खटीमा/बनबसा: भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों ने एक बार फिर अपनी सतर्कता का लोहा मनवाया है। बनबसा-इंडो नेपाल सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (SSB), स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) और उत्तर प्रदेश पुलिस की संयुक्त टीम को एक बड़ी सफलता मिली है। टीम ने ग्रेटर नोएडा में दो गंभीर धोखाधड़ी मामलों के वांछित आरोपी को शारदा बैराज क्षेत्र से गिरफ्तार किया है।
आरोपी के पास से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और नकदी बरामद की गई है। इस गिरफ्तारी के बाद से अंतर्राज्यीय स्तर पर सक्रिय धोखाधड़ी करने वाले गिरोहों की गतिविधियों पर एक नया खुलासा होने की उम्मीद है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी की पहचान सत्येंद्र सिंह भसीन, पुत्र जसवंत सिंह भसीन, निवासी पश्चिमी दिल्ली के रूप में हुई है। आरोपी ने ग्रेटर नोएडा के थाना बीटा-2 क्षेत्र में दो गंभीर धोखाधड़ी की घटनाओं को अंजाम दिया था, जिसके बाद से वह फरार चल रहा था।
उत्तर प्रदेश की पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी नेपाल सीमा के आसपास छिपा हुआ है। इसके बाद, उत्तराखण्ड की चंपावत एसओजी, थाना बनबसा पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम सक्रिय हुई और शारदा बैराज के पास सघन चेकिंग अभियान चलाया गया।
तलाशी के दौरान बरामद हुए फर्जी दस्तावेज
जांच के दौरान, पुलिस टीम ने नेपाल की ओर से आ रही एक संदिग्ध इनोवा कार को रोका। पूछताछ और पहचान की पुष्टि होने के बाद, आरोपी को तुरंत हिरासत में ले लिया गया। संयुक्त टीम द्वारा की गई तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से निम्नलिखित सामग्री बरामद की गई है:
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चार फर्जी पहचान पत्र (अलग-अलग पतों और नामों से)
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एक Apple iPad
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चार मोबाइल फोन
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एक पेन ड्राइव और पावर बैंक
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एक डायरी (जिसमें संदिग्ध लेनदेन का ब्योरा है)
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नकद ₹30,540
सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और कानूनी कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, गौतमबुद्ध नगर द्वारा पहले ही गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया जा चुका था। गिरफ्तारी के दौरान सर्वोच्च न्यायालय और मानवाधिकार आयोग द्वारा निर्धारित सभी कानूनी प्रक्रियाओं और दिशा-निर्देशों का पूरी तरह से पालन किया गया है।
“सशस्त सीमा बल और एसओजी की सतर्कता के कारण इस अंतर्राज्यीय अपराधी को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है। आरोपी को आगे की विधिक कार्रवाई के लिए थाना बीटा-2, ग्रेटर नोएडा की टीम को सौंपा जा रहा है। सीमा पर चौकसी और कड़ी निगरानी जारी है।”
— पुलिस प्रवक्ता, चंपावत पुलिस
इस संयुक्त ऑपरेशन ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से मुस्तैद हैं। अंतर्राज्यीय अपराधियों के लिए सीमावर्ती इलाके अब सुरक्षित नहीं रहे हैं। उत्तर प्रदेश और उत्तराखण्ड पुलिस के आपसी तालमेल ने इस मामले को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
आरोपी से पूछताछ के बाद अन्य सहयोगियों और गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में बड़े खुलासे होने की पूरी संभावना है।



