
देहरादून, उत्तराखंड: राजधानी देहरादून के कलेक्ट्रेट सभागार में महिला कल्याण विभाग के तहत ‘मिशन वात्सल्य’ योजना की जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति (DCWPC) की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में बाल संरक्षण और कल्याण से जुड़े मामलों पर संवेदनशीलता बरतने, त्वरित कार्रवाई करने और विभिन्न मानवीय एवं विकासात्मक पहलों को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक के दौरान, राजकीय शिशु सदन केदारपुरम की एक दिवंगत संविदाकर्मी की पुत्री को आर्थिक सहायता प्रदान करने के साथ-साथ, नारी निकेतन में निवासरत मानसिक दिव्यांगों और बच्चों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय भी लिए गए।
राजकीय शिशु सदन की दिवंगत कर्मचारी की पुत्री को आर्थिक सहयोग
बैठक में सबसे संवेदनशील पहल करते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने राजकीय शिशु सदन केदारपुरम, देहरादून में कार्यरत संविदा कार्मिक स्वर्गीय श्रीमती सुनिता सिंह के निधन के पश्चात उनकी पुत्री को 25,000 रुपये की आर्थिक सहायता का चेक सौंपा। यह धनराशि उनकी शिक्षा और भविष्य के सहयोग के लिए दी गई है।
जिलाधिकारी ने इस अवसर पर कहा कि प्रशासन सदैव जरूरतमंद परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस तरह की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक समयबद्ध तरीके से पहुंचना चाहिए।
पीएम केयर्स चिल्ड्रन योजना के लाभार्थियों से सीधा संवाद
जिलाधिकारी सविन बंसल ने ‘पीएम केयर्स चिल्ड्रन योजना’ के तहत लाभान्वित हो रहे बच्चों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया। उन्होंने बच्चों का हालचाल जाना और उनके साथ आए अभिभावकों से बातचीत कर उनकी समस्याओं व सुझावों को गंभीरता से सुना।
संबंधित अधिकारियों को यह निर्देश दिए गए कि योजना के तहत बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और उनके समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।
नारी निकेतन में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए तत्काल बजट स्वीकृत
बैठक के दौरान नारी निकेतन में निवासरत मानसिक दिव्यांग बच्चों, महिलाओं और किशोरियों के इलाज के लिए स्टॉफ की कमी का मामला भी प्रमुखता से उठाया गया। इस पर त्वरित निर्णय लेते हुए डीएम ने मानसिक चिकित्सालय के लिए केयर टेकर पदों के वास्ते मजदूरी मद में जिला योजना से मौके पर ही बजट की स्वीकृति प्रदान की।
इसके साथ ही, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को नर्स के पद की व्यवस्था अपने स्तर से सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए गए।
बाल संरक्षण गृहों और योजनाओं की विस्तृत समीक्षा
जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बैठक में जानकारी दी कि वर्तमान में जनपद देहरादून में महिला कल्याण विभाग और किशोर न्याय अधिनियम 2015 के अंतर्गत कुल 19 राजकीय और स्वैच्छिक बालगृह संचालित किए जा रहे हैं। इन बालगृहों में वर्तमान में कुल 275 बालक-बालिकाएं निवासरत हैं। इसके साथ ही, राजकीय दिव्यांग बालिका गृह (आदर्श नगर, जौलीग्रांट) और राजकीय खुला आश्रय गृह (साधु राम इंटर कॉलेज, देहरादून) का पंजीकरण भी पूरा कर लिया गया है।
चाइल्ड हेल्पलाइन के आंकड़े
जिला प्रशासन ने चाइल्ड हेल्पलाइन ‘1098’ और बाल कल्याण समिति (CWC) के कार्यों की भी समीक्षा की। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने अवगत कराया कि:
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जनपद में विगत अक्टूबर 2023 से अब तक कुल 2,041 प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
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पिछले त्रैमास में 208 नए प्रकरण प्राप्त हुए हैं।
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बाल कल्याण समिति देहरादून के समक्ष भी पिछले त्रैमास में 221 प्रकरणों पर सुनवाई और निस्तारण किया गया है।
बैठक में इनकी रही प्रमुख उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
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अभिनव शाह (मुख्य विकास अधिकारी)
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मीना बिष्ट (जिला प्रोबेशन अधिकारी)
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डॉ. मनोज कुमार (मुख्य चिकित्सा अधिकारी)
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विनोद कुमार ढौंडियाल (मुख्य शिक्षा अधिकारी)
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नमिता मंमगाई (अध्यक्ष/सदस्य, बाल कल्याण समिति)
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जितेन्द्र कुमार (जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास)
इनके अलावा, चाईल्ड हेल्प लाईन, बाल भिक्षावृत्ति निवारण प्रयास, आसरा ट्रस्ट और समर्पण सोसाइटी सहित अन्य संबंधित संगठनों के प्रतिनिधि भी बैठक में उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मिशन वात्सल्य योजना के तहत देहरादून जिला प्रशासन बच्चों के बेहतर भविष्य और सुरक्षित वातावरण के निर्माण के लिए लगातार प्रयासरत है।


