शामली, उत्तर प्रदेश। हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान हत्याकांड में उत्तर प्रदेश पुलिस ने सोमवार तड़के बड़ी कार्रवाई का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, अंकित बालियान की हत्या में संदिग्ध दो बदमाशों को शामली में हुई मुठभेड़ के दौरान ढेर कर दिया गया। यह मुठभेड़ सदर कोतवाली क्षेत्र के औद्योगिक इलाके में हुई। पुलिस के अनुसार, मारे गए दोनों संदिग्धों की पहचान मोहित और सुमित के रूप में हुई है। दोनों हरियाणा के सोनीपत जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं और उन पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस के मुताबिक, अंकित बालियान की हत्या के बाद पूरे इलाके में बदमाशों की तलाश के लिए नाकेबंदी और चेकिंग अभियान तेज कर दिया गया था। इसी दौरान सोमवार सुबह करीब चार बजे पुलिस टीम की संदिग्ध बाइक सवार युवकों से मुठभेड़ हो गई। पुलिस का कहना है कि बदमाशों ने रुकने के बजाय पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद अलग-अलग स्थानों पर हुई कार्रवाई के दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच गोलीबारी हुई। जवाबी कार्रवाई में दोनों संदिग्ध गंभीर रूप से घायल हुए और बाद में उनकी मौत हो गई।
सुबह-सुबह चेकिंग के दौरान पुलिस से हुआ सामना
शामली के पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक, अंकित बालियान की हत्या के बाद रात में ही जिले में नाकेबंदी के निर्देश दिए गए थे। सोमवार तड़के करीब चार बजे हिजाना थाना क्षेत्र के प्रभारी अपनी टीम के साथ स्टेशन के पास चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें करनाल की ओर से एक मोटरसाइकिल आती दिखाई दी। पुलिस टीम ने बाइक को रोकने का प्रयास किया, लेकिन उस पर सवार दोनों युवकों ने कथित तौर पर पुलिस पर फायरिंग कर दी।
पुलिस के अनुसार, इसके बाद बदमाश बाइक लेकर आगे बढ़े और मन्ना मादरा पुल के पास चेकिंग कर रहे पुलिसकर्मियों पर भी फायरिंग की। पुलिस ने पीछा करते हुए दोनों बदमाशों को घेर लिया। पुलिस का दावा है कि घिरने के बाद भी बदमाशों ने जानलेवा हमला जारी रखा। जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाश गोली लगने से घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।
मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी भी घायल
इस कार्रवाई के दौरान पुलिस के दो जवान भी गोली लगने से घायल हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, स्वॉट टीम में तैनात हेड कांस्टेबल हरविंदर और प्रदीप को गोली लगी। दोनों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान दोनों ओर से कई राउंड फायरिंग हुई।
घटनास्थल से पुलिस ने हथियार और अन्य सामान बरामद करने का भी दावा किया है। पुलिस के अनुसार, मौके से दो पिस्टल, 10 जिंदा और 9 खोखा कारतूस 30 बोर, एक अन्य पिस्टल के साथ 16 जिंदा और 6 खोखा कारतूस, एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल, एक बैग, मोबाइल फोन और करीब पांच हजार रुपये की नकदी बरामद की गई है। बरामद सामान को जांच के लिए कब्जे में लेकर पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
मारे गए दोनों संदिग्धों पर था इनाम
पुलिस की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, मुठभेड़ में मारा गया मोहित हरियाणा के सोनीपत जिले का रहने वाला था और उसकी उम्र करीब 22 वर्ष बताई गई है। वहीं दूसरे संदिग्ध सुमित की उम्र करीब 24 वर्ष बताई गई है। दोनों के संबंध में पुलिस ने बताया कि वे सोनीपत क्षेत्र के रहने वाले थे और अंकित बालियान हत्याकांड में संदिग्ध भूमिका के चलते उनकी तलाश की जा रही थी।
