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उत्तराखंड में अपराधियों पर ‘ऑपरेशन प्रहार’: DGP दीपम सेठ की हाईलेवल मीटिंग में बड़ा खुलासा; आतंकी नेटवर्क से लेकर साइबर ठगों तक पुलिस का शिकंजा

देहरादून: देवभूमि उत्तराखंड में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों की कमर तोड़ने के लिए संचालित ‘ऑपरेशन प्रहार’ अब अपने निर्णायक चरण में पहुँच गया है। उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक (DGP) श्री दीपम सेठ ने आज पुलिस मुख्यालय में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था और अपराधियों के विरुद्ध जारी इस महाभियान की विस्तृत पड़ताल की गई।

बैठक में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं, जो यह दर्शाते हैं कि उत्तराखंड पुलिस अपराधियों और असामाजिक तत्वों के विरुद्ध शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) की नीति पर काम कर रही है। पिछले एक महीने में चलाए गए इस राज्यव्यापी विशेष अभियान के तहत 1,400 से अधिक अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा गया है।

आतंकी नेटवर्क और विदेशी घुसपैठियों पर सर्जिकल स्ट्राइक

‘ऑपरेशन प्रहार’ की सबसे बड़ी सफलता आतंकी नेटवर्क के सफाए के रूप में देखी जा रही है। पुलिस महानिदेशक ने बताया कि ऊधमसिंहनगर पुलिस और एसटीएफ (STF) ने संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई करते हुए ऐसे संदिग्धों को गिरफ्तार किया है जिनके तार अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों से जुड़े थे।

  1. अल बदर कनेक्शन: ऊधमसिंहनगर से हरेंद्र सिंह उर्फ हनी और निखिल वर्मा की गिरफ्तारी हुई, जिनके पास से भारी मात्रा में अवैध हथियार बरामद किए गए। जांच में इनके तार आतंकी संगठन “अल बदर” से जुड़े पाए गए।

  2. अल बरक ब्रिगेड: देहरादून से एसटीएफ ने विक्रांत कश्यप नामक अभियुक्त को दबोचा, जो पाकिस्तानी आतंकी संगठन “अल बरक ब्रिगेड” के संपर्क में था।

  3. बांग्लादेशी घुसपैठ: राज्य में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अवैध रूप से रह रहे 3 बांग्लादेशी नागरिकों को भी गिरफ्तार किया गया है, जो सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

अपराधियों पर चौतरफा वार: 1400 गिरफ्तारियां और गैंगस्टर एक्ट

डीजीपी दीपम सेठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गढ़वाल और कुमाऊं परिक्षेत्र के आला अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अपराधियों में पुलिस का खौफ और आमजन में सुरक्षा का भाव होना चाहिए। अभियान के तहत अब तक:

  • 1,400 से अधिक वांछित और इनामी अपराधियों को पकड़ा गया है।

  • गैंगस्टर एक्ट के तहत 40 सक्रिय अभियुक्तों पर कार्रवाई की गई है।

  • गुण्डा एक्ट के अंतर्गत 130 से अधिक व्यक्तियों के विरुद्ध निरोधात्मक कदम उठाए गए हैं।

  • अवैध शस्त्र: राज्यभर से 66 अवैध हथियार बरामद कर उनकी सप्लाई चेन को ध्वस्त करने का काम जारी है।

सत्यापन अभियान: 40,000 संदिग्धों की कुंडली खंगाली

उत्तराखंड की भौगोलिक और सामरिक स्थिति को देखते हुए बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन पुलिस की प्राथमिकता रही है। ऑपरेशन प्रहार उत्तराखंड पुलिस के माध्यम से राज्य के पीजी, फ्लैट, मल्टी-स्टोरी अपार्टमेंट्स, आश्रमों और धर्मशालाओं में सघन चेकिंग चलाई गई। इस दौरान 40,000 से अधिक व्यक्तियों का सत्यापन किया गया। नियमों का उल्लंघन करने वाले मकान मालिकों और बाहरी व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई गई है।

चारधाम यात्रा और साइबर सुरक्षा: ठगों पर डिजिटल स्ट्राइक

वर्तमान में जारी चारधाम यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस ने तकनीकी मोर्चे पर भी बड़ी जीत हासिल की है। यात्रियों को हेली सेवा, होटल बुकिंग और रजिस्ट्रेशन के नाम पर ठगने वाले गिरोहों पर नकेल कसी गई है।

  • 200+ फर्जी सोशल मीडिया लिंक ब्लॉक किए गए।

  • 50+ संदिग्ध मोबाइल नंबर बंद कराए गए।

  • 147 लिंक ऑपरेटरों और 27 फर्जी मोबाइल धारकों के विरुद्ध मुकदमे दर्ज किए गए हैं।

ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन और हुड़दंगियों पर लगाम

सड़कों पर अराजकता फैलाने वालों और ड्रंकन ड्राइविंग करने वालों के खिलाफ भी पुलिस सख्त दिखी। अभियान के दौरान 15,000 से अधिक वाहनों के चालान किए गए और 2,000 से अधिक वाहनों को सीज किया गया। विशेष रूप से हूटर का दुरुपयोग करने वाले और फर्जी नंबर प्लेट वाले संदिग्ध वाहनों पर पुलिस की पैनी नजर है।

इसके अतिरिक्त, राज्यभर के 18,000 से अधिक होटल, ढाबों, बार और पबों की चेकिंग की गई, जहां नियमों का उल्लंघन करने वाले 1,200 व्यक्तियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की गई।

पुलिस महानिदेशक का कड़ा संदेश

समीक्षा बैठक के अंत में डीजीपी दीपम सेठ ने दो टूक शब्दों में कहा, उत्तराखंड पुलिस राज्य के प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। ऑपरेशन प्रहार केवल एक अभियान नहीं, बल्कि अपराधियों के लिए एक चेतावनी है। अपराधियों की धरपकड़ और संगठित अपराध पर यह प्रहार आगे और अधिक तीव्रता और दृढ़ता के साथ जारी रहेगा।”


प्रमुख उपस्थिति

इस हाईलेवल बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) श्री वी. मुरुगेशन, एडीजी प्रशासन श्री ए.पी. अंशुमान, आईजी विम्मी सचदेवा, आईजी नीलेश आनन्द भरणे सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

ऑपरेशन प्रहार उत्तराखंड पुलिस द्वारा की गई यह प्रभावी कार्रवाई प्रदेश में कानून-व्यवस्था को नया आयाम देने वाली साबित हो रही है। डीजीपी के नेतृत्व में जिस तरह से आतंकी कनेक्शन और संगठित अपराध पर प्रहार किया गया है, उससे निश्चित रूप से राज्य में अपराध दर में कमी आएगी और आगामी पर्यटन सीजन व यात्रा सुरक्षित रहेगी।

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