उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने अब कई इलाकों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गंगा, यमुना और दूसरी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण प्रयागराज, गाजीपुर, चित्रकूट और कुशीनगर समेत कई जिलों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए प्रदेश के 18 जिलों में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। प्रशासन और राहत टीमें हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता के बीच लगातार हो रही बारिश अब कई जिलों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। पिछले कुछ घंटों में हुई तेज बारिश के बाद गंगा, यमुना और कई अन्य नदियों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है। खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में नदी किनारे बसे इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। कई स्थानों पर निचले इलाकों में पानी भर गया है, जबकि घाट और तटीय क्षेत्र जलमग्न हो गए हैं।
मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। लखनऊ, प्रयागराज, मुरादाबाद, बरेली, सुल्तानपुर और अमेठी समेत 18 जिलों में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट बताया गया है। प्रशासन ने लोगों से नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। लगातार बारिश को देखते हुए स्थानीय स्तर पर निगरानी भी बढ़ा दी गई है।
प्रयागराज में गंगा का जलस्तर बढ़ा, संगम और घाट जलमग्न
प्रयागराज में भारी बारिश के बाद गंगा और यमुना के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। शहर के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने लगी है। गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार कर खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा है। संगम क्षेत्र और आसपास के कई घाट पानी में डूब चुके हैं।
प्रसिद्ध बड़े हनुमान मंदिर तक भी गंगा का पानी पहुंच गया। रविवार तड़के गंगा का पानी मंदिर परिसर में पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं के बीच भी चर्चा का विषय बन गया। संगम क्षेत्र के अलावा नदी के किनारे स्थित कई छोटे-बड़े मंदिरों और घाटों में पानी प्रवेश कर गया है। प्रशासन की ओर से लोगों को नदी के आसपास अनावश्यक रूप से जाने से बचने की सलाह दी जा रही है।
प्रयागराज में नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता भी बढ़ गई है। यदि बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो आने वाले समय में निचले इलाकों में जलभराव और बढ़ सकता है।
गाजीपुर में तेजी से बढ़ रहा गंगा का जलस्तर
गाजीपुर में भी गंगा नदी का जलस्तर लगातार ऊपर जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार गंगा का जलस्तर 62.690 मीटर तक पहुंच गया है, जो चेतावनी बिंदु से करीब 59 सेंटीमीटर ऊपर बताया जा रहा है। हालांकि अभी जलस्तर खतरे के निशान से लगभग 41.5 सेंटीमीटर नीचे है, लेकिन जिस गति से पानी बढ़ रहा है, उसने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार गंगा के जलस्तर में करीब 3 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। ऐसे में नदी किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन की टीमें जलस्तर पर लगातार निगरानी रख रही हैं और स्थिति बिगड़ने पर आवश्यक कदम उठाने की तैयारी की जा रही है।
कुशीनगर में नारायणी नदी भी उफान पर
कुशीनगर में नारायणी नदी के बढ़ते जलस्तर ने भी लोगों की चिंता बढ़ा दी है। नदी में पानी का डिस्चार्ज सुबह 6 बजे करीब 1 लाख 11 हजार 500 क्यूसेक दर्ज किया गया। इससे पहले रविवार शाम पानी का डिस्चार्ज करीब 1 लाख 85 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया था।
फिलहाल नदी में पानी कम होने से प्रशासन ने कुछ राहत की सांस ली है, लेकिन लगातार बारिश को देखते हुए खतरा पूरी तरह टला नहीं है। प्रशासन नदी के जलस्तर और पानी के बहाव पर नजर बनाए हुए है। नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
सुल्तानपुर और अमेठी में स्कूल बंद
लगातार बारिश और मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर सुल्तानपुर और अमेठी में कक्षा 8 तक के स्कूल सोमवार को बंद रखने का फैसला किया है। भारी बारिश के दौरान जलभराव और आवागमन में आने वाली परेशानियों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
प्रशासन का कहना है कि मौसम की स्थिति को देखते हुए आगे भी आवश्यक निर्णय लिए जा सकते हैं। अभिभावकों से बच्चों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं भेजने की अपील की गई है।
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर फिर बढ़ा
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है। रामघाट क्षेत्र में रात करीब 10 बजकर 40 मिनट पर पानी दोबारा सीढ़ियों तक पहुंच गया। हालांकि फिलहाल नदी खतरे के निशान से नीचे बह रही है, लेकिन लगातार बारिश होने की स्थिति में जलस्तर में फिर तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है।
चित्रकूट में पहले जलभराव वाले क्षेत्रों में पानी कम होने के बाद अब कई स्थानों पर कीचड़ और गंदगी जमा हो गई है। पानी उतरने के साथ ही बारिश और बाढ़ से हुए नुकसान की तस्वीर भी सामने आने लगी है। स्थानीय लोगों के सामने घरों और दुकानों की सफाई के साथ-साथ सामान्य जनजीवन को पटरी पर लाने की चुनौती है।
अगले 24 घंटे बेहद अहम
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए उत्तर प्रदेश में अगले 24 घंटे बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। यदि भारी बारिश का सिलसिला जारी रहता है तो गंगा, यमुना, मंदाकिनी और नारायणी समेत अन्य नदियों के जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है। इससे नदी किनारे बसे इलाकों में बाढ़ और जलभराव का खतरा बढ़ सकता है।
प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे नदी के बढ़ते जलस्तर को देखने के लिए घाटों या तटीय क्षेत्रों में न जाएं और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें।
फिलहाल उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। प्रयागराज में संगम और घाटों के जलमग्न होने से लेकर गाजीपुर में तेजी से बढ़ते गंगा के पानी और चित्रकूट में मंदाकिनी के बढ़ते जलस्तर तक, कई इलाकों में स्थिति पर प्रशासन की नजर है। आने वाले घंटों में बारिश की तीव्रता और नदियों के जलस्तर में होने वाला बदलाव यह तय करेगा कि हालात कितने गंभीर होते हैं।
