By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: उत्तर प्रदेश: बीजेपी एमएलसी का बड़ा हमला, आजमगढ़ एसपी पर गंभीर आरोप, ‘फर्जी मुठभेड़’ और साजिश का दावा, जांच की मांग तेज
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > उत्तर प्रदेश: बीजेपी एमएलसी का बड़ा हमला, आजमगढ़ एसपी पर गंभीर आरोप, ‘फर्जी मुठभेड़’ और साजिश का दावा, जांच की मांग तेज
उत्तराखंडक्राइमफीचर्ड

उत्तर प्रदेश: बीजेपी एमएलसी का बड़ा हमला, आजमगढ़ एसपी पर गंभीर आरोप, ‘फर्जी मुठभेड़’ और साजिश का दावा, जांच की मांग तेज

The Hill India News
Last updated: April 22, 2026 7:01 am
The Hill India News
Published: April 22, 2026
Share
SHARE

उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक उस समय सुर्खियों में आ गई, जब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता और एमएलसी देवेंद्र सिंह ने आजमगढ़ के पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें “अपराधी” तक बता दिया। इस बयान के बाद न सिर्फ राजनीतिक माहौल गरमा गया है, बल्कि प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

मंगलवार दोपहर मऊ में आयोजित बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए एमएलसी देवेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि आजमगढ़ के एसपी द्वारा ‘गुडवर्क’ दिखाने के नाम पर फर्जी मामलों को अंजाम दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारी की जगह जेल में होनी चाहिए और तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर गिरफ्तार किया जाना चाहिए। एमएलसी के इस तीखे बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।

देवेंद्र सिंह ने एक मामले का उदाहरण देते हुए दावा किया कि एक व्यक्ति ने अपनी एफआईआर में स्पष्ट रूप से लिखा था कि उसके साथ कोई लूट या छिनैती नहीं हुई, बल्कि उसका बैग गिर गया था। इसके बावजूद पुलिस ने कथित तौर पर मामला दर्ज कर उसे लूट का केस बना दिया। एमएलसी के अनुसार यह पूरी कार्रवाई ‘फर्जी गुडवर्क’ दिखाने के उद्देश्य से की गई।

सबसे गंभीर आरोप लगाते हुए एमएलसी ने कहा कि एक भाजपा बूथ अध्यक्ष को फंसाने के लिए पुलिस ने उसकी आंख पर पट्टी बांधकर गोली मारी और फिर उसे मुठभेड़ का रूप दे दिया। उन्होंने इस घटना को बेहद चिंताजनक बताते हुए कहा कि यदि यह सच है तो यह कानून व्यवस्था के लिए बड़ा खतरा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

बताया जा रहा है कि यह मामला अभिषेक उर्फ धर्मेंद्र सिंह से जुड़ा है, जिसे उत्तर प्रदेश पुलिस की एसओजी और कोतवाली टीम ने जियो कंपनी के एक मैनेजर से लूट के आरोप में ‘हाफ एनकाउंटर’ के बाद गिरफ्तार किया था। पुलिस का दावा है कि आरोपी के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के चकलाल चंद गांव का निवासी है। हालांकि एमएलसी के आरोपों ने इस पूरी कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इस विवाद के बीच बैठक में अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई। एमएलसी देवेंद्र सिंह ने निजी स्कूलों में किताब और ड्रेस की खरीद को लेकर हो रही अनियमितताओं पर नाराजगी जताई। उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देश देने की बात कही कि किसी भी छात्र को एक ही दुकान से किताब या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य न किया जाए। उन्होंने कहा कि बाजार में प्रतिस्पर्धा बनी रहनी चाहिए ताकि अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म हो गया है। एक ओर जहां सत्तारूढ़ दल के भीतर से ही प्रशासन के खिलाफ आवाज उठ रही है, वहीं विपक्ष को भी सरकार पर हमला करने का एक बड़ा मुद्दा मिल सकता है। विपक्षी दल इस मामले को कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली से जोड़कर सरकार को घेरने की तैयारी कर सकते हैं।

फिलहाल इस मामले में पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन जिस तरह के गंभीर आरोप लगाए गए हैं, उससे यह स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में इस मामले की जांच और संभावित कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी। यदि जांच में आरोपों में सच्चाई पाई जाती है, तो यह मामला प्रदेश की कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा कर सकता है।

You Might Also Like

इस्लाम में शादी एक कॉन्ट्रैक्ट, हिंदुओं में जन्मों तक का साथ…, जानें और क्या बोले ओवैसी?
उत्तराखण्ड : जोशीमठ पर सरकार की ताजा रिपोर्ट आप भी देखिए।
चीनी संकट पर सरकार का बड़ा दावा: ‘इथेनॉल निर्दोष’, कम उत्पादन और जमाखोरी को बताया असली विलेन
चमोली : भराड़ीसैंण कैबिनेट की बैठक हुई समाप्त, ये लियेे बड़े फैसले
नई दिल्ली : कृषि क्षेत्र में श्रेष्ठता हासिल करने के लिए किसान से लेकर इंडस्ट्रीज सब मिलकर काम करें- तोमर
TAGGED:AzamgarhBJPFake EncounterInvestigation DemandMLC StatementPolice ControversyPolitical AttackSP AllegationsUP
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तराखंडफीचर्ड

पेंशन लाभार्थियों के लिए बड़ी राहत! CM धामी ने एक क्लिक में जारी किए ₹147 करोड़, करीब 10 लाख लोगों के खातों में पहुंची अगस्त की पेंशन

The Hill India News
The Hill India News
September 4, 2026
देश की पहली ऑल-इन-वन किसान एप ‘मनोरमा कृषि रक्षक’ का उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया शुभारंभ
क्या बदल जाएगा दुनिया का नक्शा? संयुक्त राष्ट्र में आज ऐतिहासिक वोटिंग, अफ्रीका के असली आकार को लेकर उठी बड़ी बहस
रानीपोखरी में गूंजी मातृशक्ति की आवाज, कांग्रेस के संवाद कार्यक्रम में महिलाओं ने खुलकर उठाए सामाजिक, आर्थिक और सुरक्षा के मुद्दे
‘मिशन यूपी’ पर कांग्रेस का बड़ा दांव! 7 सितंबर से मुजफ्फरनगर में किसान यात्रा का आगाज, पश्चिम से पूर्वांचल तक गूंजेंगे किसानों के मुद्दे
उत्तराखंड में फिर बिगड़ेगा मौसम का मिजाज! 3 से 8 सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट, पहाड़ों में भूस्खलन और नदियों-नालों का बढ़ेगा खतरा
यूपी के 3.5 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत! बढ़ी सैलरी, 50 लाख का दुर्घटना बीमा और नौकरी से सीधे हटाने पर रोक
उत्तराखंड के 50 से ज्यादा गांव आज भी ग्रिड बिजली से दूर, अधिकारियों के गांव तक नहीं पहुंची बिजली! जंगल और नियमों के बीच अटका रोशनी का रास्ता
मसूरी-देहरादून मार्ग पर कुदरत का कहर! पानी वाले बैंड के पास सड़क ध्वस्त, राजधानी से मसूरी का संपर्क टूटा; घंटों फंसे यात्री
यूपी में गंगा-यमुना का रौद्र रूप! प्रयागराज से गाजीपुर तक बाढ़ का खतरा, 18 जिलों में रेड अलर्ट; स्कूल बंद, घाट-मंदिर जलमग्न
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?