देहरादून। उत्तराखंड में लगातार बारिश से पहले ही जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है और अब मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए एक बार फिर चिंता बढ़ाने वाला पूर्वानुमान जारी किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 3 सितंबर से 8 सितंबर के बीच उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं 2 सितंबर को भी राज्य के कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। ऐसे में पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों और यात्रा पर आने वाले पर्यटकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
मौसम विभाग के अनुसार 3 सितंबर से 8 सितंबर तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। इस दौरान कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है, जबकि कुछ क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता अधिक हो सकती है। मौसम के इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर पहाड़ी जिलों में देखने को मिल सकता है, जहां लगातार बारिश के कारण पहले से ही भूस्खलन और सड़कें बाधित होने की घटनाएं सामने आ रही हैं।
8 सितंबर तक अधिकांश जिलों में बारिश की संभावना
उत्तराखंड मौसम विभाग, देहरादून की ओर से भी 8 सितंबर तक का मौसम पूर्वानुमान जारी किया गया है। इसके मुताबिक राज्य के अधिकांश जिलों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना बनी हुई है। बारिश के दौरान कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात भी हो सकता है। ऐसे में खुले स्थानों, नदी-नालों और संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है।
लगातार बारिश के कारण पहले से ही राज्य के कई इलाकों में सड़क संपर्क प्रभावित है। कई जगहों पर मलबा आने और भूस्खलन के कारण सड़कें बंद हो रही हैं। संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन बंद सड़कों को खोलने के लिए लगातार काम कर रहे हैं, लेकिन बारिश दोबारा शुरू होते ही कई स्थानों पर फिर से मलबा आने की समस्या सामने आ रही है।
पहाड़ों में सड़कें खोलना बना बड़ी चुनौती
गढ़वाल से लेकर कुमाऊं तक लगातार बारिश ने पहाड़ी क्षेत्रों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पहाड़ों में जगह-जगह भूस्खलन के कारण यातायात प्रभावित हो रहा है। कई सड़कों पर मलबा और बोल्डर गिरने से आवाजाही रोकनी पड़ रही है। सड़क खोलने के लिए मशीनरी और कर्मचारियों को मौके पर भेजा जा रहा है, लेकिन मौसम साफ न होने के कारण राहत और बचाव कार्यों में भी मुश्किलें आ रही हैं।
कई स्थानों पर स्थिति ऐसी है कि विभाग किसी सड़क को काफी मेहनत के बाद खोलता है और कुछ समय बाद ही दोबारा भूस्खलन होने से रास्ता बंद हो जाता है। इसके बावजूद सड़क निर्माण और लोक निर्माण विभाग सहित अन्य संबंधित एजेंसियों के कर्मचारी लगातार मोर्चे पर डटे हुए हैं।
बारिश ने अब तक ली कई लोगों की जान
उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश केवल यातायात और जनजीवन को प्रभावित नहीं कर रही, बल्कि कई परिवारों को गहरा दर्द भी दे चुकी है। कुमाऊं मंडल में प्राकृतिक आपदाओं के कारण छह लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। कुमाऊं मंडल के आयुक्त दीपक रावत ने भी प्राकृतिक आपदाओं से हुई जनहानि की जानकारी दी है।
वहीं देहरादून जिले में भी बारिश के कारण कई दर्दनाक हादसे सामने आए हैं। सोमवार रात एक कार के बह जाने से एक युवक और एक युवती की मौत हो गई। इस हादसे ने बारिश के दौरान उफनते नदी-नालों और जलभराव वाले रास्तों पर सावधानी बरतने की जरूरत को एक बार फिर सामने ला दिया।
देहरादून में ही एक वैज्ञानिक के 12 वर्षीय बेटे की उफनते नाले में बहने से मौत हो गई। इसके अलावा एक श्रमिक के बेटे की नहर में गिरने से जान चली गई। लगातार बारिश के बीच सामने आ रहे इन हादसों ने प्रशासन और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
नदी-नालों के आसपास जाने से बचें
मौसम विभाग की चेतावनी के बीच प्रशासन और विशेषज्ञों की सबसे बड़ी चिंता नदी, नाले और गदेरों के अचानक उफान पर आने को लेकर है। पहाड़ों में कम समय में तेज बारिश होने से छोटे नदी-नाले भी अचानक खतरनाक रूप ले सकते हैं। ऐसे में लोगों को नदी-नालों के किनारे जाने, पानी के तेज बहाव वाले रास्तों को पार करने और जोखिम वाले स्थानों पर रुकने से बचना चाहिए।
पर्यटकों के लिए भी यह समय विशेष सावधानी बरतने का है। चारधाम समेत पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा करने वाले यात्रियों को मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा की योजना बनानी चाहिए।
अगले छह दिन बेहद महत्वपूर्ण
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान को देखते हुए 3 से 8 सितंबर तक का समय उत्तराखंड के लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है। लगातार बारिश के कारण पहले से संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। सड़कों पर मलबा आने, यातायात बाधित होने और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
ऐसे में लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी होने वाली चेतावनियों का पालन करना चाहिए। बिना जरूरी काम के संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में जाने से बचना और बारिश के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहना ही सबसे बेहतर उपाय है।
उत्तराखंड में मानसून की बारिश इस बार कई इलाकों में भारी नुकसान पहुंचा चुकी है। अब जब मौसम विभाग ने एक बार फिर अगले कई दिनों तक बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है, तो प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। सतर्कता, सावधानी और समय पर जानकारी ही भारी बारिश से होने वाले नुकसान को कम करने का सबसे बड़ा हथियार है।
