रुड़की: हरिद्वार जिले के मंगलौर कोतवाली क्षेत्र में महिला अपराध से जुड़ा एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो और पीड़ित पक्ष की ओर से दी गई शिकायत के बाद पुलिस हरकत में आई है। शिकायत में दो लोगों पर एक महिला को कथित तौर पर जबरन दोपहिया वाहन पर बैठाकर ले जाने, उसके साथ मारपीट करने और गंभीर अपराध करने के आरोप लगाए गए हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मंगलौर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अब वायरल वीडियो, शिकायत में लगाए गए आरोपों और घटनास्थल से मिले संभावित साक्ष्यों को आधार बनाकर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है। पुलिस ने घटनाक्रम से संबंधित एक स्कूटी को भी कब्जे में लेकर साक्ष्य के तौर पर जांच में शामिल किया है। वहीं, घायल महिला को उपचार के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।
वायरल वीडियो के बाद पुलिस ने लिया संज्ञान
बताया जा रहा है कि मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के एक व्यक्ति ने पुलिस को शिकायती पत्र देकर पूरे मामले की जानकारी दी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि दो व्यक्ति महिला को जबरन दोपहिया वाहन पर बैठाकर अपने साथ ले गए। इसके बाद महिला के साथ कथित तौर पर मारपीट और गंभीर अपराध किया गया।
इसी बीच घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संज्ञान लिया। पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वीडियो कब और कहां बनाया गया तथा उसमें दिखाई दे रही घटना का वास्तविक घटनाक्रम से क्या संबंध है।
स्कूटी को पुलिस ने कब्जे में लिया
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से संबंधित एक स्कूटी को कब्जे में लिया है। पुलिस इसे महत्वपूर्ण साक्ष्य मानकर इसकी जांच कर रही है। वाहन से जुड़े दस्तावेजों और उसके मालिकाना हक की भी पड़ताल की जा सकती है।
जांच टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित घटना के दौरान स्कूटी का इस्तेमाल किसने किया था और महिला को जिस तरह से ले जाने का आरोप लगाया गया है, उसमें इस वाहन की क्या भूमिका रही।
पुलिस अन्य संभावित साक्ष्यों को भी जुटा रही है। घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ, उपलब्ध वीडियो फुटेज की जांच और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों को एकत्र करने की प्रक्रिया जारी है।
घायल महिला अस्पताल में भर्ती
घटना के बाद महिला को चोटें आने की बात सामने आई है। उसे उपचार के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक महिला की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।
मामला महिला से जुड़े गंभीर आरोपों का होने के कारण पुलिस मेडिकल जांच और अन्य आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं को भी जांच का हिस्सा बना रही है। जांच में सामने आने वाले मेडिकल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें सक्रिय
एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल के अनुसार, महिला की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर है। उन्होंने बताया कि मामले में नामजद आरोपियों के साथ-साथ अन्य संभावित रूप से शामिल लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना में केवल शिकायत में नामजद दो लोग ही शामिल थे या उनके अलावा कोई अन्य व्यक्ति भी इसमें संलिप्त था। इसके लिए पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर आगे की कड़ियां जोड़ रही है।
अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी और विस्तृत जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
सोशल मीडिया वीडियो की भी होगी जांच
आज के समय में किसी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस के लिए उसकी सत्यता और संदर्भ की जांच करना भी महत्वपूर्ण हो जाता है। मंगलौर मामले में भी वायरल वीडियो को जांच का हिस्सा बनाया गया है।
पुलिस वीडियो की सत्यता, उसमें दिखाई दे रहे लोगों और घटनास्थल से संबंधित तथ्यों का मिलान कर रही है। यह भी जांच की जाएगी कि वीडियो घटना के दौरान बनाया गया था या बाद का है। इसके साथ ही वीडियो में दिखाई देने वाले घटनाक्रम और शिकायत में बताए गए तथ्यों के बीच समानता की भी जांच की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी सामग्री को अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता। मामले की वास्तविक स्थिति उपलब्ध साक्ष्यों, पीड़ित पक्ष के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और जांच के अन्य पहलुओं के आधार पर ही तय होगी।
पुलिस ने शुरू की व्यापक पड़ताल
मंगलौर पुलिस अब पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। पुलिस की जांच में घटनास्थल, कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए वाहन, वायरल वीडियो, पीड़ित पक्ष की शिकायत और महिला की मेडिकल जांच जैसे पहलू अहम माने जा रहे हैं।
जांच के दौरान यह भी पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि महिला को कथित तौर पर जबरन क्यों ले जाया गया और घटना से पहले तथा बाद में क्या परिस्थितियां थीं। पुलिस आरोपों की पुष्टि के लिए उपलब्ध साक्ष्यों को जुटा रही है।
फिलहाल इस मामले में लगाए गए गंभीर आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश के साथ-साथ मामले से जुड़े अन्य संभावित लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
मामला सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस का पूरा ध्यान महिला की सुरक्षा, आरोपियों की गिरफ्तारी और घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने पर है।
