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देहरादूनफीचर्ड

देहरादून में प्रशासन की त्वरित कार्रवाई: डीएम सविन बंसल के निर्देश पर 24 घंटे में लिस्ट्राबाद प्राथमिक विद्यालय में नई शिक्षिका की तैनाती

The Hill India News
Last updated: December 4, 2025 1:06 pm
The Hill India News
Published: December 4, 2025
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देहरादून। ग्रामीण शिक्षा तंत्र को सुदृढ़ करने और सरकारी स्कूलों में शिक्षा गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लक्ष्य के तहत देहरादून जिला प्रशासन ने एक उल्लेखनीय कदम उठाया है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर राजकीय प्राथमिक विद्यालय लिस्ट्राबाद में महज़ 24 घंटे के भीतर नई शिक्षिका की तैनाती कर दी गई है। यह कार्रवाई ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षक उपलब्धता की लगातार उठती शिकायतों के बीच प्रशासन की तत्परता और संवेदनशीलता को दर्शाती है।

Contents
बहुउद्देशीय शिविर में सामने आया था मामलाडीएम ने तत्काल लिया संज्ञान, शिक्षा विभाग को दिए सीधे निर्देश24 घंटे में हुई तैनाती, विभाग ने जारी किया आदेशग्रामीण शिक्षा में शिक्षक कमी बड़ा मुद्दाजिलाधिकारी की पहल—समस्याओं का तत्काल समाधानग्रामीणों ने जताया आभारराज्य सरकार का जोर—हर विद्यालय में पर्याप्त शिक्षकआगे की राहनिष्कर्ष

बहुउद्देशीय शिविर में सामने आया था मामला

यह पूरा मामला रविवार को ग्राम इठारना में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर के दौरान जिलाधिकारी सविन बंसल के संज्ञान में आया। इस शिविर में गांव के लोग अपनी समस्याओं को सीधे डीएम के समक्ष रखते हैं और现场 समाधान की कोशिश की जाती है।
इसी क्रम में ग्राम प्रधान, लिस्ट्राबाद ग्रांट ने डीएम को अवगत कराया कि रा.प्रा.वि. लिस्ट्राबाद में 34 छात्र-छात्राएँ पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि विद्यालय में केवल एक ही अध्यापिका तैनात है। एक शिक्षक द्वारा मल्टी-क्लास अध्यापन के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी।

ग्राम प्रधान ने यह भी बताया कि पिछले कई दिनों से विभागीय स्तर पर अनुरोध किए जाने के बाद भी विद्यालय को दूसरा शिक्षक उपलब्ध नहीं हो पाया था, जिससे अभिभावकों में नाराजगी थी और बच्चों की पढ़ाई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था।

डीएम ने तत्काल लिया संज्ञान, शिक्षा विभाग को दिए सीधे निर्देश

मामले की गंभीरता को समझते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने मौके पर ही मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि प्राथमिक विद्यालय लिस्ट्राबाद में तत्काल एक अतिरिक्त शिक्षक की तैनाती सुनिश्चित की जाए। डीएम ने साफ कहा कि किसी भी सरकारी विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई अवरुद्ध नहीं होनी चाहिए और जहां भी शिक्षक कमी की शिकायत मिले, उसका समाधान प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए।

जिलाधिकारी के निर्देश के कुछ ही घंटों के भीतर शिक्षा विभाग सक्रिय हुआ और आवश्यक प्रस्ताव तैयार करके शिक्षक तैनाती की प्रक्रिया तेज कर दी।

24 घंटे में हुई तैनाती, विभाग ने जारी किया आदेश

डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिस द्वारा जारी आदेश के अनुसार, विकासखंड डोईवाला के उप शिक्षा अधिकारी द्वारा भेजे गए प्रस्ताव पर कार्रवाई करते हुए एक औवन्धिक सहायक अध्यापिका की राजकीय प्राथमिक विद्यालय, लिस्ट्राबाद में तुरंत तैनाती कर दी गई है।
विभाग ने उप शिक्षा अधिकारी को आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने और शिक्षिका को तत्काल विद्यालय में कार्यग्रहण कराने के निर्देश भी दिए हैं।

