सतना: मध्य प्रदेश के सतना जिले से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित एक होटल में एक पुलिसकर्मी पर आरोप है कि उसने खाना खा रहे चौकीदार से शराब और आइसक्रीम लाने को कहा। चौकीदार ने खाना खाने की बात कहते हुए सामान लाने से इनकार किया तो कथित तौर पर पुलिसकर्मी ने उसके साथ मारपीट कर दी और गाल पर थप्पड़ जड़ दिया। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें चौकीदार के साथ कथित मारपीट का दृश्य दिखाई दे रहा है। मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग में भी हलचल मची हुई है।
जानकारी के अनुसार, घटना 24 अगस्त की शाम करीब साढ़े छह बजे की बताई जा रही है। उस समय होटल बंद हो चुका था। होटल संचालक काउंटर बंद कर अपने घर जा चुके थे और परिसर में केवल चौकीदार रामदेव प्रजापति मौजूद था। रामदेव की उम्र करीब 40 वर्ष बताई गई है और वह मूल रूप से चित्रकूट जिले के मानिकपुर का रहने वाला है।
खाना खाते समय पहुंचा पुलिसकर्मी
बताया जा रहा है कि शाम के समय रामदेव होटल परिसर में खाना खा रहा था। इसी दौरान कोलगवां थाना क्षेत्र में तैनात पुलिसकर्मी राहुल सिंह होटल पहुंचा। आरोप है कि पुलिसकर्मी ने चौकीदार से शराब लाने के लिए कहा।
रामदेव ने उस समय खाना खाने की बात कहते हुए शराब लाने से इनकार कर दिया। आरोप है कि इसके बाद पुलिसकर्मी ने उससे आइसक्रीम लाने को कहा। चौकीदार ने दोबारा सामान लाने से मना किया तो दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और आरोप है कि पुलिसकर्मी ने रामदेव के गाल पर थप्पड़ मार दिया। घटना के दौरान वहां मौजूद परिस्थितियों और कथित मारपीट को होटल में लगे सीसीटीवी कैमरे ने रिकॉर्ड कर लिया।
CCTV फुटेज सामने आने के बाद मामला गरमाया
घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया है। फुटेज में चौकीदार के साथ कथित तौर पर मारपीट होती दिखाई दे रही है। घटना के दौरान मौके पर कुछ अन्य पुलिसकर्मी भी पहुंच गए, जिन्होंने बीच-बचाव कर स्थिति को संभाला।
मामले में चौकीदार की ओर से शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की गई है। पीड़ित का आरोप है कि उसके साथ केवल इसलिए मारपीट की गई क्योंकि उसने उस समय शराब और आइसक्रीम लाने से इनकार कर दिया था।
हालांकि, इस मामले में पुलिस विभाग की ओर से अब तक आधिकारिक तौर पर की गई कार्रवाई को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि शिकायत और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ विभागीय स्तर पर क्या कदम उठाया जाता है।
होटल बंद था, मौके पर अकेला था चौकीदार
घटना का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि जिस समय विवाद हुआ, उस समय होटल बंद था। होटल संचालक अपना काउंटर बंद कर घर जा चुके थे। परिसर में केवल चौकीदार रामदेव मौजूद था।
ऐसे में कथित मारपीट की घटना को लेकर पीड़ित पक्ष ने कार्रवाई की मांग की है। CCTV फुटेज सामने आने के बाद अब जांच में यह फुटेज अहम साक्ष्य साबित हो सकता है। पुलिस अधिकारियों के सामने शिकायत की निष्पक्ष जांच करने और घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की चुनौती है।
पुलिसकर्मी के व्यवहार पर उठे सवाल
पुलिस का काम आम लोगों की सुरक्षा करना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। ऐसे में यदि किसी पुलिसकर्मी पर किसी आम नागरिक के साथ मारपीट करने का आरोप लगता है, तो यह मामला गंभीर हो जाता है। खासकर तब, जब घटना का वीडियो फुटेज भी सामने आया हो।
इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि क्या वर्दी के प्रभाव का इस्तेमाल आम नागरिकों पर दबाव बनाने के लिए किया जा सकता है? यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो पुलिस विभाग के लिए भी यह जरूरी होगा कि वह मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करे, ताकि लोगों का कानून-व्यवस्था और पुलिस व्यवस्था पर भरोसा कायम रहे।
फिलहाल चौकीदार की शिकायत, सामने आया CCTV फुटेज और संबंधित पक्षों के बयान जांच के लिए महत्वपूर्ण होंगे। पुलिस की आधिकारिक जांच और कार्रवाई के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटनाक्रम में वास्तव में क्या हुआ था और जिम्मेदारी किसकी थी।
