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70 हजार की पहली फीस से 40 करोड़ तक पहुंचे कार्तिक आर्यन, संघर्ष से सुपरस्टार बनने तक का प्रेरणादायक सफर

बॉलीवुड में सफलता की कहानियां अक्सर लोगों को प्रेरित करती हैं, लेकिन कुछ सफर ऐसे होते हैं जो संघर्ष, मेहनत और धैर्य की मिसाल बन जाते हैं। कार्तिक आर्यन का नाम आज उन्हीं सितारों में शामिल है जिन्होंने बिना किसी फिल्मी बैकग्राउंड के इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाई। आज करोड़ों रुपये फीस लेने वाले कार्तिक की शुरुआत बेहद साधारण रही थी। उनकी पहली फिल्म ‘प्यार का पंचनामा’ को रिलीज हुए 15 साल पूरे हो चुके हैं और इसी के साथ एक ऐसे अभिनेता के सफर की चर्चा फिर तेज हो गई है जिसने 70 हजार रुपये से शुरुआत कर बॉलीवुड के सबसे सफल युवा सितारों में जगह बनाई।

20 मई 2011 को रिलीज हुई फिल्म ‘प्यार का पंचनामा’ उस समय एक छोटे बजट की फिल्म मानी जा रही थी। लगभग 3 करोड़ रुपये की लागत में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर करीब 17 करोड़ रुपये की कमाई कर सबको चौंका दिया था। फिल्म में नए कलाकार थे और किसी को उम्मीद नहीं थी कि यह युवाओं के बीच इतनी बड़ी हिट साबित होगी। लेकिन फिल्म के मजेदार संवाद, दोस्ती और रिलेशनशिप पर आधारित कहानी और खासकर कार्तिक आर्यन के लंबे मोनोलॉग ने इसे कल्ट फिल्म बना दिया।

इस फिल्म में कार्तिक आर्यन को मुख्य भूमिका मिली थी, लेकिन उस समय उन्हें सिर्फ करीब 70 हजार रुपये फीस मिली थी। आज जब उनकी एक फिल्म की फीस 40 से 50 करोड़ रुपये बताई जाती है, तब यह अंतर उनके संघर्ष और मेहनत की कहानी को और भी खास बना देता है। कार्तिक का यह सफर इस बात का उदाहरण है कि अगर प्रतिभा और मेहनत हो तो छोटे शहर से आया लड़का भी बॉलीवुड में बड़ा नाम बन सकता है।

मध्य प्रदेश के ग्वालियर से आने वाले कार्तिक आर्यन का असली नाम कार्तिक तिवारी है। उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान ही अभिनय में करियर बनाने का सपना देखना शुरू कर दिया था। परिवार चाहता था कि वह पढ़ाई पूरी कर एक स्थिर नौकरी करें, लेकिन कार्तिक का मन फिल्मों में था। यही वजह थी कि वह पढ़ाई के साथ-साथ ऑडिशन देने मुंबई के अलग-अलग इलाकों में घूमते रहते थे।

अपने शुरुआती संघर्ष के दिनों को याद करते हुए कार्तिक कई बार बता चुके हैं कि वह बेलापुर से अंधेरी तक लोकल ट्रेन में सफर करके ऑडिशन देने जाते थे। कई बार एक ही दिन में कई ऑडिशन होते थे, इसलिए उन्हें रेलवे स्टेशन के वॉशरूम में कपड़े बदलने पड़ते थे। लगातार रिजेक्शन मिलते थे, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। यही जिद आगे चलकर उनकी सफलता की सबसे बड़ी वजह बनी।

‘प्यार का पंचनामा’ में उनका लगभग पांच मिनट लंबा मोनोलॉग युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय हुआ। उनकी डायलॉग डिलीवरी और कॉमिक टाइमिंग ने उन्हें रातोंरात पहचान दिला दी। इसके बाद उन्हें ‘आकाशवाणी’, ‘कांची’, ‘प्यार का पंचनामा 2’ और ‘सोनू के टीटू की स्वीटी’ जैसी फिल्मों में काम मिला। धीरे-धीरे उन्होंने खुद को रोमांटिक और कॉमेडी फिल्मों के भरोसेमंद अभिनेता के रूप में स्थापित कर लिया।

इसके बाद कार्तिक आर्यन ने ‘भूल भुलैया 2’ जैसी सुपरहिट फिल्म देकर साबित कर दिया कि वह अकेले दम पर भी फिल्म को सफल बना सकते हैं। उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती गई और निर्माता-निर्देशक उन्हें बड़े प्रोजेक्ट्स में लेने लगे। आज वह बॉलीवुड के सबसे बैंकेबल युवा सितारों में गिने जाते हैं।

कार्तिक की सफलता सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं रही, बल्कि उनकी लग्जरी लाइफस्टाइल भी चर्चा में रहती है। कभी लोकल ट्रेन में सफर करने वाले अभिनेता के पास आज कई करोड़ रुपये की लग्जरी कारों का शानदार कलेक्शन है। उनके गैराज में मर्सिडीज बेंज वी-क्लास, मैकलैरेन जीटी, लैम्बोर्गिनी उरुस, रेंज रोवर और बीएमडब्ल्यू 5 सीरीज जैसी महंगी कारें शामिल हैं। इसके अलावा उनके पास कई प्रीमियम बाइक्स भी हैं।

हालांकि इतनी सफलता मिलने के बाद भी कार्तिक आर्यन अक्सर अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हैं और नए कलाकारों को मेहनत और धैर्य बनाए रखने की सलाह देते हैं। उनका सफर उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो छोटे शहरों से बड़े सपने लेकर मुंबई आते हैं। 70 हजार रुपये की फीस से शुरू हुआ यह सफर आज 40 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है और यह साबित करता है कि मेहनत, लगन और आत्मविश्वास इंसान को किसी भी ऊंचाई तक पहुंचा सकते हैं।

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