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भीषण गर्मी का कहर जारी, 36 शहरों में पारा 43°C पार, IMD ने 26 अप्रैल से बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया

देश के बड़े हिस्से में गर्मी ने इस समय प्रचंड रूप ले लिया है। उत्तर भारत से लेकर मध्य और पश्चिम भारत तक लू और तपती धूप ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। हालात ऐसे हैं कि देश के 36 शहरों में अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से भी ऊपर पहुंच गया है। कई जगहों पर दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिल रहा है, जबकि घरों के अंदर भी गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और ओडिशा के कई हिस्सों में पारा लगातार रिकॉर्ड बना रहा है।

हालांकि राहत की उम्मीद भी जताई जा रही है क्योंकि मौसम विभाग ने 26 अप्रैल से कई राज्यों में मौसम बदलने का संकेत दिया है। गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश की गतिविधियों से कुछ हद तक लोगों को राहत मिलने की संभावना है। इस बदलाव से कई इलाकों में चल रही हीटवेव की तीव्रता कम हो सकती है।

दिल्ली और उत्तर भारत में लू का प्रचंड असर

राजधानी दिल्ली में गर्मी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ने शुरू कर दिए हैं। अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है, जबकि न्यूनतम तापमान भी 27 डिग्री के आसपास बना हुआ है। दिन के समय लू के थपेड़े लोगों को परेशान कर रहे हैं और दोपहर में घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।

पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी हालात लगभग ऐसे ही हैं। मौसम विभाग ने यहां 26 अप्रैल से मौसम में बदलाव की संभावना जताई है, जिसमें तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और हल्की बारिश शामिल है। हालांकि, पूरी तरह राहत 28 से 30 अप्रैल के बीच मिलने की उम्मीद है, जब कई राज्यों में आंधी-बारिश का प्रभाव बढ़ सकता है।

पूर्वी और मध्य भारत में रिकॉर्ड तापमान

पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, वाराणसी और हरदोई जैसे शहरों में भीषण गर्मी ने लोगों को झुलसा दिया है। प्रयागराज में तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो इस सीजन के सबसे अधिक तापमानों में से एक है। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में अकोला 45 डिग्री के साथ सबसे गर्म शहरों में शामिल रहा है।

ओडिशा के झारसुगुड़ा और महाराष्ट्र के अमरावती में भी तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के करीब रिकॉर्ड किया गया है। मध्य भारत के कई हिस्सों में भी 40 से 45 डिग्री के बीच तापमान बना हुआ है, जिससे लू का असर और अधिक बढ़ गया है।

पहाड़ी राज्यों में भी बदल रहा मौसम

पहाड़ी राज्यों में भी गर्मी का असर दिखाई देने लगा है, हालांकि यहां स्थिति मैदानी इलाकों की तुलना में कुछ बेहतर है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में मौसम धीरे-धीरे बदलने की ओर बढ़ रहा है।

उत्तराखंड में अगले कुछ दिनों में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। इससे तापमान में गिरावट आ सकती है और लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है। खासकर उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जैसे क्षेत्रों में मौसम परिवर्तन का असर ज्यादा देखने को मिलेगा।

मौसम विभाग का अलर्ट और चेतावनी

India Meteorological Department ने अपने ताजा पूर्वानुमान में स्पष्ट किया है कि अगले 3 से 4 दिनों तक उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में लू की स्थिति बनी रह सकती है। इसके साथ ही कई राज्यों में तापमान सामान्य से काफी अधिक रहने की संभावना है।

IMD के अनुसार, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और मध्य भारत के कई हिस्सों में 25 से 27 अप्रैल के बीच भीषण गर्मी का असर जारी रहेगा। इसके बाद 26 अप्रैल से कई इलाकों में मौसम बदल सकता है और गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो सकती है।

राजस्थान में भी 25 अप्रैल तक लू का असर जारी रहने की संभावना है, जबकि 30 अप्रैल के आसपास कुछ इलाकों में आंधी-बारिश से राहत मिल सकती है।

आने वाले दिनों में मौसम में बड़ा बदलाव

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 26 अप्रैल से एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे उत्तर भारत के कई हिस्सों में मौसम बदल सकता है। इससे दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है।

हालांकि, यह राहत अस्थायी हो सकती है, क्योंकि मई और जून में गर्मी और अधिक तीव्र होने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार गर्मी का पैटर्न सामान्य से अधिक तीव्र हो सकता है और लू वाले दिनों की संख्या भी बढ़ सकती है।

मई-जून में और बढ़ेगा गर्मी का संकट

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, मई और जून के महीने इस साल बेहद चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। इन महीनों में सामान्य से अधिक हीटवेव चलने की संभावना है। आमतौर पर इन महीनों में 3 से 7 हीटवेव दिन दर्ज किए जाते हैं, लेकिन इस साल यह संख्या औसत से 5 से 7 दिन अधिक हो सकती है।

इसका मतलब है कि आने वाले समय में गर्मी से राहत मिलना आसान नहीं होगा और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

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