रानीपोखरी। परवादून जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से लंबरदार फार्म, रानीपोखरी में मातृशक्ति संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र की बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने सामाजिक, आर्थिक, पारिवारिक तथा स्थानीय स्तर से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं की समस्याओं को सुनना, उनके विचारों को समझना और उन्हें संगठन तथा जनप्रतिनिधियों के माध्यम से उचित मंच तक पहुंचाना रहा।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने क्षेत्र में महिलाओं से जुड़े मुद्दों, सुरक्षा, रोजगार, स्वावलंबन और स्थानीय विकास से संबंधित विषयों पर चर्चा की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। इसलिए महिलाओं की भागीदारी और उनकी आवाज को मजबूत किए बिना समग्र विकास की कल्पना नहीं की जा सकती।
महिलाओं की आवाज को मंच देना कांग्रेस की प्राथमिकता: मोहित उनियाल
परवादून जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहित उनियाल ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी के बिना समाज और राष्ट्र का समग्र विकास संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से महिलाओं के सम्मान, अधिकार और स्वावलंबन के लिए आवाज उठाती रही है।
उन्होंने कहा कि मातृशक्ति की समस्याओं को केवल सुनना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें संगठन और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से संबंधित मंच तक पहुंचाकर समाधान की दिशा में काम करना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि परवादून कांग्रेस महिलाओं के साथ संवाद और सहभागिता को लगातार आगे बढ़ाएगी तथा क्षेत्र की महिलाओं की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ उठाने का प्रयास करेगी।
मोहित उनियाल ने अंकिता भंडारी हत्याकांड का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस घटना ने पूरे उत्तराखंड को झकझोर कर रख दिया था। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और पीड़ित परिवार को न्याय का मुद्दा आज भी गंभीर है। कांग्रेस का कहना है कि प्रदेश में महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है।
ग्रामीण महिलाओं की समस्याओं को समझना जरूरी: गौरव सिंह
डोईवाला ब्लॉक प्रमुख गौरव सिंह ने कहा कि मातृशक्ति परिवार, समाज और गांव की सबसे मजबूत आधारशिला है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं परिवार के साथ-साथ कृषि, रोजगार और सामाजिक गतिविधियों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके बावजूद उनकी कई समस्याएं सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा नहीं बन पातीं।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की वास्तविक समस्याओं को समझने के लिए उनके बीच जाकर संवाद करना जरूरी है। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को अपनी बात सीधे रखने का अवसर मिलता है। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल हुई सभी महिलाओं का आभार व्यक्त किया और कहा कि महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी प्रयास किए जाने चाहिए।
गौरव सिंह ने महिला अपराधों को लेकर सरकार से सवाल भी उठाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर रोक लगाने और पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में देखा जाना चाहिए।
रेखा कांडपाल सती बोलीं—संवाद सिर्फ कार्यक्रम नहीं, बदलाव की शुरुआत
कार्यक्रम के सफल आयोजन और संयोजन में कांग्रेस जिला महासचिव रेखा कांडपाल सती और अफसाना अंसारी की विशेष भूमिका रही। रेखा कांडपाल सती ने कहा कि मातृशक्ति के साथ संवाद केवल एक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि महिलाओं की बात सुनने और उनके संघर्षों को समझने की सार्थक पहल है।
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में महिलाओं ने जिस उत्साह और आत्मविश्वास के साथ अपनी समस्याओं और विचारों को सामने रखा, उससे स्पष्ट है कि क्षेत्र की महिलाएं अपने अधिकारों, सम्मान और क्षेत्र के विकास को लेकर जागरूक हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाओं से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा केवल मंच तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इन समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयास किए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को संगठित, जागरूक और सशक्त बनाकर ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
रेखा कांडपाल सती ने कार्यक्रम में सहयोग करने वाली सभी महिलाओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आने वाले समय में भी इस तरह के संवाद कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जाएगा।
महिलाओं की भागीदारी को संगठन में मिलेगी प्राथमिकता
कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया और सामाजिक गतिविधियों में अधिक से अधिक भागीदारी मिलनी चाहिए। उनका कहना था कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के पास स्थानीय समस्याओं को लेकर महत्वपूर्ण अनुभव और सुझाव होते हैं। यदि उनकी बात को प्राथमिकता से सुना जाए तो कई समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही तलाशा जा सकता है।
मातृशक्ति संवाद के माध्यम से कांग्रेस ने महिलाओं से सीधे संपर्क बढ़ाने और उनके मुद्दों को संगठन के स्तर पर उठाने का संदेश दिया। कार्यक्रम में महिलाओं ने भी अपनी समस्याओं और अपेक्षाओं को लेकर विचार साझा किए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि महिलाओं का सम्मान, सुरक्षा, स्वावलंबन और अधिकार समाज के विकास से सीधे जुड़े हुए विषय हैं। इसलिए इन मुद्दों पर निरंतर संवाद की आवश्यकता है।
कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल, डोईवाला ब्लॉक प्रमुख गौरव सिंह, डोईवाला ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, कांग्रेस जिला महासचिव रेखा कांडपाल सती, अफसाना अंसारी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य मालती चौहान, वरिष्ठ कांग्रेस नेता नरेंद्र चौहान, कांग्रेस मंडलम अध्यक्ष मोहित कपरवान, क्षेत्र पंचायत सदस्य नितिन पंवार, पुष्पराज बहुगुणा, युवा कांग्रेस प्रदेश सचिव अमित तिवारी सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यक्रम के समापन पर कांग्रेस नेताओं ने कहा कि महिलाओं के साथ संवाद की यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। पार्टी का कहना है कि क्षेत्र की मातृशक्ति की समस्याओं को सुनकर उन्हें उचित मंच तक पहुंचाने और समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे।
रानीपोखरी में आयोजित यह मातृशक्ति संवाद कार्यक्रम महिलाओं की भागीदारी, उनके अधिकारों और स्थानीय समस्याओं को राजनीतिक एवं सामाजिक विमर्श के केंद्र में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।
