By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: “कर्ज के बोझ तले दबी जनता, गायब होते रोजगार”, पूर्व CM हरीश रावत ने बजट से पहले केंद्र सरकार को आईना दिखाया
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > “कर्ज के बोझ तले दबी जनता, गायब होते रोजगार”, पूर्व CM हरीश रावत ने बजट से पहले केंद्र सरकार को आईना दिखाया
उत्तराखंडफीचर्ड

“कर्ज के बोझ तले दबी जनता, गायब होते रोजगार”, पूर्व CM हरीश रावत ने बजट से पहले केंद्र सरकार को आईना दिखाया

The Hill India News
Last updated: January 31, 2026 1:20 pm
The Hill India News
Published: January 31, 2026
Share
File Photo
SHARE

देहरादून: देश के आम बजट 2026 की प्रस्तुति से ठीक पहले सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। एक ओर जहां सत्तापक्ष इसे ‘विकसित भारत’ का रोडमैप बता रहा है, वहीं विपक्ष ने आर्थिक मोर्चों पर सरकार की विफलता गिनाना शुरू कर दिया है। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के कद्दावर नेता हरीश रावत ने बजट की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए देश के आर्थिक परिदृश्य को ‘अस्वस्थ’ करार दिया है।

Contents
मध्यम वर्ग की कमर तोड़ती महंगाई और शिक्षा-स्वास्थ्य का खर्च‘कर्ज में डूबा भारत’: रुपए की साख और अर्थव्यवस्था का संतुलनरोजगार और AI: तकनीक बनाम मानवीय श्रमकृषि को लाभदायी बनाना अनिवार्यसिविल एविएशन और रेलवे पर तंजहिमालयी राज्यों के लिए विशेष ‘ग्रीन बोनस’ की दरकारक्या उम्मीदों पर खरी उतरेगी सरकार?

ईटीवी भारत से विशेष बातचीत में रावत ने कहा कि देश का मध्यम और निम्न मध्यम वर्ग आज दोहरी मार झेल रहा है और आगामी बजट उनके लिए आखिरी उम्मीद की किरण है।

मध्यम वर्ग की कमर तोड़ती महंगाई और शिक्षा-स्वास्थ्य का खर्च

हरीश रावत ने मध्यम वर्ग की पीड़ा को स्वर देते हुए कहा कि आज शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी जरूरतें आम आदमी की पहुंच से बाहर हो गई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस देश में एक मध्यमवर्गीय परिवार अपनी आधी कमाई बच्चों की पढ़ाई और इलाज पर खर्च कर दे, वहां खुशहाली कैसे आ सकती है?

“निम्न मध्यम वर्ग और मध्यम वर्ग दोनों पिस गए हैं। आय स्थिर है लेकिन खर्चों का ग्राफ आसमान छू रहा है। सरकार को इस बजट में शिक्षा और स्वास्थ्य के बजट को इस तरह व्यवस्थित करना चाहिए कि आम आदमी को राहत मिल सके।” – हरीश रावत

‘कर्ज में डूबा भारत’: रुपए की साख और अर्थव्यवस्था का संतुलन

पूर्व मुख्यमंत्री ने देश पर बढ़ते कर्ज के आंकड़ों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने तुलनात्मक विश्लेषण करते हुए कहा कि साल 2014 के मुकाबले आज देश पर तीन गुना ज्यादा कर्ज बढ़ गया है। इसका सीधा असर प्रति व्यक्ति कर्ज पर पड़ रहा है।

आर्थिक असंतुलन पर प्रहार करते हुए रावत ने कहा:

  • घटता निर्यात: अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत की पकड़ कमजोर हो रही है।

  • बढ़ता आयात: हम अपनी जरूरतों के लिए विदेशों पर अधिक निर्भर हो रहे हैं।

  • रुपए की गिरावट: डॉलर के मुकाबले रुपया अपने ऐतिहासिक निचले स्तर पर है, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार और साख दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

रोजगार और AI: तकनीक बनाम मानवीय श्रम

रोजगार को देश का सबसे बड़ा प्रश्न बताते हुए रावत ने सरकार की नीतियों को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे तकनीक के विरोधी नहीं हैं, लेकिन तकनीक का इस्तेमाल ‘रोजगार छीनने’ के लिए नहीं बल्कि ‘रोजगार बढ़ाने’ के लिए होना चाहिए।

उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर चिंता जताते हुए कहा कि आज टेक्नोलॉजी अत्यधिक समृद्ध लोगों की ‘दासी’ बन गई है। यदि AI युवाओं के हाथों से काम छीन रहा है, तो यह देश के भविष्य के लिए शुभ संकेत नहीं है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में आई सुस्ती पर भी उन्होंने सरकार को घेरा।

कृषि को लाभदायी बनाना अनिवार्य

हरीश रावत ने जोर देकर कहा कि अगर भारत को दुनिया की दूसरी या तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनना है, तो कृषि (Agriculture) को लाभ का सौदा बनाना ही होगा।