पुलिस ने दोनों संदिग्धों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अंकित बालियान की हत्या की साजिश में इन दोनों की भूमिका क्या थी और वारदात को अंजाम देने वाले अन्य लोगों से उनका किस तरह का संपर्क था।
गोगी गैंग से कनेक्शन की भी जांच
पुलिस के अनुसार, अंकित बालियान हत्याकांड में मुठभेड़ के दौरान मारे गए मोहित और सुमित का नाम दिल्ली के कुख्यात गोगी गैंग से भी जोड़ा जा रहा है। हालांकि इस संबंध में पुलिस जांच जारी है और गिरोह से उनके कथित संबंधों को लेकर विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि अंकित बालियान की हत्या के पीछे आखिर वास्तविक वजह क्या थी। पुलिस की शुरुआती जांच में एक वीडियो एलबम का भी जिक्र सामने आया है, जिसमें कथित तौर पर कोर्ट के अंदर गोली चलाने से संबंधित बोल थे। पुलिस इस पहलू को भी जांच का हिस्सा मानकर चल रही है। हालांकि हत्या की असली वजह क्या थी, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
26 अगस्त की शाम जिम से निकलते ही बरसाई गई थीं गोलियां
अंकित बालियान की हत्या ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा के आसपास के इलाकों में सनसनी फैला दी थी। जानकारी के मुताबिक, 26 अगस्त की शाम करीब 6:45 बजे अंकित जिम से निकलकर जा रहे थे। इसी दौरान चार हथियारबंद हमलावरों ने उन पर गोलियां बरसा दीं। हमलावर कथित तौर पर बिना नंबर प्लेट वाली बाइक से पहुंचे थे।
हमलावरों ने वारदात को बेहद तेजी से अंजाम दिया और मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। जांच में सामने आई फुटेज के आधार पर पुलिस ने चार संदिग्ध हमलावरों की तस्वीरें भी जारी की थीं। पुलिस के मुताबिक, हमलावरों ने हेलमेट नहीं पहना था और उनके चेहरे भी ढके हुए नहीं थे।
CCTV में 18 राउंड फायरिंग का दावा
पुलिस जांच में सामने आई सीसीटीवी फुटेज ने इस हत्याकांड की गंभीरता को और बढ़ा दिया। पुलिस के अनुसार, हमलावरों ने अंकित बालियान पर करीब 18 राउंड फायरिंग की। इनमें से एक गोली उनके सिर में लगी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने हमलावरों की पहचान और उनके संभावित ठिकानों की तलाश शुरू कर दी थी।
हत्या के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे थे। राजनीतिक स्तर पर भी इस मामले ने तूल पकड़ा और विपक्ष की ओर से प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए गए। पुलिस पर आरोपियों को जल्द पकड़ने का दबाव भी बढ़ा था।
अब दो संदिग्धों के मारे जाने के बाद जांच का दायरा बढ़ा
सोमवार सुबह हुई मुठभेड़ को अंकित बालियान हत्याकांड की जांच में पुलिस की बड़ी कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि अभी भी कई सवालों के जवाब सामने आना बाकी हैं। पुलिस को यह पता लगाना होगा कि हत्या की पूरी साजिश किसने रची, अंकित बालियान को निशाना बनाने की वजह क्या थी, वारदात में शामिल अन्य दो संदिग्ध कौन हैं और हमलावरों को हथियार व बाइक किसने उपलब्ध कराई।
पुलिस अब मुठभेड़ में मारे गए दोनों संदिग्धों के आपराधिक रिकॉर्ड, मोबाइल फोन, संपर्कों और उनके संभावित नेटवर्क की जांच कर सकती है। बरामद हथियारों की भी जांच की जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनका इस्तेमाल अंकित बालियान हत्याकांड में हुआ था या नहीं।
फिलहाल पुलिस ने मुठभेड़ में दो संदिग्धों के मारे जाने और दो पुलिसकर्मियों के घायल होने की पुष्टि की है। अंकित बालियान हत्याकांड की जांच अभी जारी है। पुलिस की अगली कार्रवाई इस बात पर केंद्रित होगी कि वारदात से जुड़े बाकी संदिग्धों तक कैसे पहुंचा जाए और हत्या के पीछे की पूरी साजिश का खुलासा कैसे किया जाए। शामली में तड़के हुई इस मुठभेड़ के बाद अंकित बालियान हत्याकांड एक बार फिर सुर्खियों में है और अब पुलिस जांच के अगले चरण पर सभी की नजरें टिकी हैं।
