चंपावत/रुद्रपुर: उत्तराखंड में खराब मौसम के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का निर्धारित चंपावत दौरा प्रभावित जरूर हुआ, लेकिन उनका कार्यक्रम नहीं रुका। धूरा हेलीपैड पर मौसम की स्थिति अनुकूल नहीं होने के कारण मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर वहां लैंड नहीं कर सका। इसके बाद सीएम धामी टनकपुर स्टेडियम हेलीपैड पहुंचे और वहां से सड़क मार्ग के जरिए धूरा के रामलीला मैदान में आयोजित ‘सशक्त बहना उत्सव’ में शामिल होने के लिए रवाना हुए। मौसम की चुनौती के बावजूद कार्यक्रम में पहुंचकर मुख्यमंत्री ने महिलाओं के सशक्तीकरण, स्वरोजगार और स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान रुद्रपुर में भी युवाओं और विद्यार्थियों से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां उन्होंने करीब 800 छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद किया। इस दौरान शिक्षा, रोजगार, पर्यटन, स्वास्थ्य, पर्यावरण, पलायन, तकनीक और स्टार्टअप सहित उत्तराखंड के भविष्य से जुड़े विषयों पर विद्यार्थियों के सुझाव लिए गए।
धूरा नहीं उतर सका हेलीकॉप्टर, सड़क से पहुंचे सीएम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अपने विधानसभा क्षेत्र के सुखीढांक क्षेत्र स्थित धूरा रामलीला मैदान में आयोजित सशक्त बहना उत्सव में शामिल होना था। इसके लिए उनका हेलीकॉप्टर धूरा हेलीपैड पहुंचा, लेकिन खराब मौसम के कारण वहां लैंडिंग संभव नहीं हो सकी।
मौसम की स्थिति को देखते हुए कार्यक्रम में बदलाव किया गया और मुख्यमंत्री टनकपुर स्टेडियम हेलीपैड पहुंचे। इसके बाद उन्होंने सड़क मार्ग से धूरा के लिए प्रस्थान किया। इस दौरान मुख्यमंत्री का कार्यक्रम रद्द करने के बजाय वैकल्पिक मार्ग अपनाकर आयोजन में पहुंचने का निर्णय लिया गया।
सीएम धामी के धूरा पहुंचने के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी बहनों से संवाद करते हुए उनके काम और उत्पादों की जानकारी ली।
‘सशक्त बहना उत्सव’ में महिला समूहों पर रहा फोकस
धूरा में आयोजित सशक्त बहना उत्सव का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके आर्थिक सशक्तीकरण से जुड़ा रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लगातार आगे बढ़ रही हैं और स्थानीय स्तर पर तैयार किए जा रहे उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की महिलाएं केवल परिवार और समाज की जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे स्वरोजगार और उद्यमिता के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती दे रही हैं। स्वयं सहायता समूहों के जरिए महिलाएं स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक हुनर को उत्पादों में बदलकर अपनी आय बढ़ाने की दिशा में काम कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि महिलाओं को उनके उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराया जाए, ताकि मेहनत से तैयार किए गए उत्पादों को उचित मूल्य मिल सके और महिला समूहों की आय में वृद्धि हो।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर सरकार का जोर
सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं का संचालन कर रही है। उनका कहना था कि जब प्रदेश की महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होंगी, तो परिवार और समाज भी मजबूत होगा।
उन्होंने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार मिलने से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। सरकार की प्राथमिकता महिला समूहों को आगे बढ़ाने और उनके उत्पादों को बाजार से जोड़ने की है।
सशक्त बहना उत्सव के माध्यम से महिलाओं के हुनर, मेहनत और आत्मनिर्भरता की तस्वीर भी सामने आई। कार्यक्रम में महिला समूहों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न उत्पादों को लेकर भी उत्साह देखने को मिला।
इससे पहले रुद्रपुर में विद्यार्थियों से सीधा संवाद
चंपावत जाने से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रुद्रपुर के जेपीएस स्कूल के ऑडिटोरियम में आयोजित ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में ऊधम सिंह नगर जिले के अलग-अलग स्कूलों से करीब 800 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों की सोच और उनके सुझावों को समझना तथा उत्तराखंड के भविष्य को लेकर युवाओं की कल्पनाओं को सरकार तक पहुंचाना था। विद्यार्थियों ने शिक्षा, रोजगार, पर्यटन, स्वास्थ्य, पर्यावरण, पलायन, तकनीक और स्टार्टअप जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने निबंध और अपने विचारों के माध्यम से यह बताने की कोशिश की कि वे भविष्य का उत्तराखंड कैसा देखना चाहते हैं।
