नई दिल्ली/देहरादून, 9 जुलाई 2026: उत्तराखंड में रेल नेटवर्क को मजबूत करने और देश के बड़े महानगरों से देवभूमि की कनेक्टिविटी को विस्तार देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर राज्य के बुनियादी रेल ढांचे, लंबित परियोजनाओं और आगामी कुंभ-2027 के मद्देनजर रेल कनेक्टिविटी विस्तार पर बेहद गंभीर चर्चा की। इस दौरान केंद्रीय रेल मंत्री ने उत्तराखंड सरकार के अधिकांश प्रस्तावों पर अपनी सैद्धांतिक और सकारात्मक सहमति दे दी है, जो राज्य के पर्यटन और आर्थिक विकास के लिए गेमचेंजर साबित होगी।
मुंबई से जुड़ेगा देवभूमि का दिल: वंदे भारत एक्सप्रेस का प्रस्ताव
बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रवासी उत्तराखंडवासियों और देश भर के श्रद्धालुओं की सहूलियत का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में उत्तराखंड मूल के लाखों लोग रहते हैं, जिनका अपने पैतृक घर लगातार आना-आना लगा रहता है। इसके अलावा बाबा नीम करौली धाम (कैंची धाम), चारधाम और जागेश्वर धाम जाने वाले पर्यटकों की संख्या भी साल दर साल तेजी से बढ़ रही है।
वर्तमान व्यवस्था पर बात करते हुए सीएम ने कहा कि मुंबई से हरिद्वार और रामनगर के लिए चलने वाली ट्रेनें नाकाफी हैं। त्योहारी सीजन और यात्रा के दौरान लोगों को कंफर्म टिकट के लिए भारी मारामारी करनी पड़ती है। मुख्यमंत्री ने इस समस्या के स्थाई समाधान के तौर पर मुंबई-देहरादून के बीच नई वंदे भारत एक्सप्रेस या सुपरफास्ट ट्रेन सेवा शुरू करने और मौजूदा ट्रेनों के फेरे (आवृत्ति) बढ़ाने की वकालत की। उन्होंने देहरादून-कोटा रेल सेवा को सूरत-वड़ोदरा होते हुए मुंबई तक बढ़ाने का भी आग्रह किया।
ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर के लिए रेलवे सौंपेगा पुरानी जमीन
ऋषिकेश को अंतरराष्ट्रीय स्तर का आध्यात्मिक केंद्र बनाने की दिशा में भी इस बैठक से बड़ी खबर आई है। मुख्यमंत्री धामी ने ऋषिकेश के पुराने रेलवे स्टेशन को पूरी तरह बंद कर उसकी कीमती भूमि राज्य सरकार को हस्तांतरित करने का अनुरोध किया।
उन्होंने बताया कि उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (UIIDB) और रेल भूमि विकास प्राधिकरण (RLDA) मिलकर ‘ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर’ की भव्य मास्टर प्लानिंग पर काम कर रहे हैं। इस एसेट मॉनेटाइजेशन प्रोजेक्ट को गति देने के लिए पुराने स्टेशन की जमीन मिलना बेहद जरूरी है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस ऐतिहासिक कॉरिडोर के महत्व को समझते हुए आरएलडीए (RLDA) को तुरंत आवश्यक औपचारिक निर्देश जारी करने का भरोसा दिया।
सामरिक और व्यापारिक केंद्र ‘बनबसा’ में रुकेंगी 3 बड़ी ट्रेनें
भारत-नेपाल सीमा पर स्थित बनबसा क्षेत्र सामरिक और व्यापारिक दोनों ही दृष्टिकोण से बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण है। यहाँ भारतीय सेना की विख्यात राजपूत रेजिमेंट की यूनिट भी तैनात है। स्थानीय नागरिकों और सेना के जवानों की लंबे समय से मांग थी कि इस स्टेशन पर प्रमुख ट्रेनों का ठहराव दिया जाए।
मुख्यमंत्री की इस पैरवी का बड़ा असर हुआ है। उनके विशेष अनुरोध पर केंद्रीय रेल मंत्री ने टनकपुर से संचालित होने वाली तीन प्रमुख ट्रेनों— त्रिवेणी एक्सप्रेस, मथुरा एक्सप्रेस और दौराई एक्सप्रेस के बनबसा रेलवे स्टेशन पर अल्प समय के ठहराव (स्टॉपेज) को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इससे स्थानीय व्यापारियों के साथ-साथ सीमा पर तैनात देश के रक्षकों को आवागमन में अभूतपूर्व सुविधा मिलेगी।
बुनियादी ढांचे में सुधार: हरिद्वार-देहरादून ट्रैक का दोहरीकरण
पहाड़ की लाइफलाइन कही जाने वाली ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए सीएम धामी ने इस ट्रैक पर शीघ्र रेल संचालन शुरू करने की जरूरत बताई। इसके साथ ही उन्होंने किच्छा-सितारगंज-खटीमा नई रेल लाइन परियोजना की शत-प्रतिशत लागत भारत सरकार द्वारा वहन किए जाने की मांग रखी और सर्वेक्षण के कारण प्रभावित हो रहे स्थानीय किसानों की चिंताओं को दूर करने की बात कही।
रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन के अंतर्गत रायवाला से देहरादून तक लंबित पड़े ट्रैक दोहरीकरण (Double-line) के कार्य को तेज गति से पूरा करने का आग्रह किया। उन्होंने उत्तराखंड के प्रवेश द्वारों— हरिद्वार, हर्रावाला, देहरादून, खटीमा, लक्सर, रुड़की, टनकपुर और बनबसा रेलवे स्टेशनों के सौंदर्यीकरण और विश्वस्तरीय विस्तारीकरण पर जोर दिया, जिस पर रेल मंत्रालय ने पूर्ण सहमति जताई।
ग्रामीणों की सहूलियत के लिए खुलेगा बंद रेलवे फाटक
स्थानीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने एक और संवेदनशील विषय रेल मंत्री के सामने रखा। उन्होंने खटीमा-मझोला पीलीभीत के बीच बंद पड़े रेलवे फाटक संख्या-18C को जनहित में पुनः खोलने की मांग की। सीएम ने तर्क दिया कि इस फाटक के बंद होने से किसानों और स्थानीय लोगों के साथ-साथ क्षेत्र के प्रसिद्ध ‘क्रोकोडाइल पार्क’ आने वाले पर्यटकों को भारी दिक्कत हो रही है। रेल मंत्री ने इस छोटे लेकिन महत्वपूर्ण स्थानीय मुद्दे पर तत्काल सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
विकसित उत्तराखंड के विजन को मिलेगी रफ्तार
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश और राज्य में अभूतपूर्व गति से रेल अवसंरचना का विकास हो रहा है। उन्होंने कहा, “जब राज्य में मजबूत रेल कनेक्टिविटी विस्तार होगा, तो पर्यटन, स्थानीय व्यापार और औद्योगिक निवेश को नए पंख लगेंगे, जो हमारे ‘विकसित उत्तराखंड’ के संकल्प को सिद्ध करने का मुख्य आधार बनेगा।“
