दिल्लीफीचर्ड

दिल्ली: दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, लश्कर-ए-तैयबा मॉड्यूल का पर्दाफाश, शब्बीर अहमद लोन गिरफ्तार

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने हाल ही में सामने आए मेट्रो पोस्टर केस की जांच के दौरान आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े एक मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। इस मामले में कथित मुख्य हैंडलर शब्बीर अहमद लोन को गिरफ्तार किया गया है, जिसे इस नेटवर्क का अहम कड़ी माना जा रहा है।

पुलिस के अनुसार, यह मॉड्यूल दिल्ली मेट्रो परिसरों और अन्य भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर संदिग्ध और भड़काऊ पोस्टर लगाने की साजिश में शामिल था। इन पोस्टरों के माध्यम से लोगों में भय और अस्थिरता फैलाने की कोशिश की जा रही थी। जांच में सामने आया है कि इस पूरी साजिश के पीछे लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े तत्व सक्रिय थे, जिनका उद्देश्य राजधानी की शांति व्यवस्था को बाधित करना था।

तकनीकी निगरानी से मिली बड़ी सफलता

स्पेशल सेल की टीम पिछले कई हफ्तों से इस मामले पर नजर बनाए हुए थी। तकनीकी सर्विलांस, खुफिया इनपुट और डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए शब्बीर अहमद लोन की पहचान की गई। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से कई अहम डिजिटल सबूत और संदिग्ध सामग्री बरामद की गई है, जिनकी फॉरेंसिक जांच जारी है।

जांच एजेंसियों का मानना है कि लोन न केवल इस मॉड्यूल का संचालन कर रहा था, बल्कि युवाओं को कट्टरपंथ की ओर आकर्षित कर उन्हें आतंकी गतिविधियों में शामिल करने की कोशिश भी कर रहा था। उसके विदेशी संपर्कों और फंडिंग के स्रोतों की भी गहन जांच की जा रही है।

पहले भी जुड़ा रहा है आतंकी गतिविधियों से

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि शब्बीर अहमद लोन पहले भी आतंकवाद से जुड़े मामलों में शामिल रह चुका है। वह करीब 10 साल जेल में बिता चुका है और वर्ष 2019 में जमानत पर रिहा हुआ था। इसके बाद वह कथित तौर पर बांग्लादेश भाग गया था और वहीं से अपने नेटवर्क को सक्रिय रखने की कोशिश कर रहा था।

बड़े आतंकी सरगनाओं से संपर्क

जांच एजेंसियों के मुताबिक, लोन के संबंध हाफ़िज़ सईद और ज़की-उर-रहमान लखवी जैसे बड़े आतंकी सरगनाओं से जुड़े हो सकते हैं। ये दोनों 26/11 मुंबई हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल रहे हैं। हालांकि इन संबंधों की पुष्टि के लिए अभी जांच जारी है।

आठ संदिग्ध पहले ही गिरफ्तार

इससे पहले, 23 फरवरी को दिल्ली पुलिस ने इस मामले में आठ संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि ये सभी आरोपी शब्बीर अहमद लोन के साथ मिलकर काम कर रहे थे। पुलिस अब इन सभी से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या ये लोग किसी बड़े हमले की योजना बना रहे थे, खासकर ऐसे स्थानों पर जहां भारी भीड़ होती है।

अवैध नेटवर्क और भर्ती की साजिश

सूत्रों के अनुसार, लोन को भारत में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें संगठन में भर्ती करने और कट्टरपंथी बनाने का जिम्मा सौंपा गया था। वह दलालों के जरिए उन्हें फर्जी पहचान पत्र, जैसे आधार कार्ड, उपलब्ध कराने में भी शामिल था। बताया जा रहा है कि इस मॉड्यूल के सदस्यों को संभावित हमलों के लिए हथियार भी मुहैया कराए गए थे।

सुरक्षा व्यवस्था और सख्त

इस गिरफ्तारी के बाद राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। मेट्रो स्टेशनों, धार्मिक स्थलों और अन्य संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। खुफिया एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे को लेकर सतर्क हैं और लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की साजिशों को समय रहते विफल करना उनकी प्राथमिकता है। आने वाले समय में भी ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी, ताकि राजधानी और देश की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button