बच्चों के बीच दिखा सीएम धामी का सहज अंदाज
कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री धामी का बच्चों के प्रति आत्मीय अंदाज भी देखने को मिला। कार से बाहर निकलने के बाद वह सीधे बच्चों के बीच पहुंचे। उन्होंने बच्चों से बातचीत की, उनके साथ हाथ मिलाया और उनका उत्साह बढ़ाया।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान बच्चों को चॉकलेट भी बांटी। कुछ बच्चों ने मुख्यमंत्री को राखी भी बांधी। सीएम के इस सहज व्यवहार से बच्चों में काफी उत्साह दिखाई दिया। मुख्यमंत्री और बच्चों के बीच यह आत्मीय संवाद कार्यक्रम का आकर्षण भी बना।
बच्चों से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री ऑडिटोरियम पहुंचे और वहां विद्यार्थियों के साथ सीधे संवाद की शुरुआत की।
15 विद्यार्थियों से विस्तार से चर्चा
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के विचारों को केवल सुनने तक सीमित नहीं रखा, बल्कि चयनित 15 विद्यार्थियों से उनके निबंधों और विचारों को लेकर विस्तार से बातचीत भी की।
विद्यार्थियों ने अपने सपनों के उत्तराखंड को लेकर अलग-अलग सुझाव मुख्यमंत्री के सामने रखे। किसी ने शिक्षा और रोजगार को प्राथमिकता देने की बात कही तो किसी ने पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करने पर जोर दिया। वहीं कुछ विद्यार्थियों ने तकनीक और स्टार्टअप के माध्यम से युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने की जरूरत बताई।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और कहा कि राज्य के विकास में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।
‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान से जुड़ा संवाद
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार चाहती है कि प्रदेश के विद्यार्थी केवल किताबों और कक्षाओं तक सीमित न रहें, बल्कि राज्य के भविष्य को लेकर अपनी सोच भी सामने रखें। इसी उद्देश्य से ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान की शुरुआत 10 अगस्त से की गई है।
इस अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों और युवाओं से विकसित उत्तराखंड को लेकर उनके सुझाव और विजन मांगे जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा ही आने वाले समय में राज्य की दिशा तय करेंगे, इसलिए उनकी सोच और सुझाव नीति निर्माण के लिए महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा की गुणवत्ता, रोजगार और स्वरोजगार, स्टार्टअप, पर्यटन, स्वास्थ्य सुविधाओं, पर्यावरण संरक्षण, पलायन रोकने और तकनीक के बेहतर इस्तेमाल जैसे विषयों पर सुझाव लिए।
विकसित उत्तराखंड के लिए युवाओं की सोच जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार के प्रयासों के साथ समाज और युवाओं की भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने सपनों और विचारों को खुलकर सामने रखने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी आने वाले समय में डॉक्टर, इंजीनियर, उद्यमी, वैज्ञानिक, शिक्षक, अधिकारी और जनप्रतिनिधि बनेंगे। ऐसे में राज्य के विकास को लेकर उनकी सोच भविष्य के लिए महत्वपूर्ण दिशा दे सकती है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने भी उत्तराखंड को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने के लिए कई सुझाव दिए। शिक्षा और रोजगार से लेकर पर्यटन, पर्यावरण और तकनीक तक विभिन्न विषयों पर युवाओं की सोच सामने आई।
मौसम ने बदला रास्ता, लेकिन कार्यक्रम नहीं
मुख्यमंत्री धामी के इस दौरे की खास बात यह रही कि खराब मौसम के कारण यात्रा का माध्यम बदलना पड़ा, लेकिन कार्यक्रम में शामिल होने का उनका कार्यक्रम जारी रहा। धूरा हेलीपैड पर हेलीकॉप्टर नहीं उतर पाने के बाद सड़क मार्ग से कार्यक्रम स्थल पहुंचना इसी का उदाहरण रहा।
एक ओर चंपावत में मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तीकरण और स्वयं सहायता समूहों की भूमिका पर जोर दिया, वहीं रुद्रपुर में उन्होंने युवाओं और विद्यार्थियों को राज्य के विकास की प्रक्रिया से जोड़ने की कोशिश की।
कुल मिलाकर मुख्यमंत्री के इस दौरे में महिला सशक्तीकरण से लेकर युवा भागीदारी तक, उत्तराखंड के विकास के दो महत्वपूर्ण पक्ष सामने आए। सरकार जहां महिलाओं को स्वरोजगार और बाजार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दे रही है, वहीं युवाओं की सोच और सुझावों को भी भविष्य की विकास योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मौसम की चुनौती के बावजूद चंपावत पहुंचकर कार्यक्रम में शामिल होना भी मुख्यमंत्री के इस दौरे का खास पहलू रहा।
