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The Hill India > Blog > देश > Indore Water Crisis: देश के सबसे स्वच्छ शहर में दूषित पानी का तांडव, 11 की मौत; मंत्री बोले- ‘कुछ मौतें नेचुरल हैं’
देशफीचर्ड

Indore Water Crisis: देश के सबसे स्वच्छ शहर में दूषित पानी का तांडव, 11 की मौत; मंत्री बोले- ‘कुछ मौतें नेचुरल हैं’

The Hill India News
Last updated: January 1, 2026 4:18 am
The Hill India News
Published: January 1, 2026
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इंदौर | 1 जनवरी, 2026 स्वच्छता के मामले में देश का सिरमौर रहने वाला शहर इंदौर इस वक्त एक भीषण त्रासदी से जूझ रहा है। शहर के कुछ इलाकों में दूषित पानी की आपूर्ति (Contaminated Water Supply) होने से हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों और पीड़ितों के परिजनों के अनुसार, अब तक 11 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 212 से अधिक लोग शहर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं।

Contents
सरकार और परिजनों के दावों में भारी अंतरमृतकों की सूची (अनौपचारिक):राहत और मुआवजे का ऐलानदूषित पानी का स्रोत मिला, पाइपलाइन में लीकेज की आशंकामीडिया के सवाल पर भड़के मंत्री: ‘फोकट प्रश्न मत पूछो’स्वच्छता रैंकिंग पर उठे सवाल?

इस संवेदनशील मामले पर राजनीति भी गर्मा गई है। मध्य प्रदेश सरकार के कद्दावर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने स्थिति का जायजा लिया, लेकिन उनके एक बयान ने विवाद खड़ा कर दिया है। विजयवर्गीय ने मौतों के आंकड़ों पर टिप्पणी करने से बचते हुए कहा कि “कुछ मौतें नेचुरल (प्राकृतिक) हुई हैं।” —

#WATCH | Indore, Madhya Pradesh | Four people died in Indore due to contaminated water, and more than 149 people have been hospitalised.

Madhya Pradesh minister Kailash Vijayvargiya says, "I cannot comment on the number of deaths at this time… However, we will provide Rs 2… pic.twitter.com/Xr27OI2IYB

— ANI (@ANI) January 1, 2026

सरकार और परिजनों के दावों में भारी अंतर

प्रशासन और जनता के बीच मौतों के आंकड़ों को लेकर बड़ा विरोधाभास बना हुआ है। जहां प्रशासन ने अब तक आधिकारिक तौर पर केवल 4 मौतों की पुष्टि की है, वहीं परिजनों ने 11 मृतकों की सूची जारी की है।

मृतकों की सूची (अनौपचारिक):

  1. अव्यान साहू (5 माह)

  2. उमा कोरी (31 वर्ष)

  3. सीमा प्रजापत (50 वर्ष)

  4. गोमती रावत (50 वर्ष)

  5. उर्मिला यादव (60 वर्ष)

  6. ताराबाई कोरी (70 वर्ष)

  7. शंकर भाया (70 वर्ष)

  8. मंजुला (74 वर्ष)

  9. नंदलाल पाल (75 वर्ष)

  10. जीवन लाल बरेडे (80 वर्ष)

  11. संतोष बिगोलिया


राहत और मुआवजे का ऐलान

हालात की गंभीरता को देखते हुए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने आपदा प्रबंधन के तहत कई बड़े ऐलान किए हैं:

  • आर्थिक सहायता: मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।

  • मुफ्त इलाज: अस्पतालों में भर्ती सभी 212 मरीजों का पूरा खर्च सरकार उठाएगी।

  • अस्पतालों में विशेष व्यवस्था: अरविंद हॉस्पिटल और एमवाई हॉस्पिटल (MY Hospital) में 100-100 बेड आरक्षित किए गए हैं। बच्चों के इलाज के लिए उन्हें चाचा नेहरू अस्पताल भेजा जा रहा है।

  • आपातकालीन सेवा: प्रभावित क्षेत्रों में 5 एम्बुलेंस को 24 घंटे तैनात रखा गया है।


दूषित पानी का स्रोत मिला, पाइपलाइन में लीकेज की आशंका

मंत्री ने जानकारी दी कि जिस पाइपलाइन से गंदा पानी घरों तक पहुँच रहा था, उस स्रोत (Source) की पहचान कर ली गई है। फिलहाल मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में टैंकरों के जरिए नर्मदा का पानी सप्लाई करना शुरू किया है और हर घर में क्लोरीन की गोलियां बांटी जा रही हैं।

स्वास्थ्य विभाग की सलाह: प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे पानी को अच्छी तरह उबालकर ही पिएं और किसी भी तरह के लक्षण दिखने पर तुरंत मेडिकल कैंप में संपर्क करें।


मीडिया के सवाल पर भड़के मंत्री: ‘फोकट प्रश्न मत पूछो’

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब मीडिया कर्मियों ने भागीरथपुरा क्षेत्र के मरीजों के बिलों के भुगतान और बदहाल व्यवस्थाओं पर तीखे सवाल पूछे, तो मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अपना आपा खो बैठे। उन्होंने एक पत्रकार से कहा, “फोकट प्रश्न मत पूछो”। हालांकि, बाद में विवाद बढ़ता देख उन्होंने अपने व्यवहार के लिए माफी भी मांगी।


स्वच्छता रैंकिंग पर उठे सवाल?

लगातार सात बार देश का सबसे स्वच्छ शहर रहने वाले इंदौर में इस तरह की घटना ने नगर निगम और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि जल आपूर्ति की पुरानी पाइपलाइनों के सीवरेज में मिलने की शिकायतों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा था।

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