्यों नहीं की जा रही है? पार्टी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग राज्य के कर्मचारियों की नीयत पर संदेह कर रहा है और संविधान के अनुच्छेद 324 का उल्लंघन किया जा रहा है।


सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी

टीएमसी की दलीलों पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि इस तरह के बेबुनियाद आरोप लगाना उचित नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया कि चाहे राज्य के कर्मचारी हों या केंद्र के, मतगणना के दौरान सभी कर्मचारी चुनाव आयोग (Election Commission) के अधीन ही काम करते हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी भरोसा दिलाया कि मतगणना स्थल पर केवल एक ही प्रकार के अधिकारी नहीं होंगे। वहां प्रत्याशियों के अधिकृत प्रतिनिधि और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। इसलिए, किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका का कोई ठोस आधार नजर नहीं आता।


चुनाव आयोग ने दिया स्पष्टीकरण

सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग ने अपना जवाब दाखिल करते हुए स्थिति साफ की। आयोग ने अदालत को बताया कि मतगणना प्रक्रिया में एक कर्मचारी राज्य सरकार का भी शामिल रहेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग के इस जवाब को रिकॉर्ड पर लिया और आयोग के सर्कुलर में किसी भी प्रकार के फेरबदल या दखल से इनकार कर दिया। चुनाव आयोग के अनुसार, मतगणना की पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई जाएगी।


4 मई को आने हैं चुनाव के नतीजे

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में संपन्न हुए थे। इन चुनावों के नतीजे 4 मई 2026 को घोषित होने हैं। नतीजे आने से ठीक पहले टीएमसी द्वारा इस प्रकार की याचिका का दायर होना और फिर उसका खारिज होना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

अब सबकी निगाहें 4 मई को आने वाले परिणामों पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि पश्चिम बंगाल की जनता ने किसे अपना जनादेश दिया है।

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TAGGED:counting of votesElection CommissionKapil SibalSupreme CourtTMCWest Bengal Elections
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