By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: भारतीय क्रिकेटर पर गंभीर आरोप: रेप केस में हाई कोर्ट सख्त, गिरफ्तारी और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त करने के निर्देश
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > भारतीय क्रिकेटर पर गंभीर आरोप: रेप केस में हाई कोर्ट सख्त, गिरफ्तारी और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त करने के निर्देश
देशफीचर्डस्पोर्ट्स

भारतीय क्रिकेटर पर गंभीर आरोप: रेप केस में हाई कोर्ट सख्त, गिरफ्तारी और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त करने के निर्देश

The Hill India News
Last updated: July 21, 2026 6:30 am
The Hill India News
Published: July 21, 2026
Share
SHARE

हैदराबाद/कोलकाता। भारतीय क्रिकेट जगत से जुड़ा एक मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। कोलकाता हाई कोर्ट ने भारतीय क्रिकेटर अभिषेक पोरेल से जुड़े कथित रेप मामले में पुलिस को सख्त निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी क्रिकेटर की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित करने और उसके सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त करने का आदेश दिया है। न्यायालय का मानना है कि मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखना निष्पक्ष जांच के लिए अत्यंत आवश्यक है।

मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने पुलिस को निर्देश दिया कि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। अदालत ने विशेष रूप से कहा कि आरोपी के मोबाइल फोन, लैपटॉप, कंप्यूटर, हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस तत्काल कब्जे में लिए जाएं, ताकि यदि उनमें शिकायतकर्ता से जुड़े कोई फोटो, वीडियो या अन्य डिजिटल सामग्री मौजूद हो तो उनके दुरुपयोग की संभावना पूरी तरह समाप्त की जा सके।

यह मामला तब सामने आया जब एक मेडिकल छात्रा ने हुगली जिले के मोगरा पुलिस थाने में क्रिकेटर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि आरोपी ने शादी का झूठा वादा कर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि बाद में आरोपी ने उसके साथ मारपीट की, उसे डराया-धमकाया और निजी तस्वीरों को वायरल करने की धमकी देकर मानसिक दबाव बनाया।

शिकायत के अनुसार जून 2026 में दोनों के बीच विवाद बढ़ने के बाद कथित तौर पर महिला के साथ हिंसक व्यवहार किया गया। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने उसे लगातार धमकाया और निजी तस्वीरों का इस्तेमाल कर ब्लैकमेल करने की कोशिश की। इन आरोपों के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और संबंधित साक्ष्य एकत्र करने की प्रक्रिया तेज कर दी।

सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि आरोपी के खिलाफ कुल 19 गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इनमें भारतीय न्याय संहिता की कई ऐसी धाराएं भी शामिल हैं जो गैर-जमानती (Non-Bailable) श्रेणी में आती हैं। अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और तेज गति से होना आवश्यक है ताकि पीड़िता के अधिकारों की रक्षा की जा सके और सभी डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखे जा सकें।

सरकारी पक्ष की ओर से अदालत को यह भी बताया गया कि पुलिस ने मामले से संबंधित एक पेन ड्राइव पहले ही जब्त कर ली है, जो जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकती है। इसके बाद अदालत ने निर्देश दिया कि आरोपी के पास मौजूद सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को भी तत्काल जब्त किया जाए, जिससे किसी भी फोटो, वीडियो या अन्य निजी सामग्री के लीक होने की आशंका समाप्त हो सके। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान पीड़िता की निजता और सम्मान की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने पुलिस अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि वे पूरे मामले की जांच पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ करें। अदालत ने कहा कि यदि डिजिटल साक्ष्यों को समय रहते सुरक्षित नहीं किया गया तो जांच प्रभावित हो सकती है। इसलिए किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।

मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त को निर्धारित की गई है। तब तक पुलिस को जांच की प्रगति रिपोर्ट अदालत के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी। अदालत यह भी देखेगी कि उसके निर्देशों का कितना पालन किया गया और जांच किस चरण तक पहुंची है।