इस त्वरित निर्णय से ग्रामीणों, अभिभावकों और विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों ने राहत की सांस ली है।

ग्रामीण शिक्षा में शिक्षक कमी बड़ा मुद्दा

देहरादून जिले के कई ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में पिछले कई वर्षों से शिक्षक कमी एक प्रमुख समस्या रही है। मल्टी-क्लास टीचिंग, एकल शिक्षक विद्यालय, तथा स्थानांतरण देरी जैसे मुद्दे अक्सर अभिभावकों की शिकायत का कारण बनते हैं।
विशेष रूप से डोईवाला, त्यूनी, चकराता, विकासनगर और रायपुर ब्लॉक के दूरस्थ गांवों में शिक्षकों की कमी अक्सर बच्चों की शैक्षणिक प्रगति को प्रभावित करती है।

ऐसे में डीएम द्वारा शिविर में उठाए गए मुद्दे पर इतनी त्वरित कार्रवाई होना प्रशासनिक दक्षता और प्राथमिक शिक्षा के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण की मिसाल माना जा रहा है।

जिलाधिकारी की पहल—समस्याओं का तत्काल समाधान

जिलाधिकारी सविन बंसल पिछले कुछ महीनों से जिलाभर में जन-समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए नियमित रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में बहुउद्देशीय शिविर आयोजित कर रहे हैं।
इन शिविरों में आम नागरिकों को सीधे डीएम के सामने अपनी समस्याएं रखने का अवसर मिलता है, जिससे कई मुद्दों का मौके पर ही समाधान हो जाता है।

शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व, पेयजल, सड़क निर्माण और पेंशन जैसी सेवाओं से संबंधित समस्याओं को प्राथमिकता पर निपटाया जा रहा है।
लिस्ट्राबाद विद्यालय में 24 घंटे में शिक्षक तैनाती इसी अभियान की सफल मिसाल है।

ग्रामीणों ने जताया आभार

नई शिक्षिका की तैनाती की खबर मिलते ही लिस्ट्राबाद गांव के अभिभावकों और ग्राम प्रधान ने जिला प्रशासन का आभार जताया।
ग्राम प्रधान ने कहा,

“हमने कई बार स्कूल में शिक्षक की मांग की थी, लेकिन यह पहली बार है जब समस्या उठाते ही 24 घंटे के भीतर समाधान मिल गया। यह बच्चों की पढ़ाई और भविष्य के लिए बेहद बड़ा कदम है।”

स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि दूसरे शिक्षक के आने से मल्टी-क्लास टीचिंग का दबाव कम होगा और बच्चों की पढ़ाई में गुणवत्ता बढ़ेगी।

राज्य सरकार का जोर—हर विद्यालय में पर्याप्त शिक्षक

उत्तराखंड सरकार पिछले कुछ वर्षों से सरकारी विद्यालयों में शिक्षा गुणवत्ता सुधार के लिए कई कदम उठा रही है।
नियुक्तियों, तैनाती में पारदर्शिता, स्थानांतरण ऑनलाइन प्रणाली, स्मार्ट क्लास, बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षकों के प्रशिक्षण जैसे उपाय शिक्षा व्यवस्था को मजबूत कर रहे हैं।

लिस्ट्राबाद विद्यालय में शिक्षक तैनाती, इस व्यापक नीति के स्थानीय स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन का उदाहरण माना जा रहा है।

आगे की राह

शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने संकेत दिया है कि इसी तर्ज पर जिले में जहां भी शिक्षक कमी की शिकायतें आएंगी, उन्हें प्राथमिकता पर हल किया जाएगा। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण बढ़ाए जाएंगे ताकि किसी भी विद्यालय में पठन-पाठन बाधित न हो।


निष्कर्ष

लिस्ट्राबाद प्राथमिक विद्यालय में 24 घंटे के भीतर नई शिक्षिका की तैनाती न सिर्फ प्रशासनिक तत्परता का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि यदि अधिकारीगण संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ काम करें तो सरकारी शिक्षा व्यवस्था में तेजी से सकारात्मक परिवर्तन संभव है। यह कदम देहरादून और पूरे राज्य में ग्रामीण शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश देता है।

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