कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने मुख्यमंत्री रह चुकीं ममता बनर्जी की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। डेरेक का दावा है कि पिछले करीब 20 वर्षों से ममता बनर्जी की सुरक्षा में तैनात निजी सुरक्षा अधिकारी (PSO) को अचानक हटा दिया गया और उनकी जगह ऐसे लोगों को तैनात किया गया, जिन्हें ममता की सुरक्षा व्यवस्था से पहले कोई संबंध नहीं था। इस दावे के बाद राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।
डेरेक ओ’ब्रायन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि ममता बनर्जी के कोलकाता स्थित आवास पर सुरक्षा व्यवस्था में अचानक बदलाव किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन सुरक्षाकर्मियों ने दो दशक तक ममता बनर्जी की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाली, उन्हें बिना किसी स्पष्ट कारण के हटा दिया गया। डेरेक ने इसे बेहद चिंताजनक बताते हुए कहा कि यह केवल एक प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है।
वीडियो में दिखीं खाली कुर्सियां
डेरेक द्वारा साझा किए गए वीडियो में ममता बनर्जी के आवास के बाहर सुरक्षा कर्मियों के बैठने वाली कई कुर्सियां खाली दिखाई दे रही हैं। वीडियो में डेरेक स्वयं मौजूद हैं और बताते हैं कि रात के लगभग साढ़े नौ बजे का समय है। वह दावा करते हैं कि सुरक्षा पोस्ट पर पहले तैनात जवानों को हटा दिया गया है और उनकी जगह केवल कुछ नए चेहरे दिखाई दे रहे हैं।
वीडियो में डेरेक यह भी कहते हैं कि ममता बनर्जी उस समय अपने घर के अंदर मौजूद थीं और सुरक्षा व्यवस्था में इस तरह का बदलाव कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति ने वर्षों तक राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हो और जो आज भी विपक्ष की प्रमुख आवाज मानी जाती हों, उनकी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
‘दीदी की सुरक्षा के लिए गेट पर खड़ी करनी पड़ी कार’
टीएमसी सांसद ने दावा किया कि सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ने के कारण उन्हें खुद हस्तक्षेप करना पड़ा। डेरेक के अनुसार, उन्होंने अपनी कार ममता बनर्जी के घर के प्रवेश द्वार के सामने खड़ी कर दी ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को रोका जा सके। उनका कहना था कि यह कदम उन्होंने केवल सुरक्षा कारणों से उठाया।
डेरेक ने कहा, “जब हमें लगा कि सुरक्षा व्यवस्था कमजोर हुई है, तब हमने तय किया कि हम खुद निगरानी करेंगे। दीदी की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है।” उन्होंने यह भी दावा किया कि वह पूरी रात वहां मौजूद रहे और स्थिति पर नजर बनाए रखी।
टीएमसी ने जताई चिंता
टीएमसी नेताओं का कहना है कि हाल के दिनों में ममता बनर्जी लगातार राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रही हैं। पार्टी का आरोप है कि उन्होंने हाल ही में विभिन्न मुद्दों पर सरकार के खिलाफ आवाज उठाई है और कई जन आंदोलनों में भी हिस्सा लिया है। ऐसे समय में सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव स्वाभाविक रूप से चिंता पैदा करता है।
पार्टी के कुछ नेताओं का कहना है कि ममता बनर्जी न केवल पश्चिम बंगाल की प्रमुख राजनीतिक हस्ती हैं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी विपक्ष की एक महत्वपूर्ण नेता मानी जाती हैं। इसलिए उनकी सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है।
विपक्ष ने उठाए सवाल
डेरेक ओ’ब्रायन के दावों के बाद विपक्षी दलों ने भी इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया दी है। कुछ नेताओं का कहना है कि यदि वास्तव में सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किया गया है तो इसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। वहीं कुछ विपक्षी नेताओं ने टीएमसी के आरोपों को राजनीतिक रंग देने की कोशिश बताया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप से माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो सकता है। ऐसे मामलों में प्रशासन की ओर से स्पष्ट और पारदर्शी जानकारी देना जरूरी होता है ताकि किसी प्रकार की अफवाह या भ्रम की स्थिति न बने।
राजनीतिक माहौल में बढ़ी गर्मी
पश्चिम बंगाल की राजनीति पहले से ही कई मुद्दों को लेकर गर्म है। पार्टी के भीतर असंतोष, नेताओं के इस्तीफे, एजेंसियों की कार्रवाई और आगामी राजनीतिक रणनीतियों को लेकर चर्चाएं जारी हैं। ऐसे समय में ममता बनर्जी की सुरक्षा को लेकर सामने आया यह विवाद राजनीतिक बहस का नया केंद्र बन गया है।
हालांकि सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव के संबंध में आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन डेरेक ओ’ब्रायन के दावों ने राज्य की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां इस मामले पर क्या स्पष्टीकरण देती हैं और ममता बनर्जी की सुरक्षा को लेकर उठे सवालों का जवाब कैसे दिया जाता है।
फिलहाल, डेरेक ओ’ब्रायन के वीडियो और उनके दावों ने बंगाल की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है, जिसकी गूंज कोलकाता से लेकर दिल्ली तक सुनाई दे रही है।
