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प्रौद्योगिकी की शक्ति से आत्मनिर्भर बनेगा उत्तर प्रदेश: सीएम योगी ने युवाओं को लिखी ‘पाती’, बोले- तकनीक के साथ न चलना समय से पिछड़ना है

लखनऊ: भारत के वैज्ञानिक सामर्थ्य और गौरवशाली इतिहास के प्रतीक ‘राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस’ (National Technology Day 2026) के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के करोड़ों युवाओं के नाम एक प्रेरक पत्र (पाती) साझा किया है। मुख्यमंत्री ने 11 मई की ऐतिहासिक महत्ता को याद करते हुए युवाओं से आह्वान किया कि वे नवीनतम तकनीकों को आत्मसात करें और उत्तर प्रदेश को देश का ‘डीप टेक कैपिटल’ बनाने के मिशन में अग्रणी भूमिका निभाएं। सीएम ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि “तकनीक के साथ न चलना, समय से पिछड़ जाना है।”

11 मई: पोखरण से शुरू हुई भारत की तकनीकी क्रांति

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन की शुरुआत 11 मई की तिथि के ऐतिहासिक महत्व से की। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 1998 में आज ही के दिन राजस्थान के पोखरण में ‘ऑपरेशन शक्ति’ के तहत भारत ने तीन सफल परमाणु परीक्षण किए थे। इस घटना ने न केवल वैश्विक पटल पर भारत के ‘परमाणु शक्ति’ होने की पुष्टि की, बल्कि भारतीय वैज्ञानिकों की प्रतिभा और तकनीकी आत्मविश्वास का लोहा भी मनवाया।

सीएम योगी ने कहा कि इसी गौरवशाली दिन स्वदेशी विमान ‘हंस-3’ ने अपनी पहली सफल उड़ान भरी थी और स्वदेशी ‘त्रिशूल’ मिसाइल का परीक्षण भी हुआ था। यह दिन केवल एक कैलेंडर की तारीख नहीं, बल्कि भारत के ‘राष्ट्रीय सामर्थ्य’ के बोध का उत्सव है।

प्रयोगशाला से खेत-खलिहान तक पहुंची तकनीक

मुख्यमंत्री ने तकनीक के लोकतंत्रीकरण पर जोर देते हुए कहा कि आज उत्तर प्रदेश में तकनीक केवल प्रयोगशालाओं और उच्च-शिक्षण संस्थानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आम किसान के खेत-खलिहान तक पहुंच चुकी है। उन्होंने ‘डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर’ (DBT) का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे तकनीक के माध्यम से बिना किसी बिचौलिए के सीधे लाभार्थियों के खातों में पैसा पहुंच रहा है।

सीएम ने अंतरिक्ष क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के सपूत शुभांशु शुक्ला की सफलता का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष की सफल उड़ान से शुभांशु ने 140 करोड़ भारतीयों को गौरवान्वित किया है, जो इस बात का जीवंत प्रमाण है कि तकनीक के सही उपयोग से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।

UP बनेगा देश का ‘डीप टेक कैपिटल’: भविष्य का रोडमैप

उत्तर प्रदेश को औद्योगिक और तकनीकी महाशक्ति बनाने के संकल्प को दोहराते हुए सीएम योगी ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं और उपलब्धियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार ‘इनोवेट इन यूपी, स्केल फॉर द वर्ल्ड’ के मूलमंत्र के साथ आगे बढ़ रही है।

सरकार की प्रमुख पहल और लक्ष्य:

  • डीप टेक कैपिटल: यूपी को ड्रोन, क्वांटम कंप्यूटिंग, ग्रीन हाइड्रोजन और मेड-टेक (Medical Technology) के क्षेत्र में देश का सबसे बड़ा केंद्र बनाने की तैयारी है।

  • रोबोटिक्स और एआई मिशन: युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने हेतु आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स मिशन की शुरुआत की गई है।

  • टेक युवा-समर्थ युवा योजना: इस योजना के जरिए युवाओं को विश्वस्तरीय आधुनिकतम प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जा रहा है।

  • डेटा सेंटर क्लस्टर: राज्य में डेटा सेंटर क्लस्टर की कार्यवाही तेज गति से आगे बढ़ रही है, जिससे आईटी हब के रूप में यूपी की पहचान मजबूत होगी।

ब्रह्मोस मिसाइल से स्टार्टअप्स तक: बदलती पहचान

कभी पिछड़े राज्य के रूप में गिना जाने वाला उत्तर प्रदेश आज रक्षा विनिर्माण का केंद्र बन गया है। मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ बताया कि आज उत्तर प्रदेश की धरती पर ‘ब्रह्मोस मिसाइल’ तक का निर्माण हो रहा है। इसके साथ ही, राज्य आईटी पार्कों, नवाचार (Innovation) और स्टार्टअप्स के मामले में देश के अग्रणी राज्यों की सूची में शामिल हो चुका है।

युवाओं से अपील: “समय से कदम मिलाना अनिवार्य”

अपने पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री ने युवाओं से सीधा संवाद करते हुए कहा कि तकनीक समय की तरह निरंतर परिवर्तनशील है। उन्होंने कहा, तकनीक के साथ चलने का अर्थ सुदृढ़ वर्तमान और स्वर्णिम भविष्य की दिशा में अग्रसर होना है।” उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे केवल तकनीक के उपभोक्ता न बनें, बल्कि निर्माता और नवाचारी बनें।

सीएम ने पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि नवीनतम तकनीक अपनाकर आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश का निर्माण करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। अटल जी ने ही ‘जय जवान, जय किसान’ के नारे में ‘जय विज्ञान’ जोड़कर देश को तकनीकी प्रगति की दिशा दिखाई थी।

सुदृढ़ वर्तमान और स्वर्णिम भविष्य की ओर

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 2026 पर मुख्यमंत्री का यह संदेश उत्तर प्रदेश की बदलती दिशा का परिचायक है। तकनीक आधारित विकास की इस यात्रा में सरकार की प्रतिबद्धता और युवाओं का उत्साह मिलकर प्रदेश को विकास के नए सोपानों पर ले जाने के लिए तैयार है। तकनीक के समावेश से न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि आम नागरिक का जीवन भी सुगम हुआ है।

उत्तर प्रदेश अब केवल जनसंख्या के आधार पर नहीं, बल्कि अपनी ‘डीप टेक’ क्षमताओं और सशक्त युवाओं के दम पर देश की अर्थव्यवस्था का इंजन बनने की राह पर अग्रसर है।

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