
देहरादून: उत्तराखण्ड में आंगनबाड़ी कार्यकर्ती, सेविका और मिनी कर्मचारी संगठन से जुड़ी महिलाओं के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। शनिवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद, आंगनबाड़ी कर्मियों ने अपनी प्रस्तावित हड़ताल को स्थगित करने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया है कि राज्य सरकार उनके मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि के विषय में बेहद गंभीरता से विचार कर रही है। इस सकारात्मक आश्वासन के बाद लंबे समय से चली आ रही गतिरोध की स्थिति समाप्त हो गई है।
प्रतिनिधिमंडल और मुख्यमंत्री के बीच अहम बैठक
शनिवार को सचिवालय में आंगनबाड़ी कार्यकर्ती/सेविका/मिनी कर्मचारी संगठन, उत्तराखण्ड का एक प्रतिनिधिमंडल संगठन की अध्यक्ष रेखा नेगी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिला। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने अपनी विभिन्न मांगों और समस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष विस्तार से रखा।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया कि महंगाई के इस दौर में उनके वर्तमान मानदेय में घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। इसके साथ ही उन्होंने विभागीय कार्यों से जुड़ी अन्य समस्याओं पर भी चर्चा की।
क्या है सरकार की योजना और आश्वासन?
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आंगनबाड़ी कर्मियों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार महिलाओं के कल्याण और उनके सम्मान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
“आंगनबाड़ी कार्यकर्ती हमारी मातृशक्ति हैं जो जमीनी स्तर पर बाल विकास और पोषण का महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं। सरकार आपके मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि करने के लिए गंभीर है और इस दिशा में जल्द ही उचित निर्णय लिया जाएगा।”
— पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड
केंद्र सरकार को भी भेजा गया है प्रस्ताव
इस महत्वपूर्ण बैठक में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के सचिव चन्द्रेश कुमार ने जानकारी दी कि आंगनबाड़ी कर्मियों के मानदेय में वृद्धि के संबंध में भारत सरकार को भी राज्य की ओर से अनुरोध भेजा गया है।
राज्य सरकार का मानना है कि केंद्र और राज्य के सहयोग से ही आंगनबाड़ी कर्मियों की स्थिति में एक स्थाई और ठोस सुधार लाया जा सकता है। इस दिशा में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के साथ लगातार संवाद बनाए रखा जा रहा है।
हड़ताल स्थगित, राज्य में राहत की सांस
मुख्यमंत्री के सकारात्मक और आश्वस्त करने वाले रुख के बाद, संगठन की अध्यक्ष रेखा नेगी ने हड़ताल को स्थगित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार ने हमारी मांगों पर जिस तरह सकारात्मक पहल की है, उससे कर्मियों में नई उम्मीद जगी है।
बैठक में मुख्यमंत्री के सचिव शैलेश बगोली, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के सचिव चन्द्रेश कुमार और विभागीय निदेशक बी.एल. राणा भी उपस्थित रहे।
आंगनबाड़ी कर्मियों की हड़ताल समाप्त होने से राज्य में आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन और बच्चों के पोषण से जुड़े कार्यक्रमों पर पड़ने वाला असर टल गया है। यह कदम राज्य सरकार द्वारा महिला कर्मचारियों के उत्थान और उनकी आर्थिक सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
अब कर्मचारियों को उस अंतिम निर्णय का इंतजार है, जिसके तहत उनके मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि की जाएगी।