यह मामला एक बार फिर इस बात को रेखांकित करता है कि डिजिटल युग में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य किसी भी आपराधिक जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरण कई मामलों में अहम सबूत साबित होते हैं। इसी कारण अदालत ने इस मामले में भी सभी संभावित डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने पर विशेष जोर दिया है।

फिलहाल मामले की जांच जारी है और अंतिम सत्य न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। आरोप गंभीर हैं, लेकिन भारतीय न्याय व्यवस्था के अनुसार किसी भी व्यक्ति को अदालत द्वारा दोषी सिद्ध किए जाने तक आरोपी माना जाता है, दोषी नहीं। अब सभी की नजर पुलिस जांच और आगामी सुनवाई पर टिकी है, जहां प्रस्तुत साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर मामले की आगे की दिशा तय होगी।

You Might Also Like

नोएडा हिंसा का ‘ब्लूप्रिंट’ उजागर: मजदूर आंदोलन की आड़ में माहौल बिगाड़ने की साजिश का खुलासा
Dehradun: दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंचा प्रशासन: नागथात के उटैल-बैसोगिलानी में डीएम सविन बंसल ने लगाया बहुउद्देशीय शिविर
बिहार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, नई सरकार को दी शुभकामनाएं
सुप्रीम कोर्ट ने ‘सनातन धर्म पर विवादित बयान देने वाले उदयनिधि स्टालिन’ को जारी किया नोटिस
नई दिल्ली : “वंदे भारत एक्सप्रेस का अर्थ – भारत हर चीज में सबसे अच्छा चाहता है”-प्रधानमंत्री मोदी
TAGGED:Abishek PorelElectronic Evidenceindian cricketKolkata High CourtPolice InvestigationRape CaseSports News
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
देशफीचर्ड

दिल्ली में हाई-वोल्टेज ड्रामा: राहुल, प्रियंका और अखिलेश यादव पुलिस हिरासत में, पीएम आवास के बाहर धरना स्थल छावनी में तब्दील

The Hill India News
The Hill India News
July 21, 2026
हरिद्वार आम महोत्सव में मुख्यमंत्री धामी का बड़ा ऐलान: किसान उत्तराखंड की असली ताकत, एप्पल मिशन पर 80% सब्सिडी और ‘हिमालय ब्रांड’ से ग्लोबल पहचान
उत्तराखंड हाईकोर्ट की पुलिस को सख्त फटकार: प्रभात ध्यानी की ट्रेन से गिरफ्तारी पर पूछा- क्या नागरिकों की स्वतंत्रता छीन ली गई है?
राहुल गांधी का 7 लोक कल्याण मार्ग पर धरना: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और पेपर लीक पर संसद से सड़क तक संग्राम
बारिश का महाअलर्ट: दिल्ली से हिमाचल और यूपी-बिहार तक मौसम का कहर, 20 राज्यों में भारी वर्षा की चेतावनी; प्रशासन अलर्ट पर
छात्रों के समर्थन में सड़क पर उतरी कांग्रेस: राहुल, प्रियंका और खड़गे का पीएम आवास तक मार्च, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज
‘मेरी पीठ में खंजर घोंपा, सारे चोर भाजपा में चले गए’— ममता बनर्जी का बड़ा हमला, विपक्षी एकता की भी दोहराई अपील
मध्यप्रदेश में UCC को मिली विधानसभा की मंजूरी: हंगामे, ‘जय श्रीराम’ के नारों और तीखी बहस के बीच पास हुआ ऐतिहासिक विधेयक
पेपर लीक पर उत्तराखंड में उबाल: गैरसैंण से हल्द्वानी तक छात्रों का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज
‘लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में…’ बुलडोजर कार्रवाई पर हाईकोर्ट में मतभेद, अब चीफ जस्टिस तय करेंगे कानूनी दिशा
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?