नई दिल्ली, क्राइम डेस्क: देश की राजधानी दिल्ली का पॉश इलाका मालवीय नगर गुरुवार शाम उस वक्त दहल उठा, जब एक ही घर के भीतर दो सगी बहनों के शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद किए गए। इस सनसनीखेज घटना ने न केवल स्थानीय निवासियों को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि पुलिस प्रशासन के सामने भी कई अनुत्तरित सवाल खड़े कर दिए हैं। घर के भीतर का मंजर इतना खौफनाक था कि मौके पर पहुंची पुलिस टीम भी दंग रह गई।
घटनास्थल पर पुलिस को दोनों बहनों के शव अलग-अलग कमरों में मिले, जबकि उनकी 54 वर्षीय मां पास के ही एक कमरे में अचेत अवस्था में पड़ी थीं। आनन-फानन में मां को अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
बंद कमरे का रहस्य: शाम 6:10 बजे आई वो एक कॉल
दिल्ली पुलिस के अनुसार, गुरुवार शाम करीब 6:10 बजे मालवीय नगर थाने को एक पीसीआर कॉल प्राप्त हुई थी। फोन करने वाले पड़ोसी ने जानकारी दी कि उनके पड़ोस में रहने वाले एक परिवार का दरवाजा काफी देर से अंदर से बंद है। बार-बार खटखटाने और आवाज देने के बावजूद अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल रही थी।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए मालवीय नगर थाने की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने जब कड़ी मशक्कत के बाद घर का दरवाजा तोड़ा और अंदर दाखिल हुई, तो सामने मौत का तांडव बिखरा पड़ा था।
रूह कंपा देने वाला मंजर: एक के चेहरे पर तकिया, दूसरी फंदे पर
जांच के दौरान पुलिस को घर के अलग-अलग हिस्सों में दो युवतियों के शव मिले। प्राथमिक विवरण के अनुसार:
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बड़ी बहन (34 वर्ष): इनका शव एक कमरे में मिला, जिनके चेहरे पर तकिया रखा हुआ था। आशंका जताई जा रही है कि दम घुटने के कारण उनकी मृत्यु हुई।
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छोटी बहन (28 वर्ष): इनका शव दूसरे कमरे में फंदे से लटका हुआ पाया गया।
घर के तीसरे कमरे में उनकी 54 वर्षीय मां बेहोश पड़ी मिलीं। शुरुआती जांच और मौके के हालात को देखते हुए पुलिस को संदेह है कि मां ने पहले अपनी दोनों बेटियों की जान ली और उसके बाद खुद भी जान देने की कोशिश की। हालांकि, आधिकारिक तौर पर पुलिस अभी किसी भी नतीजे पर पहुंचने से बच रही है।
शिक्षा और संघर्ष: लॉ की छात्रा थी छोटी बेटी
मृतक बहनों की पहचान उजागर करते हुए पुलिस ने बताया कि छोटी बेटी (28) ने हाल ही में लॉ (विधि) में स्नातक की पढ़ाई पूरी की थी और अपने करियर की शुरुआत करने वाली थी। वहीं, बड़ी बेटी (34) के बारे में बताया जा रहा है कि वह पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से अस्वस्थ थीं, जिसका इलाज संभवतः घर पर ही चल रहा था।
जिस वक्त यह हृदयविदारक घटना घटी, परिवार के मुखिया यानी दोनों बेटियों के पिता घर पर मौजूद नहीं थे। वह मालवीय नगर इलाके में ही गारमेंट (कपड़ों) की एक दुकान चलाते हैं और रोज की तरह अपने काम पर गए हुए थे। शाम को जब वह वापस लौटे, तब तक उनका हंसता-खेलता परिवार बिखर चुका था।
फॉरेंसिक टीम और साक्ष्यों का संकलन
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए दिल्ली पुलिस की क्राइम टीम और एफएसएल (Forensic Science Laboratory) की टीम को तुरंत मौके पर बुलाया गया। विशेषज्ञों ने घर के हर कोने से उंगलियों के निशान (फिंगरप्रिंट्स) और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस को उम्मीद है कि घटनास्थल से मिले साक्ष्य इस गुत्थी को सुलझाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
पुलिस उपायुक्त (DCP) के मुताबिक, “मामले की हर एंगल से तफ्तीश की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक समय और कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल मां के होश में आने का इंतजार किया जा रहा है ताकि उनके बयान दर्ज किए जा सकें।”
“दिल दहला देने वाली घटना” – सतीश उपाध्याय (भाजपा)
इस दुखद घटना पर स्थानीय राजनीति और सामाजिक गलियारों में भी शोक की लहर है। मौके पर पहुंचे भाजपा विधायक सतीश उपाध्याय ने मीडिया से बात करते हुए इस घटना को अत्यंत दुखद बताया। उन्होंने कहा:
“यह बहुत ही दिल दहला देने वाली घटना है। परिवार की एक बेटी लॉ की पढ़ाई कर रही थी और दूसरी बेटी के बारे में जानकारी मिली है कि वह मानसिक रूप से परेशान थी। पुलिस अपनी कार्रवाई कर रही है और पूरी जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी। इस दुख की घड़ी में हम परिवार के साथ हैं।”
क्या यह ‘सुसाइड पैक्ट’ है या हत्या?
मालवीय नगर के इस केस ने कई पुराने मामलों की यादें ताजा कर दी हैं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या परिवार किसी गहरे आर्थिक संकट या मानसिक तनाव से गुजर रहा था। क्या यह एक ‘सुसाइड पैक्ट’ (सामूहिक आत्महत्या का समझौता) था या फिर तनाव में आकर मां ने यह खौफनाक कदम उठाया?
पड़ोसियों का कहना है कि परिवार काफी शांत स्वभाव का था और कभी किसी से उनका विवाद नहीं हुआ। ऐसे में अचानक हुई इन मौतों ने पूरे मालवीय नगर इलाके में डर और सन्नाटे का माहौल पैदा कर दिया है।
फिलहाल, दोनों बहनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस पिता और अन्य रिश्तेदारों से पूछताछ कर रही है ताकि परिवार की पृष्ठभूमि और हालिया गतिविधियों के बारे में सुराग मिल सके। दिल्ली पुलिस का कहना है कि वे पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अस्पताल में भर्ती मां के बयान को इस केस की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी मान रहे हैं।