उन्होंने कहा, “दुनिया की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था होने का दंभ भरना तब तक बेमानी है, जब तक हमारा किसान कर्ज और बदहाली में जी रहा है। लघु और कुटीर उद्योगों को संजीवनी देना इस बजट की प्राथमिकता होनी चाहिए।”

सिविल एविएशन और रेलवे पर तंज

उत्तराखंड के संदर्भ में बात करते हुए रावत ने सिविल एविएशन और रेलवे सेक्टर पर सरकार के दावों की हवा निकाली।

  • रेलवे: उन्होंने तंज कसा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना की आधारशिला सोनिया गांधी ने रखी थी, लेकिन भाजपा आज उसी की ‘घुट्टी’ लोगों को पिला रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में कई रेलवे लाइनें दशकों से धूल फांक रही हैं।

  • एविएशन: रावत के अनुसार, कांग्रेस शासन में जितने एयरपोर्ट और एयरस्ट्रिप बने थे, इस सरकार ने उनमें कोई उल्लेखनीय वृद्धि नहीं की है।

हिमालयी राज्यों के लिए विशेष ‘ग्रीन बोनस’ की दरकार

एक पहाड़ी राज्य के नेता के रूप में हरीश रावत ने पर्यावरण और आपदा प्रबंधन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड हर साल आपदा का दंश झेलता है। केंद्र से मिलने वाला राहत पैकेज ‘ऊंट के मुंह में जीरा’ के समान है। इस बजट में हिमालयी राज्यों के पर्यावरण संरक्षण के लिए ठोस वित्तीय प्रावधान और आपदा प्रबंधन के लिए सुदृढ़ बजट की मांग उन्होंने दोहराई।

क्या उम्मीदों पर खरी उतरेगी सरकार?

हरीश रावत का यह विश्लेषण बजट से पहले एक बड़े राजनीतिक और आर्थिक विमर्श को जन्म देता है। उनके द्वारा उठाए गए सवाल—चाहे वह बढ़ता कर्ज हो, मध्यम वर्ग की बदहाली हो या कृषि की अनदेखी—सीधे तौर पर जनता से जुड़े हैं। अब देखना यह होगा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पिटारे से कल क्या निकलता है और क्या विपक्ष के इन तीखे सवालों का जवाब बजट के आंकड़ों में मिल पाता है या नहीं।

You Might Also Like

नई दिल्ली :बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन की मुश्किल बढ़ी
RTI : उत्तराखंड शासन ने सूचना आयोग के निर्देश पर जारी किया शासनादेश संख्या 704
CJI सूर्यकांत बोले: ‘न्यायाधीशों की दिनचर्या अत्यधिक तनावपूर्ण, ऊर्जा बनाए रखने को जरूरी है मनोरंजन’
पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची की स्पेशल इंटेंसिव रिविजन पर सियासत गरमाई — ममता बनर्जी ने लगाया NRC की साजिश का आरोप, चुनाव आयोग ने दी सख्त सफाई
मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन को लेकर छात्रों को किया जागरूक
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
देशफीचर्ड

CM थलापति विजय की पार्टी TVK का केंद्र पर बड़ा हमला, NEET परीक्षा रद्द व मेडिकल शिक्षा को राज्य सूची में शामिल करने की माँग

The Hill India News
The Hill India News
July 22, 2026
जंतर-मंतर पर 32वें दिन भी डटे छात्र: JP नड्डा ने अस्पताल में वांगचुक से की मुलाकात, सड़क से संसद तक क्यों गरमाई नीट पेपर लीक पर सियासत?
दिल्ली में हाई-वोल्टेज ड्रामा: राहुल, प्रियंका और अखिलेश यादव पुलिस हिरासत में, पीएम आवास के बाहर धरना स्थल छावनी में तब्दील
हरिद्वार आम महोत्सव में मुख्यमंत्री धामी का बड़ा ऐलान: किसान उत्तराखंड की असली ताकत, एप्पल मिशन पर 80% सब्सिडी और ‘हिमालय ब्रांड’ से ग्लोबल पहचान
उत्तराखंड हाईकोर्ट की पुलिस को सख्त फटकार: प्रभात ध्यानी की ट्रेन से गिरफ्तारी पर पूछा- क्या नागरिकों की स्वतंत्रता छीन ली गई है?
राहुल गांधी का 7 लोक कल्याण मार्ग पर धरना: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और पेपर लीक पर संसद से सड़क तक संग्राम
बारिश का महाअलर्ट: दिल्ली से हिमाचल और यूपी-बिहार तक मौसम का कहर, 20 राज्यों में भारी वर्षा की चेतावनी; प्रशासन अलर्ट पर
छात्रों के समर्थन में सड़क पर उतरी कांग्रेस: राहुल, प्रियंका और खड़गे का पीएम आवास तक मार्च, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज
‘मेरी पीठ में खंजर घोंपा, सारे चोर भाजपा में चले गए’— ममता बनर्जी का बड़ा हमला, विपक्षी एकता की भी दोहराई अपील
मध्यप्रदेश में UCC को मिली विधानसभा की मंजूरी: हंगामे, ‘जय श्रीराम’ के नारों और तीखी बहस के बीच पास हुआ ऐतिहासिक विधेयक
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?