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मसूरी-देहरादून मार्ग पर वैली ब्रिज का लोकार्पण, ट्रैफिक जाम से मिलेगी बड़ी राहत

गणेश जोशी ने शुक्रवार देर शाम मसूरीदेहरादून मार्ग पर कुठालगेट स्थित शिव मंदिर के पास नवनिर्मित वैली ब्रिज का लोकार्पण कर इसे आम जनता के लिए खोल दिया। इस महत्वपूर्ण पहल से खासकर पर्यटन सीजन में लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम से स्थानीय लोगों और सैलानियों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।

मसूरी, जिसे पहाड़ों की रानी कहा जाता है, हर साल बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करता है। लेकिन बढ़ती भीड़ और सीमित सड़क ढांचे के कारण मसूरी-देहरादून मार्ग पर अक्सर भारी जाम की स्थिति बनी रहती है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए इस अस्थायी वैली ब्रिज का निर्माण कराया गया है, जो स्थायी पुल बनने तक यातायात को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

लोकार्पण के अवसर पर मंत्री गणेश जोशी ने विभागीय अधिकारियों के साथ मौके का निरीक्षण किया और लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने की सराहना की। उन्होंने कहा कि पर्यटन सीजन के दौरान इस मार्ग पर वाहनों का दबाव अत्यधिक बढ़ जाता है, जिससे न केवल पर्यटकों बल्कि स्थानीय निवासियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में यह वैली ब्रिज एक अस्थायी लेकिन प्रभावी समाधान के रूप में सामने आया है।

मंत्री ने कहा कि इस पुल के शुरू होने से ट्रैफिक का दबाव विभाजित होगा और जाम की समस्या में काफी हद तक कमी आएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह कदम यात्रियों के लिए सफर को न केवल आसान बल्कि सुरक्षित भी बनाएगा।

इस दौरान गणेश जोशी ने राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में उत्तराखंड में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना है।

मंत्री ने आगे जानकारी दी कि मसूरी में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए जीरो प्वाइंट पर लगभग 1000 वाहनों की क्षमता वाली एक बड़ी पार्किंग बनाने की योजना पर जल्द ही काम शुरू किया जाएगा। इसके अलावा शहर में विभिन्न स्थानों पर छोटे-छोटे पार्किंग स्थलों की पहचान भी की जा रही है, ताकि सड़कों पर वाहनों की भीड़ को कम किया जा सके और यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित किया जा सके।

वैली ब्रिज के उद्घाटन के बाद स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह पुल क्षेत्र के लिए राहत भरा कदम है, खासकर ऐसे समय में जब पर्यटन सीजन अपने चरम पर होता है और सड़कें वाहनों से भरी रहती हैं। लोगों का मानना है कि इस पहल से न केवल जाम की समस्या कम होगी बल्कि क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

कुल मिलाकर, मसूरी-देहरादून मार्ग पर वैली ब्रिज का निर्माण और उसका लोकार्पण क्षेत्र की एक बड़ी आवश्यकता को पूरा करने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल यातायात व्यवस्था को सुधारने में मदद करेगा, बल्कि उत्तराखंड में पर्यटन को और अधिक सुगम और आकर्षक बनाने में भी सहायक सिद्ध होगा।

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