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Uttarakhand: ‘अग्निवीरों का भविष्य सुरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी’, मुख्यमंत्री धामी ने कैडेट्स को दिया 10% आरक्षण का भरोसा

भराड़ीसैंण (गैरसैंण): उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में देश की सेवा के लिए तैयार हो रहे अग्निवीर कैडेट्स के साथ एक आत्मीय और प्रेरणादायक संवाद किया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने न केवल कैडेट्स के कठिन सवालों के सहज उत्तर दिए, बल्कि उत्तराखंड सरकार की उन नीतियों को भी स्पष्ट किया जो पूर्व सैनिकों और भविष्य के अग्निवीरों के कल्याण के लिए बनाई गई हैं।

संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने एक बड़ा ऐलान दोहराते हुए कहा कि राज्य सरकार वर्दीधारी पदों (पुलिस, वन विभाग आदि) में अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था लागू कर चुकी है, ताकि सेवा के बाद उनका भविष्य अंधकारमय न रहे।


सैन्य अनुशासन से ‘मुख्य सेवक’ तक का सफर

संवाद की शुरुआत बेहद भावुक रही। कैडेट शंकर सिंह राणा ने जब मुख्यमंत्री से उनके सैन्य परिवार की पृष्ठभूमि पर सवाल पूछा, तो मुख्यमंत्री ने अपनी यादें साझा कीं।

मुख्यमंत्री ने कहा:

“मैं एक सैनिक का पुत्र हूँ और मैंने बचपन से ही सेना के अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को बहुत करीब से देखा है। सेना में जाना दुनिया की सबसे सम्माननीय सेवाओं में से एक है। भले ही मैं आज राजनीति में हूँ, लेकिन मैं अपने जीवन को एक अनुशासित सैनिक की तरह ही जीता हूँ। मेरे पिताजी के संस्कार ही हैं कि आज मैं प्रदेश के ‘मुख्य सेवक’ के रूप में उसी प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ देवतुल्य जनता की सेवा कर पा रहा हूँ।”

‘अग्निवीर’ योजना और भविष्य की सुरक्षा का रोडमैप

कैडेट ओ.पी. कण्डारी ने जब सेवा के बाद रोजगार को लेकर चिंता जताई, तो मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर अग्निवीरों के लिए अवसरों के द्वार खोल रही हैं।

  • 10% क्षैतिज आरक्षण: उत्तराखंड सरकार ने पुलिस और अन्य वर्दीधारी सेवाओं में अग्निवीरों को प्राथमिकता देने के लिए आरक्षण का प्रावधान किया है।

  • केंद्र सरकार का सहयोग: विभिन्न केंद्रीय बलों और सार्वजनिक उपक्रमों में भी अग्निवीरों के लिए विशेष अवसर सृजित किए जा रहे हैं।

  • सरकार की जिम्मेदारी: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “हर अग्निवीर के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना मेरी सरकार की प्राथमिकता और जिम्मेदारी है।”


‘धाकड़ धामी’ और साहसिक निर्णयों की गूँज

संवाद के दौरान रितेश पंवार नाम के कैडेट ने मुख्यमंत्री की चर्चित छवि “धाकड़ धामी” के पीछे का राज पूछा। इस पर मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा कि एक जनप्रतिनिधि को व्यवहार में सौम्य होना चाहिए, लेकिन जब बात राज्यहित की हो, तो उसे वज्र की तरह कठोर होना पड़ता है।

उन्होंने सरकार के ऐतिहासिक निर्णयों को गिनाते हुए कहा:

  1. समान नागरिक संहिता (UCC): उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना जिसने इसे लागू करने का साहस दिखाया।

  2. सख्त नकल विरोधी कानून: युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ रोकने के लिए देश का सबसे कठोर कानून लाया गया।

  3. दंगा रोधी कानून: सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की गई।


परिवार और मुस्कान का ‘सीक्रेट’

जब हिमांशु रौतेला ने पूछा कि प्रदेश की इतनी बड़ी जिम्मेदारी के बीच वे परिवार को समय कैसे दे पाते हैं, तो मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि अब पूरा प्रदेश ही उनका परिवार है और हर गाँव उनका अपना घर है। वहीं, अमन सेमवाल के ‘सदा मुस्कराते रहने’ के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता का आशीर्वाद और उनके चेहरे की खुशी ही मेरी ऊर्जा का मुख्य स्रोत है।


आत्मनिर्भर सेना और ‘सैन्यधाम’ का निर्माण

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना के बढ़ते सामर्थ्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज भारत रक्षा क्षेत्र में निर्यातक बन रहा है और हमारी सेना वैश्विक स्तर पर सबसे आधुनिक और सक्षम बनकर उभरी है।

सैन्यधाम पर अपडेट:

देहरादून में बन रहे ‘सैन्यधाम’ का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह धाम राज्य के वीर बलिदानियों की गौरवगाथाओं का साक्षी बनेगा। यहाँ उन सभी वीरों की यादों को संजोया जाएगा जिन्होंने देश की सीमाओं की रक्षा में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है।


कर्नल कोठियाल और पूर्व सैनिकों की मौजूदगी

इस विशेष संवाद कार्यक्रम में यूथ फाउंडेशन के संस्थापक कर्नल अजय कोठियाल (सेनि.) भी मौजूद रहे। उनके मार्गदर्शन में प्रशिक्षित हो रहे कैडेट्स ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी शंकाएं रखीं। मुख्यमंत्री ने पूर्व सैनिकों को अपना अभिभावक बताते हुए उनके कल्याण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

संवाद के मुख्य आकर्षण:

कैडेट का नाम प्रमुख सवाल/विषय मुख्यमंत्री का जवाब
शंकर सिंह राणा सेना में जाने की इच्छा सैनिक अनुशासन के साथ जनता की सेवा कर रहा हूँ
ओ.पी. कण्डारी सेवा के बाद रोजगार 10% क्षैतिज आरक्षण और सुरक्षित भविष्य का वादा
रितेश पंवार धाकड़ धामी की छवि राज्यहित में कठोर निर्णय (UCC, नकल विरोधी कानून)
हिमांशु रौतेला परिवार के लिए समय प्रदेश की जनता ही मेरा परिवार है

युवाओं में भरा जोश

भराड़ीसैंण की वादियों के बीच हुए इस संवाद ने आगामी अग्निवीरों में नया जोश भर दिया है। मुख्यमंत्री के आश्वासनों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उत्तराखंड सरकार सैन्य परंपराओं का सम्मान करने और युवाओं के भविष्य को संवारने के लिए पूरी तरह संकल्पित है।

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